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बच्चे भी खोज रहे खजाना!
Unnao
Updated Thu, 24 Oct 2013 05:41 AM IST
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भगवंतनगर (उन्नाव)। जब से डौंडिया खेड़ा में खजाने की खोज शुरू हुई है। बच्चे छुपा-छुपी भूल खजाना खोजने का खेल, खेल रहे हैं। सोने के सिक्के की बनावट वाली चॉकलेट इन दिनों बच्चों की पहली पसंद बनी है। बच्चे उससे खेलने के बाद खाते हैं।
सिविल लाइंस निवासी ललित कांत बताते हैं कि उनका चार साल का बेटा अभिराज न्यूज चैनल देखकर खुद भी खजाना खोजने लगा है। बताया कि उनका बेटा बिस्तर के नीचे कुछ छिपा देता है फिर उन्हें निकाल कर बताता है कि पापा देखों मैंने खोज लिया खजाना। आवास विकास कालोनी निवासी प्रसून शुक्ला का बेटा भी इन दिनों कुछ ऐसे ही खेल खेल रहा है। सिविल लाइंस निवासी गोपाल मिश्रा के बेटे अवी और रिषी भी इन दिनों छुपा-छुपी और दूसरे खेल छोड़ पौधों के गमले की मिट्टी में सिक्के छिपाने के बाद उन्हें खोजने का खेल खेलते हैं। अनिल गुप्ता बताते हैं जब से डौंडिया खेड़ा में खजाने की खबर सुर्खियों में आई सिक्के जैसी दिखने वाली चॉकलेट उनके बेटे मन की पहली पसंद बन गई है।
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सिविल लाइंस निवासी ललित कांत बताते हैं कि उनका चार साल का बेटा अभिराज न्यूज चैनल देखकर खुद भी खजाना खोजने लगा है। बताया कि उनका बेटा बिस्तर के नीचे कुछ छिपा देता है फिर उन्हें निकाल कर बताता है कि पापा देखों मैंने खोज लिया खजाना। आवास विकास कालोनी निवासी प्रसून शुक्ला का बेटा भी इन दिनों कुछ ऐसे ही खेल खेल रहा है। सिविल लाइंस निवासी गोपाल मिश्रा के बेटे अवी और रिषी भी इन दिनों छुपा-छुपी और दूसरे खेल छोड़ पौधों के गमले की मिट्टी में सिक्के छिपाने के बाद उन्हें खोजने का खेल खेलते हैं। अनिल गुप्ता बताते हैं जब से डौंडिया खेड़ा में खजाने की खबर सुर्खियों में आई सिक्के जैसी दिखने वाली चॉकलेट उनके बेटे मन की पहली पसंद बन गई है।
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