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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   Abnormalities in blood banks

ब्लड बैंक में गड़बड़ियां

Thu, 13 Aug 2015 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अमेठी
अमर उजाला ब्यूरो/अमेठी Updated Thu, 13 Aug 2015 11:19 PM IST
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शासन के निर्देश पर औषधि अनुज्ञापन एवं नियंत्रण प्राधिकारी उत्तर प्रदेश की ओर से नामित टीम के औचक निरीक्षण में संजय गांधी अस्पताल के ब्लड बैंक में भारी खामियां पाई गई हैं। निरीक्षण में ब्लड बैंक का लाइसेंस 2012 से समाप्त मिला है।

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वहां रखे गए इमरजेंसी इंजेक्शन, दवाएं व ब्लड निकालने में प्रयोग किए जाने वाले उपकरण भी एक्सपायर मिले। टीम की अगुवाई कर रहे बाराबंकी के ड्रग निरीक्षक ने रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही है।
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शासन के निर्देश पर औषधि अनुज्ञापन एवं नियंत्रक प्राधिकारी उत्तर प्रदेश एके मल्होत्रा और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश की ओर से समस्त मंडलों के सहायक आयुक्त औषधि को पत्र भेजकर मंडलीय औषधि निरीक्षकों का दल बनाकर सात अगस्त से 13 अगस्त तक जिलों में संचालित ब्लड बैंकों का निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है।
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आदेश के क्रम में गुरुवार को ड्रग निरीक्षक बाराबंकी डॉ. ओपी यादव और ड्रग निरीक्षक अमेठी नवीन कुमार की टीम ने मुंशीगंज में स्थित संजय गांधी अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ब्लड बैंक का लाइसेंस 17 अप्रैल वर्ष 2012 से समाप्त पाया गया।

ब्लड बैंक में इमरजेंसी दवाएं और इंजेक्शन एक्सपायर्ड मिले। व्यक्ति का ब्लड निकालने में उपयोग होने वाला उपकरण मानक के अनुरूप नहीं मिला। उसकी वैधता आठ मई वर्ष 2015 को समाप्त पाई गई। ब्लड बैग के ऊपर लगने वाले लेबल पर अंकित लाइसेंस नंबर भी गलत पाया गया। जांच में लेबल कलर औषधि प्रशासन नियमावली के विपरीत पाया गया। जांच के दौरान ब्लड बैंक में ब्लड का स्टॉक नहीं मिला।

जांच अधिकारी डॉ. ओपी यादव व नवीन कुमार ने बताया कि ब्लड बैंक में भारी खामियां पाई गई हैं। कार्रवाई के लिए इसकी रिपोर्ट सहायक आयुक्त औषधि के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी।


ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. साहिल मुराद ने कहा कि लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया है। फरवरी माह में एक्सपायर्ड इंजेक्शन वापस भेज दिए गए थे। जो बाद में आए उनकी एक्सपायरी बहुत जल्द की थी, जिसे अभी वापस नहीं भेजा जा सका है।

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