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Sultanpur News: मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई थ्रोम्बोलिसिस की सुविधा
Fri, 20 Jun 2025 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 20 Jun 2025 12:14 AM IST
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सुल्तानपुर। हृदय रोगियों के लिए राहत भरी खबर है। अब हार्ट अटैक के मरीजों का मेडिकल कॉलेज में ही इलाज संभव होगा। थ्रोम्बोलिसिस की सुविधा शुरू होने से गंभीर मरीज प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किए जा सकेंगे। इससे काफी हद तक मरीज का खतरा टल जाता है। मरीजों को लगने वाला इंजेक्शन मेडिकल कॉलेज में निशुल्क दिया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि हार्ट के मरीजों के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने एक पैनल बनाया है। इसमें सुल्तानपुर को भी शामिल किया गया है। मेडिकल कॉलेज में हार्ट अटैक के मरीज का ब्योरा ग्रुप में डालते ही उसका ईसीजी किया जाएगा। 10 मिनट में उसका फॉर्मेट तैयार कर डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ में बने हब को भेज दिया जाएगा। जिससे थोड़े समय में ही मरीज की रिपोर्ट आ जाएगी। रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर चिकित्सक उसका थ्रोम्बोलिसिस करेंगे। काफी हद तक मरीज का खतरा टल जाता है।
मरीज को आगे की चिकित्सा की आवश्यकता होने पर एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ में बनेे अपने हब में भेज देंगे। इस मर्ज में लगने वाले इंजेक्शन की कीमत लगभग 40 हजार रुपये है, लेकिन यह मेडिकल कॉलेज में निशुल्क दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. अविनाश गुप्ता ने बताया कि अभी तक दो मरीजों का थ्रोम्बोलिसिस किया गया है।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि हार्ट के मरीजों के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने एक पैनल बनाया है। इसमें सुल्तानपुर को भी शामिल किया गया है। मेडिकल कॉलेज में हार्ट अटैक के मरीज का ब्योरा ग्रुप में डालते ही उसका ईसीजी किया जाएगा। 10 मिनट में उसका फॉर्मेट तैयार कर डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ में बने हब को भेज दिया जाएगा। जिससे थोड़े समय में ही मरीज की रिपोर्ट आ जाएगी। रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर चिकित्सक उसका थ्रोम्बोलिसिस करेंगे। काफी हद तक मरीज का खतरा टल जाता है।
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मरीज को आगे की चिकित्सा की आवश्यकता होने पर एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ में बनेे अपने हब में भेज देंगे। इस मर्ज में लगने वाले इंजेक्शन की कीमत लगभग 40 हजार रुपये है, लेकिन यह मेडिकल कॉलेज में निशुल्क दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. अविनाश गुप्ता ने बताया कि अभी तक दो मरीजों का थ्रोम्बोलिसिस किया गया है।
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