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एक घंटे ओपीडी में बंद रहे डॉक्टर
Unnao
Updated Thu, 24 Oct 2013 05:40 AM IST
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उन्नाव। जिला अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर साहब बुधवार दोपहर अचानक लापता हो गए। अस्पताल के कर्मचारियों ने जब उनकी खोजबीन की तो वह ओपीडी रूम में बंद मिले। शरारती तत्व उन्हें ओपीडी रूम में बाहर से बंद कर भाग निकला था। वह एक घंटा तक ओपीडी रूम में बंद रहे।
जिला अस्पताल में तैनात नाक, कान और गला के डॉक्टर पीके जोशी बुधवार को ओपीडी रूम में डॉक्टर पीबी चौहान के साथ मरीजों को देख रहे थे। दोपहर 1:30 पर मरीजों की संख्या कम होने पर डॉक्टर पीबी चौहान ओपीडी रूम से बाहर निकल गए। इस बीच किसी शरारती तत्व ने ओपीडी रूम को बाहर से बंद कर दिया। डॉक्टर पीके जोशी को दो बजे से पोस्टमार्टम हाउस में ड्यूटी करनी थी। ओपीडी रूम में बंद होने की वजह से वह पोस्टमार्टम ड्यूटी पर भी नहीं पहुंच पाए। इस बीच चिकित्साकर्मियों ने उन्हें खोजना शुरू किया। डॉक्टर जोशी को खोजते खोजते वह उनके ओपीडी रूम तक पहुंचे, जहां उन्हें ओपीडी का दरवाजा बाहर से बंद मिला। ओपीडी के अंदर से डॉक्टर पीके जोशी दरवाजा खुलवाने के लए शोर मचा रहे थे। डॉक्टर की आवाज सुनते ही चिकित्साकर्मियाें ने दरवाजा खोला और उन्हें बाहर निकाला। इस पूरे घटनाक्रम में डॉक्टर पीके जोशी लगभग एक घंटा ओपीडी रूम में बंद रहे। ओपीडी का दरवाजा खुलने के बाद वह पोस्टमार्टम ड्यूटी पर पहुंच पाए। जहां एक घंटे की देरी के बाद पोस्टमार्टम शुरू हो पाया।
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जिला अस्पताल में तैनात नाक, कान और गला के डॉक्टर पीके जोशी बुधवार को ओपीडी रूम में डॉक्टर पीबी चौहान के साथ मरीजों को देख रहे थे। दोपहर 1:30 पर मरीजों की संख्या कम होने पर डॉक्टर पीबी चौहान ओपीडी रूम से बाहर निकल गए। इस बीच किसी शरारती तत्व ने ओपीडी रूम को बाहर से बंद कर दिया। डॉक्टर पीके जोशी को दो बजे से पोस्टमार्टम हाउस में ड्यूटी करनी थी। ओपीडी रूम में बंद होने की वजह से वह पोस्टमार्टम ड्यूटी पर भी नहीं पहुंच पाए। इस बीच चिकित्साकर्मियों ने उन्हें खोजना शुरू किया। डॉक्टर जोशी को खोजते खोजते वह उनके ओपीडी रूम तक पहुंचे, जहां उन्हें ओपीडी का दरवाजा बाहर से बंद मिला। ओपीडी के अंदर से डॉक्टर पीके जोशी दरवाजा खुलवाने के लए शोर मचा रहे थे। डॉक्टर की आवाज सुनते ही चिकित्साकर्मियाें ने दरवाजा खोला और उन्हें बाहर निकाला। इस पूरे घटनाक्रम में डॉक्टर पीके जोशी लगभग एक घंटा ओपीडी रूम में बंद रहे। ओपीडी का दरवाजा खुलने के बाद वह पोस्टमार्टम ड्यूटी पर पहुंच पाए। जहां एक घंटे की देरी के बाद पोस्टमार्टम शुरू हो पाया।
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