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आरोग्य केंद्र निर्माण के लिए आवंटित हुए दो करोड़ रुपये
Updated Thu, 13 Dec 2018 11:32 PM IST
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अमेठी में दो करोड़ से बनेंगे 40 आरोग्य केंद्र
गौरीगंज। जिले के 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और 30 उपकेंद्रों को आरोग्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी और ग्रामीण क्षेत्र लोगों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की कोशिश तहत प्रदेश सरकार ने आरोग्य केंद्रों के प्रस्ताव को मंजूरी देने के साथ दो करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित कर दिया। इसके साथ ही शासन ने जिला स्तरीय कमेटी को तत्काल कार्यदायी संस्था तय करते हुए आगामी 30 जून तक काम पूरा कर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए शासन ने पिछले दिनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के साथ ही उपकेंद्रों को आरोग्य केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी। योजना के तहत जिले के 10 पीएचसी व 30 उपकेंद्रों को चिह्नित किया गया था। इसके लिए पिछले दिनों दी गई लिखित स्वीकृति के बाद प्रदेश सरकार ने प्रति स्वाथ्य केंद्र पांच लाख रुपये की दर से जिले के स्वास्थ्य विभाग को दो करोड़ रुपये आवंटित कर दिए हैं।
बजट मिलने के के बाद मिशन निदेशक पंकज कुमार ने सीएमओ को पत्र भेजकर जिले में चिह्नित 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 30 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर हेल्थ वेलनेस सेंटर (आरोग्य केंद्र ) बनवाने का निर्देश दिया है। तत्काल कार्यदायी संस्था नामित कर हर हाल में जून 2019 के पहले काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इस पर सीएमओ डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने अस्पताल परिसर में 168 वर्ग फिट स्थान चिह्नित करते हुए कार्यदायी संस्था नामित करने की कवायद शुरू कर दी है।
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आरोग्य केंद्र के रूप में विकसित अस्पतालों में नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल स्वास्थ्य एवं किशोरावस्था स्वास्थ्य देखभाल, परिवार नियोजन, गर्भ निरोधक सेवाएं एवं अन्य प्रजनन देखभाल, संचारी रोग का प्रबंधन, वाह्य रोगियों के उपचार के साथ ही गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग संदर्भन एवं फॉलोअप की सुविधा मरीजों को मिलेगी।
सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महोना, सत्थिन, हरदो, नंदमहर, थौरी, रानीगंज, सरेसर, कस्थुनी, नेवादा व राजा फत्तेपुर के अलावा जिले के सभी ब्लॉकों में संचालित 30 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को आरोग्य केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए चिह्नित किया गया है।
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गौरीगंज। जिले के 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और 30 उपकेंद्रों को आरोग्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी और ग्रामीण क्षेत्र लोगों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की कोशिश तहत प्रदेश सरकार ने आरोग्य केंद्रों के प्रस्ताव को मंजूरी देने के साथ दो करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित कर दिया। इसके साथ ही शासन ने जिला स्तरीय कमेटी को तत्काल कार्यदायी संस्था तय करते हुए आगामी 30 जून तक काम पूरा कर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए शासन ने पिछले दिनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के साथ ही उपकेंद्रों को आरोग्य केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी। योजना के तहत जिले के 10 पीएचसी व 30 उपकेंद्रों को चिह्नित किया गया था। इसके लिए पिछले दिनों दी गई लिखित स्वीकृति के बाद प्रदेश सरकार ने प्रति स्वाथ्य केंद्र पांच लाख रुपये की दर से जिले के स्वास्थ्य विभाग को दो करोड़ रुपये आवंटित कर दिए हैं।
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बजट मिलने के के बाद मिशन निदेशक पंकज कुमार ने सीएमओ को पत्र भेजकर जिले में चिह्नित 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 30 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर हेल्थ वेलनेस सेंटर (आरोग्य केंद्र ) बनवाने का निर्देश दिया है। तत्काल कार्यदायी संस्था नामित कर हर हाल में जून 2019 के पहले काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इस पर सीएमओ डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने अस्पताल परिसर में 168 वर्ग फिट स्थान चिह्नित करते हुए कार्यदायी संस्था नामित करने की कवायद शुरू कर दी है।
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आरोग्य केंद्र के रूप में विकसित अस्पतालों में नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल स्वास्थ्य एवं किशोरावस्था स्वास्थ्य देखभाल, परिवार नियोजन, गर्भ निरोधक सेवाएं एवं अन्य प्रजनन देखभाल, संचारी रोग का प्रबंधन, वाह्य रोगियों के उपचार के साथ ही गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग संदर्भन एवं फॉलोअप की सुविधा मरीजों को मिलेगी।
सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महोना, सत्थिन, हरदो, नंदमहर, थौरी, रानीगंज, सरेसर, कस्थुनी, नेवादा व राजा फत्तेपुर के अलावा जिले के सभी ब्लॉकों में संचालित 30 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को आरोग्य केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए चिह्नित किया गया है।