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कोरोना का घर पर इलाज करा रहे 68 मरीज स्वस्थ
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उन्नाव। कोरोना के हल्के लक्षण मिलने वाले होम आइसोलेट मरीजों में 68 की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं होम आइसोलेट 217 मरीजों में 10 की हालत बिगड़ने पर उन्हें कोविड अस्पताल शिफ्ट किया गया है। जबकि 207 मरीज अभी भी होम आइसोलेट हैं।
कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शासन ने ऐसे मरीज जिनको सांस लेने में दिक्कत, सीने में दबाव, मानसिक दबाव, चेहरे व होठ पर नीलापन की शिकायत हो उन्हें होम आइसोलेट करने के निर्देश दिए थे। जिले में स्वास्थ्य टीम ने 285 मरीजों को होम आइसोलेट किया था। जिसमें अब तक 68 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। इनकी दूसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई है। 217 मरीजों का घर पर अभी इलाज चल रहा है। इसमें 10 मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें होम आइसोलशन से कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की दस दिन तक निगरानी की जाती है। इस दौरान बुखार व सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं होने पर मरीज को निगेटिव मान लिया जाता है। इसके बाद भी सात दिनों तक संदिग्ध को होम क्वारंटाइन रहना होता है। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मरीज को गर्म पानी, काढ़ा, दाल, दूध व हरी सब्जी दी जाती है। आइसोलेशन से लेकर होम क्वारंटाइन तक मरीज को थ्री लेयर मास्क पहनना अनिवार्य होता है। बार-बार हाथ धुलने, नाक-आंख पर हाथ न लगाने व शारीरिक दूरी बनाए रखने के नियमों का भी पालन किया जाता है।
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कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शासन ने ऐसे मरीज जिनको सांस लेने में दिक्कत, सीने में दबाव, मानसिक दबाव, चेहरे व होठ पर नीलापन की शिकायत हो उन्हें होम आइसोलेट करने के निर्देश दिए थे। जिले में स्वास्थ्य टीम ने 285 मरीजों को होम आइसोलेट किया था। जिसमें अब तक 68 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। इनकी दूसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई है। 217 मरीजों का घर पर अभी इलाज चल रहा है। इसमें 10 मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें होम आइसोलशन से कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की दस दिन तक निगरानी की जाती है। इस दौरान बुखार व सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं होने पर मरीज को निगेटिव मान लिया जाता है। इसके बाद भी सात दिनों तक संदिग्ध को होम क्वारंटाइन रहना होता है। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मरीज को गर्म पानी, काढ़ा, दाल, दूध व हरी सब्जी दी जाती है। आइसोलेशन से लेकर होम क्वारंटाइन तक मरीज को थ्री लेयर मास्क पहनना अनिवार्य होता है। बार-बार हाथ धुलने, नाक-आंख पर हाथ न लगाने व शारीरिक दूरी बनाए रखने के नियमों का भी पालन किया जाता है।
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