{"_id":"64bad850136fdc469b041214","slug":"transfer-of-bail-application-of-fake-trainee-inspector-sultanpur-news-c-103-1-slko1046-753-2023-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: फर्जी प्रशिक्षु दरोगा की जमानत अर्जी ट्रांसफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: फर्जी प्रशिक्षु दरोगा की जमानत अर्जी ट्रांसफर
Sat, 22 Jul 2023 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 22 Jul 2023 12:41 AM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। फर्जीवाड़ा से दरोगा का प्रशिक्षण लेने के आरोप में जेल में निरुद्ध आरोपी की जमानत अर्जी शुक्रवार को जिला जज जय प्रकाश पांडेय ने एससी-एसटी की विशेष अदालत में ट्रांसफर कर दी। कोर्ट ने आरोपी ध्रुव चौधरी की जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 24 जुलाई की तिथि नियत की है। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कराया था।
डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र के मुताबिक मथुरा जिले के नौहझील थाने के घड़ी सामंता गांव निवासी ध्रुव चौधरी के खिलाफ सात जुलाई को उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ के सीओ सैय्यद मोहम्मद असगर ने कोतवाली नगर में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था।
आरोप है कि ध्रुव चौधरी फर्जीवाड़ा करके दरोगा के पद पर चयनित हो गया था और पुलिस प्रशिक्षण केंद्र दादूपुर अमहट में प्रशिक्षण ले रहा था। यह भी आरोप है कि ध्रुव की जगह किसी अन्य व्यक्ति ने परीक्षा दी थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रशिक्षण ले रहे अभ्यर्थियों का बायोमीट्रिक सत्यापन हो रहा था।
विज्ञापन
उस दौरान ध्रुव चौधरी के बाएं अंगूठे का निरीक्षण किया गया तो पाया गया कि अंगूठे पर बारीक परत का स्किननुमा किसी अन्य व्यक्ति के निशानी अंगूठे का क्लोन लगाया गया है। पूछताछ करने पर ध्रुव अंगूठे से क्लोन को खुरचकर उतारने का प्रयास करने लगा था। इस पर पुलिस टीम ने ध्रुव के अंगूठे से क्लोन को उतारा था। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया था।
विज्ञापन
डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र के मुताबिक मथुरा जिले के नौहझील थाने के घड़ी सामंता गांव निवासी ध्रुव चौधरी के खिलाफ सात जुलाई को उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ के सीओ सैय्यद मोहम्मद असगर ने कोतवाली नगर में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था।
विज्ञापन
आरोप है कि ध्रुव चौधरी फर्जीवाड़ा करके दरोगा के पद पर चयनित हो गया था और पुलिस प्रशिक्षण केंद्र दादूपुर अमहट में प्रशिक्षण ले रहा था। यह भी आरोप है कि ध्रुव की जगह किसी अन्य व्यक्ति ने परीक्षा दी थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रशिक्षण ले रहे अभ्यर्थियों का बायोमीट्रिक सत्यापन हो रहा था।
विज्ञापन
उस दौरान ध्रुव चौधरी के बाएं अंगूठे का निरीक्षण किया गया तो पाया गया कि अंगूठे पर बारीक परत का स्किननुमा किसी अन्य व्यक्ति के निशानी अंगूठे का क्लोन लगाया गया है। पूछताछ करने पर ध्रुव अंगूठे से क्लोन को खुरचकर उतारने का प्रयास करने लगा था। इस पर पुलिस टीम ने ध्रुव के अंगूठे से क्लोन को उतारा था। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया था।