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Balrampur News: 228.764 एमटी गेहूं गायब, 59.59 लाख का हिसाब नहीं, सचिव गिरफ्तार
Sat, 12 Sep 2026 11:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 12 Sep 2026 11:31 PM IST
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फोटो-8-बलरामपुर के कौवापुर में स्थित बी पैक्स क्रय केंद्र।-संवाद
बलरामपुर। किसानों से खरीदे गए गेहूं के स्टॉक में करीब 60 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। तुलसीपुर के दो गेहूं क्रय केंद्रों पर अभिलेखों में दर्ज 228.764 मीट्रिक टन गेहूं भौतिक सत्यापन में नहीं मिला। 2,605 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गायब गेहूं की कीमत 59 लाख 59 हजार आंकी गई है। मामले में जिला प्रबंधक पीसीएफ अश्वनी शुक्ला की तहरीर पर केंद्र प्रभारी महेंद्र मणि तिवारी और प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह के खिलाफ तुलसीपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वहीं शाम को आरोपी सचिव प्रकाश सिंह को तुलसीपुर से गिरफ्तार कर लिया गया।
11 सितंबर को जिला प्रबंधक पीसीएफ अश्वनी शुक्ला के नेतृत्व में जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी गोविंद कुमार उपाध्याय, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अजय कुमार मौर्य और अपर जिला सहकारी अधिकारी तुलसीपुर देवेंद्र प्रताप अग्रहरि की संयुक्त टीम ने बी-पैक्स तुलसीपुर एट नचौरा-नचौरी और बी-पैक्स कौवापुर गेहूं क्रय केंद्रों का भौतिक सत्यापन किया। जांच में अभिलेखों में दर्ज गेहूं और मौके पर उपलब्ध स्टॉक में बड़ा अंतर मिला।
नचौरा-नचौरी में नहीं मिली गोदाम की चाबी
नचौरा-नचौरी केंद्र के अभिलेखों के मुताबिक वर्ष 2026-27 में 420.870 एमटी गेहूं खरीदा गया था। इसमें से 353.759 एमटी गेहूं एफसीआई को संप्रदान किया जा चुका था। इस हिसाब से केंद्र पर 67.111 एमटी यानी करीब 671 क्विंटल गेहूं शेष होना चाहिए था। जांच टीम के पहुंचने पर प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह मौके पर नहीं मिले। टीम ने गोदाम का स्टॉक देखने के लिए चाबी मांगी, लेकिन चाबी उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे टीम गोदाम खोलकर भौतिक सत्यापन नहीं कर सकी। आसपास की खिड़कियों से अंदर देखने पर भी गेहूं का स्टॉक दिखाई नहीं दिया। इसके बाद टीम ने क्रय केंद्र का प्रवेश द्वार सील कर दिया।
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कौवापुर में खाली मिला गोदाम
इसके बाद टीम बी-पैक्स कौवापुर पहुंची। अभिलेखों के अनुसार यहां 322.600 एमटी गेहूं खरीदा गया था, जिसमें से 160.947 एमटी एफसीआई बलरामपुर को भेजा जा चुका था। रिकॉर्ड के मुताबिक 161.653 एमटी यानी करीब 1,617 क्विंटल गेहूं केंद्र पर शेष था। हालांकि, भौतिक सत्यापन के दौरान गोदाम में एक भी बोरी गेहूं नहीं मिली। इस तरह रिकॉर्ड में दर्ज पूरा शेष स्टॉक मौके से गायब मिला।
दोनों केंद्रों से 228.764 एमटी गेहूं गायब
दोनों केंद्रों के अभिलेखों के अनुसार एफसीआई को गेहूं संप्रदान किए जाने के बाद कुल 228.764 एमटी गेहूं शेष था। 2,605 रुपये प्रति क्विंटल की दर से इसकी कीमत 59,59,302.20 रुपये है। जांच में सरकारी गेहूं का निर्धारित मात्रा में एफसीआई को संप्रदान नहीं किया जाना और शेष स्टॉक का केंद्रों पर उपलब्ध नहीं होना सामने आया।
इसके बाद जिला प्रबंधक पीसीएफ अश्वनी शुक्ला की तहरीर पर दोनों जिम्मेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। अब पुलिस जांच में यह पता लगाया जाएगा कि अभिलेखों में दर्ज 228.764 एमटी गेहूं आखिर कहां गया। जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर, खरीद और संप्रदान से जुड़े अभिलेखों समेत अन्य दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि स्टॉक के भौतिक सत्यापन और एफसीआई को संप्रदान की प्रक्रिया में किन स्तरों पर लापरवाही या गड़बड़ी हुई। प्रभारी निरीक्षक तुलसीपुर सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी सचिव प्रकाश सिंह को तुलसीपुर से गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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11 सितंबर को जिला प्रबंधक पीसीएफ अश्वनी शुक्ला के नेतृत्व में जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी गोविंद कुमार उपाध्याय, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अजय कुमार मौर्य और अपर जिला सहकारी अधिकारी तुलसीपुर देवेंद्र प्रताप अग्रहरि की संयुक्त टीम ने बी-पैक्स तुलसीपुर एट नचौरा-नचौरी और बी-पैक्स कौवापुर गेहूं क्रय केंद्रों का भौतिक सत्यापन किया। जांच में अभिलेखों में दर्ज गेहूं और मौके पर उपलब्ध स्टॉक में बड़ा अंतर मिला।
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नचौरा-नचौरी में नहीं मिली गोदाम की चाबी
नचौरा-नचौरी केंद्र के अभिलेखों के मुताबिक वर्ष 2026-27 में 420.870 एमटी गेहूं खरीदा गया था। इसमें से 353.759 एमटी गेहूं एफसीआई को संप्रदान किया जा चुका था। इस हिसाब से केंद्र पर 67.111 एमटी यानी करीब 671 क्विंटल गेहूं शेष होना चाहिए था। जांच टीम के पहुंचने पर प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह मौके पर नहीं मिले। टीम ने गोदाम का स्टॉक देखने के लिए चाबी मांगी, लेकिन चाबी उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे टीम गोदाम खोलकर भौतिक सत्यापन नहीं कर सकी। आसपास की खिड़कियों से अंदर देखने पर भी गेहूं का स्टॉक दिखाई नहीं दिया। इसके बाद टीम ने क्रय केंद्र का प्रवेश द्वार सील कर दिया।
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कौवापुर में खाली मिला गोदाम
इसके बाद टीम बी-पैक्स कौवापुर पहुंची। अभिलेखों के अनुसार यहां 322.600 एमटी गेहूं खरीदा गया था, जिसमें से 160.947 एमटी एफसीआई बलरामपुर को भेजा जा चुका था। रिकॉर्ड के मुताबिक 161.653 एमटी यानी करीब 1,617 क्विंटल गेहूं केंद्र पर शेष था। हालांकि, भौतिक सत्यापन के दौरान गोदाम में एक भी बोरी गेहूं नहीं मिली। इस तरह रिकॉर्ड में दर्ज पूरा शेष स्टॉक मौके से गायब मिला।
दोनों केंद्रों से 228.764 एमटी गेहूं गायब
दोनों केंद्रों के अभिलेखों के अनुसार एफसीआई को गेहूं संप्रदान किए जाने के बाद कुल 228.764 एमटी गेहूं शेष था। 2,605 रुपये प्रति क्विंटल की दर से इसकी कीमत 59,59,302.20 रुपये है। जांच में सरकारी गेहूं का निर्धारित मात्रा में एफसीआई को संप्रदान नहीं किया जाना और शेष स्टॉक का केंद्रों पर उपलब्ध नहीं होना सामने आया।
इसके बाद जिला प्रबंधक पीसीएफ अश्वनी शुक्ला की तहरीर पर दोनों जिम्मेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। अब पुलिस जांच में यह पता लगाया जाएगा कि अभिलेखों में दर्ज 228.764 एमटी गेहूं आखिर कहां गया। जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर, खरीद और संप्रदान से जुड़े अभिलेखों समेत अन्य दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि स्टॉक के भौतिक सत्यापन और एफसीआई को संप्रदान की प्रक्रिया में किन स्तरों पर लापरवाही या गड़बड़ी हुई। प्रभारी निरीक्षक तुलसीपुर सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी सचिव प्रकाश सिंह को तुलसीपुर से गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।