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चुनावी आचार संहिता में ‘फंसे’ 1.41 लाख अन्नदाता
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उन्नाव। लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता में एक लाख से अधिक किसान फंस गए हैं। इनमें किसान सम्मान निधि और कर्ज माफी योजना से लाभांवित होने वाले किसान शामिल हैं। दोनों ही योजनाओं में किसानों का आखिरी सत्यापन न हो पाने के कारण अब इन्हें चुनावी प्रक्रिया तक लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है।
1 फरवरी को पेश किए गए बजट में मोदी सरकार ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इसके तहत 2 हेक्टेयर अथवा अधिकतम आठ बीघे खेती वाले किसानों को सालाना छह हजार रुपये दिए जाने है। हर चार माह में 2 हजार रुपये की किस्त किसान के खाते में भेजी जाएगी। पहले चरण में 1.64 लाख किसानों के खातों में 24 फरवरी को पहली किस्त के रुप में 2 हजार रुपये पहुंचाए जा चुके हैं। इसके बाद शेष बचे किसानों की फीडिंग और उनके खाते में पैसा पहुंचाने की कवायद में अधिकारी जुटे रहे।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अधिकारियों ने जिले में 4 लाख 12 हजार किसानों का बैंक व आधार का डेटा विभागीय वेबसाइट पर फीड कर दिया था। आचार संहिता लागू होने से पहले तक 2 लाख 71 हजार 604 किसानों का डेटा फिल्टर होकर प्रशासन के पास पहुंच चुका था। शेष 1 लाख 40 हजार 396 किसानों का काम पूरा नहीं हो पाया। जानकारों की मानें तो आचार संहिता लागू होने से अब इन कृषकों के खातों में 2 हजार रुपये पहुंचना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा प्रदेश सरकार कर्ज माफी योजना में भी 736 किसानों की धनराशि फंस गई है। कृषि विभाग ने इन किसानों की मांग का पत्र बनाकर शासन को भेज दिया था। प्रदेश सरकार मांगपत्र को मंजूरी देती उससे पहले ही आचार संहिता लागू हो गई। अब इन कृषकों का कर्जा माफ होने पर संशय हैं।
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कोट
उपकृषि निदेशक डा. नंदकिशोर ने बताया कि कुल 4 लाख 12 हजार किसानों का डेटा फीड किया गया था। अब तक 2 लाख 71 हजार 604 का ही डेटा केंद्र सरकार से फिल्टर (जांच) होकर आया है।
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1 फरवरी को पेश किए गए बजट में मोदी सरकार ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इसके तहत 2 हेक्टेयर अथवा अधिकतम आठ बीघे खेती वाले किसानों को सालाना छह हजार रुपये दिए जाने है। हर चार माह में 2 हजार रुपये की किस्त किसान के खाते में भेजी जाएगी। पहले चरण में 1.64 लाख किसानों के खातों में 24 फरवरी को पहली किस्त के रुप में 2 हजार रुपये पहुंचाए जा चुके हैं। इसके बाद शेष बचे किसानों की फीडिंग और उनके खाते में पैसा पहुंचाने की कवायद में अधिकारी जुटे रहे।
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कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अधिकारियों ने जिले में 4 लाख 12 हजार किसानों का बैंक व आधार का डेटा विभागीय वेबसाइट पर फीड कर दिया था। आचार संहिता लागू होने से पहले तक 2 लाख 71 हजार 604 किसानों का डेटा फिल्टर होकर प्रशासन के पास पहुंच चुका था। शेष 1 लाख 40 हजार 396 किसानों का काम पूरा नहीं हो पाया। जानकारों की मानें तो आचार संहिता लागू होने से अब इन कृषकों के खातों में 2 हजार रुपये पहुंचना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा प्रदेश सरकार कर्ज माफी योजना में भी 736 किसानों की धनराशि फंस गई है। कृषि विभाग ने इन किसानों की मांग का पत्र बनाकर शासन को भेज दिया था। प्रदेश सरकार मांगपत्र को मंजूरी देती उससे पहले ही आचार संहिता लागू हो गई। अब इन कृषकों का कर्जा माफ होने पर संशय हैं।
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उपकृषि निदेशक डा. नंदकिशोर ने बताया कि कुल 4 लाख 12 हजार किसानों का डेटा फीड किया गया था। अब तक 2 लाख 71 हजार 604 का ही डेटा केंद्र सरकार से फिल्टर (जांच) होकर आया है।