{"_id":"63503a8a947402747a398155","slug":"life-imprisonment-and-50-thousand-rupees-fine-for-the-rapist-sultanpur-news-lko653652692","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्मी को उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुष्कर्मी को उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। दशहरा का मेला देखने गई पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के मामले में बुधवार को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पवन कुमार शर्मा ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माना की 75 फीसदी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है। मामला अमेठी जिले के जगदीशपुर थाने से जुड़ा है।
विशेष लोक अभियोजक सीएल द्विवेदी के मुताबिक जगदीशपुर थाने के एक गांव की अनुसूचित जाति की पांच वर्षीय बच्ची 15 अक्तूबर 2021 को अपनी मां के साथ जगदीशपुर का दशहरा का मेला देखने गई थी। वहां पर गांव का ही चंद्रदेव उर्फ चंदई कहार बच्ची को बालपट्टा (हेयर बैंड) दिलाने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गया था। आरोपी ने बच्ची को पुल के पास ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। घर पहुंचने पर बच्ची ने मां को घटना के बारे में बताया था।
दूसरे दिन पीड़िता की मां बच्ची को इलाज कराने के लिए सीएचसी ले गई और आरोपी चंद्रदेव उर्फ चंदई कहार के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से घटना को साबित करने के लिए पांच गवाह कोर्ट में पेश किए गए। बुधवार को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पवन कुमार शर्मा ने अभियुक्त चंद्रदेव उर्फ चंदई कहार को दोषी मानते हुए उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित कर जेल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने जुर्माना की 75 फीसदी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
11 माह में सुनाया फैसला
पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला 19 नवंबर 2021 को कोर्ट में पंजीकृत किया गया था। 24 मार्च 2022 को अभियुक्त के खिलाफ आरोप (चार्ज) तय किया गया था। सरकारी वकील सीएल द्विवेदी ने बताया कि कोर्ट ने 27 मई 2022, चार जून, एक जुलाई, 18 जुलाई, 26 जुलाई व पांच अगस्त 2022 को गवाहों का साक्ष्य दर्ज किया था। कोर्ट ने पिछले 14 व 17 अक्तूबर को बहस सुनी थी। उन्होंने बताया कि अदालत ने त्वरित गति से महज 11 माह में सुनवाई कर बुधवार को फैसला सुना दिया। सुनवाई के दौरान अभियुक्त को कोर्ट से जमानत भी नहीं मिल पाई थी।
विज्ञापन
विशेष लोक अभियोजक सीएल द्विवेदी के मुताबिक जगदीशपुर थाने के एक गांव की अनुसूचित जाति की पांच वर्षीय बच्ची 15 अक्तूबर 2021 को अपनी मां के साथ जगदीशपुर का दशहरा का मेला देखने गई थी। वहां पर गांव का ही चंद्रदेव उर्फ चंदई कहार बच्ची को बालपट्टा (हेयर बैंड) दिलाने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गया था। आरोपी ने बच्ची को पुल के पास ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। घर पहुंचने पर बच्ची ने मां को घटना के बारे में बताया था।
विज्ञापन
दूसरे दिन पीड़िता की मां बच्ची को इलाज कराने के लिए सीएचसी ले गई और आरोपी चंद्रदेव उर्फ चंदई कहार के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से घटना को साबित करने के लिए पांच गवाह कोर्ट में पेश किए गए। बुधवार को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पवन कुमार शर्मा ने अभियुक्त चंद्रदेव उर्फ चंदई कहार को दोषी मानते हुए उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित कर जेल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने जुर्माना की 75 फीसदी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
11 माह में सुनाया फैसला
पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला 19 नवंबर 2021 को कोर्ट में पंजीकृत किया गया था। 24 मार्च 2022 को अभियुक्त के खिलाफ आरोप (चार्ज) तय किया गया था। सरकारी वकील सीएल द्विवेदी ने बताया कि कोर्ट ने 27 मई 2022, चार जून, एक जुलाई, 18 जुलाई, 26 जुलाई व पांच अगस्त 2022 को गवाहों का साक्ष्य दर्ज किया था। कोर्ट ने पिछले 14 व 17 अक्तूबर को बहस सुनी थी। उन्होंने बताया कि अदालत ने त्वरित गति से महज 11 माह में सुनवाई कर बुधवार को फैसला सुना दिया। सुनवाई के दौरान अभियुक्त को कोर्ट से जमानत भी नहीं मिल पाई थी।