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कोरोना से पति की मौत से दुखी पत्नी खुद को आग लगा छत से कूदी
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सुल्तानपुर। कोरोना से पति की मौत होने के बाद अवसाद में चल रही एक महिला ने रविवार की सुबह खुद को आग के हवाले कर दिया। आग की तपिश बढ़ने पर महिला छत से नीचे कूद गई।
पड़ोसियों ने किसी तरह से आग पर काबू पाया और उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने निरीक्षण कर शव कब्जे में ले लिया।
घटना के वक्त महिला अपने दामाद के साथ घर में थी। उसकी छोटी बेटी अपनी बड़ी बहन के साथ कानपुर उसकी ससुराल गई थी।
यह घटना शहर की पंजाबी कॉलोनी में हुई। कॉलोनी निवासी अमरजीत बग्गा (52) करीब दो माह पहले कोरोना संक्रमित हो गए थे। कोरोना संक्रमण के बाद उन्हें एल-2 हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां हालत में सुधार नहीं होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया था।
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करीब एक माह पहले उनकी मौत हो गई थी। अमरजीत की मौत से उनकी पत्नी बलविंदर उर्फ रोजी बग्गा (48) अवसाद में चल रही थीं। अमरजीत की मौत के बाद उनकी बड़ी बेटी जसप्रीत कानपुर निवासी पति मंदीप पाहवा के साथ घर आई थी।
मां की हालत में सुधार होने पर जसप्रीत अपनी छोटी बहन जनप्रीत उर्फ निक्की को साथ लेकर अपनी ससुराल कानपुर चली गई, जबकि मंदीप अपनी सास की देखभाल के लिए यहीं रुक गए। रविवार की सुबह मंदीप अपने कमरे में सो रहे थे, जबकि उनकी सास दूसरे कमरे में थीं।
करीब छह बजे बलविंदर उर्फ रोजी छत पर पहुंची और शरीर पर केरोसिन छिड़ककर खुद को आग लगा ली। आग की तपिश बढ़ने पर बलविंदर ने छत से ही बाहर सड़क पर छलांग लगा दी।
बलविंदर जब घर के बाहर सड़क पर गिरी तो आस-पास के लोगों को इसकी जानकारी हुई। शोर मचाते हुए पड़ोसियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया।
घर में सो रहे मंदीप भी जागकर नीचे पहुंचे और सास को स्थानीय लोगों की मदद से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सक ने बलविंदर उर्फ रोजी को मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
सूचना के बाद पहुंचे कोतवाल ने घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया।
बलविंदर उर्फ रोजी की मौत की सूचना मिलते ही घर पर महेंद्र पाल सिंह, सत्यपाल सिंह, सतनाम सिंह, हरचरन सिंह, कुलदीप सिंह, सत्यप्रीत सिंह समेत कई लोग पहुंच गए।
लोगों ने मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। अमरजीत सिंह के बड़े भाई जनक सिंह ने परिवारीजनों के साथ शव का शहर के हथियानाला स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। इस मौके पर उनके दामाद मंदीप पाहवा, तेजिंदर सिंह बग्गा समेत कई लोग मौजूद रहे।
ऑटो पार्ट्स के कारोबारी थे अमरजीत
सुल्तानपुर। सपा नेता तेजिंदर सिंह बग्गा ने बताया कि उनके मामा अमरजीत जीआईसी स्कूल के पास ऑटो पार्ट्स की दुकान करते थे। अमरजीत काफी मिलनसार थे। उनके मामा को कोरोना हो
गया था। उपचार के दौरान ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में उनकी मौत हो गई थी। मामा की मौत के बाद से ही मामी बलविंदर उर्फ रोजी अवसाद में चल रही थीं।
अमरजीत की बड़ी बेटी जसप्रीत गर्भवती हैं। जसप्रीत की देखभाल के लिए उसकी छोटी बहन जनप्रीत उर्फ निक्की उसके साथ कानपुर गई है।
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पड़ोसियों ने किसी तरह से आग पर काबू पाया और उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने निरीक्षण कर शव कब्जे में ले लिया।
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घटना के वक्त महिला अपने दामाद के साथ घर में थी। उसकी छोटी बेटी अपनी बड़ी बहन के साथ कानपुर उसकी ससुराल गई थी।
यह घटना शहर की पंजाबी कॉलोनी में हुई। कॉलोनी निवासी अमरजीत बग्गा (52) करीब दो माह पहले कोरोना संक्रमित हो गए थे। कोरोना संक्रमण के बाद उन्हें एल-2 हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां हालत में सुधार नहीं होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया था।
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करीब एक माह पहले उनकी मौत हो गई थी। अमरजीत की मौत से उनकी पत्नी बलविंदर उर्फ रोजी बग्गा (48) अवसाद में चल रही थीं। अमरजीत की मौत के बाद उनकी बड़ी बेटी जसप्रीत कानपुर निवासी पति मंदीप पाहवा के साथ घर आई थी।
मां की हालत में सुधार होने पर जसप्रीत अपनी छोटी बहन जनप्रीत उर्फ निक्की को साथ लेकर अपनी ससुराल कानपुर चली गई, जबकि मंदीप अपनी सास की देखभाल के लिए यहीं रुक गए। रविवार की सुबह मंदीप अपने कमरे में सो रहे थे, जबकि उनकी सास दूसरे कमरे में थीं।
करीब छह बजे बलविंदर उर्फ रोजी छत पर पहुंची और शरीर पर केरोसिन छिड़ककर खुद को आग लगा ली। आग की तपिश बढ़ने पर बलविंदर ने छत से ही बाहर सड़क पर छलांग लगा दी।
बलविंदर जब घर के बाहर सड़क पर गिरी तो आस-पास के लोगों को इसकी जानकारी हुई। शोर मचाते हुए पड़ोसियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया।
घर में सो रहे मंदीप भी जागकर नीचे पहुंचे और सास को स्थानीय लोगों की मदद से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सक ने बलविंदर उर्फ रोजी को मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
सूचना के बाद पहुंचे कोतवाल ने घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया।
बलविंदर उर्फ रोजी की मौत की सूचना मिलते ही घर पर महेंद्र पाल सिंह, सत्यपाल सिंह, सतनाम सिंह, हरचरन सिंह, कुलदीप सिंह, सत्यप्रीत सिंह समेत कई लोग पहुंच गए।
लोगों ने मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। अमरजीत सिंह के बड़े भाई जनक सिंह ने परिवारीजनों के साथ शव का शहर के हथियानाला स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। इस मौके पर उनके दामाद मंदीप पाहवा, तेजिंदर सिंह बग्गा समेत कई लोग मौजूद रहे।
ऑटो पार्ट्स के कारोबारी थे अमरजीत
सुल्तानपुर। सपा नेता तेजिंदर सिंह बग्गा ने बताया कि उनके मामा अमरजीत जीआईसी स्कूल के पास ऑटो पार्ट्स की दुकान करते थे। अमरजीत काफी मिलनसार थे। उनके मामा को कोरोना हो
गया था। उपचार के दौरान ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में उनकी मौत हो गई थी। मामा की मौत के बाद से ही मामी बलविंदर उर्फ रोजी अवसाद में चल रही थीं।
अमरजीत की बड़ी बेटी जसप्रीत गर्भवती हैं। जसप्रीत की देखभाल के लिए उसकी छोटी बहन जनप्रीत उर्फ निक्की उसके साथ कानपुर गई है।