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देने थे स्मार्टफोन, बांट दिए टैबलेट
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सुल्तानपुर। टैबलेट और स्मार्टफोन के वितरण में बड़ी चूक सामने आई है। कुछ विद्यालयों को स्मार्ट फोन वितरित किए जाने थे लेकिन उन्हें टैबलेट दे दिए गए। कुछ विद्यालयों में उनका वितरण भी हो गया। गलती का अहसास होने पर टैबलेट को वापस मंगाकर स्मार्टफोन वितरित किए गए।
मेधावी विद्यार्थियों को हाईटेक बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने टैबलेट व स्मार्टफोन के वितरण की योजना लागू की है। योजना में जिले के लगभग 90 हजार विद्यार्थियों को टैबलेट व स्मार्टफोन मिलना है। योजना के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को स्मार्टफोन वितरित किया जाना था लेकिन कुछ बीएड संस्थानों को टैबलेट वितरित कर दिया गया। कुछ जगहों पर विद्यार्थियों में टैबलेट का वितरण भी कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि बीएड को स्नातक स्तर पर ही रखा गया है।
गलती का अहसास होने पर प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों से टैबलेट रिकवर कराते हुए उन्हें स्मार्टफोन वितरित किया। वहीं, कुछ शिक्षण संस्थानों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को स्मार्टफोन आवंटित कर दिए गए, जबकि नियमानुसार पहले तृतीय वर्ष, फिर द्वितीय वर्ष और इसके बाद प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को स्मार्टफोन दिए जाने थे। इन विद्यालयों में भी आवंटित किए गए स्मार्टफोन व टैबलेट को वापस मंगाया जा रहा है।
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बिना मैपिंग के नहीं होगा वितरण
शिक्षण संस्थानों को आवंटित किए स्मार्ट फोन व टैबलेट की मैपिंग की जाएगी। इसके बाद इसकी सूचना एनआईसी को भेजनी होगी। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज पांडेय ने बताया कि मैपिंग का जिम्मा शिक्षण संस्थानों का है। बिना मैपिंग कराए और एनआईसी से अप्रूव कराए वितरण नहीं किया जाएगा। जनपद में लगभग 90 हजार की डिमांड के सापेक्ष पहले चरण में 31 हजार टैबलेट व स्मार्ट फोन प्राप्त हुए हैं। इनका वितरण कराया जा रहा है।
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मेधावी विद्यार्थियों को हाईटेक बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने टैबलेट व स्मार्टफोन के वितरण की योजना लागू की है। योजना में जिले के लगभग 90 हजार विद्यार्थियों को टैबलेट व स्मार्टफोन मिलना है। योजना के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को स्मार्टफोन वितरित किया जाना था लेकिन कुछ बीएड संस्थानों को टैबलेट वितरित कर दिया गया। कुछ जगहों पर विद्यार्थियों में टैबलेट का वितरण भी कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि बीएड को स्नातक स्तर पर ही रखा गया है।
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गलती का अहसास होने पर प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों से टैबलेट रिकवर कराते हुए उन्हें स्मार्टफोन वितरित किया। वहीं, कुछ शिक्षण संस्थानों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को स्मार्टफोन आवंटित कर दिए गए, जबकि नियमानुसार पहले तृतीय वर्ष, फिर द्वितीय वर्ष और इसके बाद प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को स्मार्टफोन दिए जाने थे। इन विद्यालयों में भी आवंटित किए गए स्मार्टफोन व टैबलेट को वापस मंगाया जा रहा है।
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बिना मैपिंग के नहीं होगा वितरण
शिक्षण संस्थानों को आवंटित किए स्मार्ट फोन व टैबलेट की मैपिंग की जाएगी। इसके बाद इसकी सूचना एनआईसी को भेजनी होगी। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज पांडेय ने बताया कि मैपिंग का जिम्मा शिक्षण संस्थानों का है। बिना मैपिंग कराए और एनआईसी से अप्रूव कराए वितरण नहीं किया जाएगा। जनपद में लगभग 90 हजार की डिमांड के सापेक्ष पहले चरण में 31 हजार टैबलेट व स्मार्ट फोन प्राप्त हुए हैं। इनका वितरण कराया जा रहा है।