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साढ़े 34 लाख रुपये के घोटाले में इसरौली ग्राम प्रधान के अधिकार सीज
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सुल्तानपुर। कुड़वार विकास खंड के इसरौली ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में हुए करीब साढ़े 34 लाख रुपए की घोटाले में डीएम ने आरोपी ग्राम प्रधान का अधिकार सीज कर दिया है। अधिकार प्रतिबंधित करते हुए अंतिम जांच के लिए अधिकारियों की दो सदस्यीय टीम कर दी है। साथ ही ग्राम पंचायतों के कार्य संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का निर्देश दिया गया है।
जिलाधिकारी सी. इंदुमती ने शिकायत पर कुड़वार के इसरौली ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में हुए गड़बड़ी के आरोपों की जांच कराने का निर्देश दिया था। जांच के लिए डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को नामित किया था।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की जांच में सोलर लाइट, पत्थर पटिया खरीद, स्ट्रीट लाइट, खड़ंजा-नाली निर्माण, ह्यूम पाइप, शौचालय, हैंडपंप मरम्मत समेत अन्य कार्यों में 34 लाख 41 हजार के शासकीय धनराशि की दुरुपयोग पाया गया था।
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जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने नोटिस जारी करते हुए आरोपी ग्राम प्रधान संगीता व ग्राम पंचायत सचिव महिमा सिंह ने स्पष्टीकरण मांगा था। जिला पंचायतराज अधिकारी के मुताबिक स्पष्टीकरण सही नहीं पाया गया।
जवाब सही नहीं मिलने पर जिला मजिस्ट्रेट ने सोमवार को साढ़े 34 लाख रुपये की धनराशि में घोटाले पर प्रधान संगीता का वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित कर दिया। ग्राम प्रधान का अधिकार सीज करते हुए डीएम ने ग्राम पंचायतों के कार्य संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का निर्देश डीपीआरओ को दिया है।
साथ ही गड़बड़ी की अंतिम जांच के लिए अधिकारियों की दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। डीएम ने जांच के लिए जिला प्रशिक्षण अधिकारी व अधिशाषी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को नामित किया है।
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जिलाधिकारी सी. इंदुमती ने शिकायत पर कुड़वार के इसरौली ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में हुए गड़बड़ी के आरोपों की जांच कराने का निर्देश दिया था। जांच के लिए डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को नामित किया था।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की जांच में सोलर लाइट, पत्थर पटिया खरीद, स्ट्रीट लाइट, खड़ंजा-नाली निर्माण, ह्यूम पाइप, शौचालय, हैंडपंप मरम्मत समेत अन्य कार्यों में 34 लाख 41 हजार के शासकीय धनराशि की दुरुपयोग पाया गया था।
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जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने नोटिस जारी करते हुए आरोपी ग्राम प्रधान संगीता व ग्राम पंचायत सचिव महिमा सिंह ने स्पष्टीकरण मांगा था। जिला पंचायतराज अधिकारी के मुताबिक स्पष्टीकरण सही नहीं पाया गया।
जवाब सही नहीं मिलने पर जिला मजिस्ट्रेट ने सोमवार को साढ़े 34 लाख रुपये की धनराशि में घोटाले पर प्रधान संगीता का वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित कर दिया। ग्राम प्रधान का अधिकार सीज करते हुए डीएम ने ग्राम पंचायतों के कार्य संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का निर्देश डीपीआरओ को दिया है।
साथ ही गड़बड़ी की अंतिम जांच के लिए अधिकारियों की दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। डीएम ने जांच के लिए जिला प्रशिक्षण अधिकारी व अधिशाषी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को नामित किया है।