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Sultanpur News: किसान दिवस में अफसरों को न देख फूटा गुस्सा, बहिष्कार
Wed, 18 Mar 2026 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:48 PM IST
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कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी से वार्ता करते किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह। स्रोत-सो
सुल्तानपुर। कमला नेहरू कृषि विज्ञान केंद्र में बुधवार को आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब जिम्मेदार अधिकारियों की गैरमौजूदगी से नाराज किसानों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया।
किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान सुबह 11 बजे पहुंचे, लेकिन जिला अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के नहीं आने से किसानों का आक्रोश भड़क उठा। करीब आधे घंटे तक किसानों ने केवीके गेट पर नारेबाजी और हंगामा किया। इसके बाद किसान कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किएए और समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। किसान नेता हृदय राम वर्मा ने कहा कि जब कार्यक्रम में जिम्मेदार अधिकारी ही उपस्थित नहीं रहते, तो ऐसे आयोजन महज औपचारिकता बनकर रह जाते हैं। इस दौरान
जिलाधिकारी कुमार हर्ष कलेक्ट्रेट से बाहर आए और किसानों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने किसानों को आश्वस्त करते हुए बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक करने का समय तय किया, इसके बाद किसान माने। इस दौरान किसान नेता जगदीश सिंह ने सुझाव दिया कि किसान दिवस का आयोजन पहले की तरह कलेक्ट्रेट या विकास भवन के सभागार में होना चाहिए। केवीके तक सभी किसान नहीं पहुंच पाते।
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इस मौके पर शरद श्रीवास्तव, सलाहुद्दीन, राम प्रकाश सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे। उधर, केवीके में हुए किसान दिवस में उपकृषि निदेशक रामाश्रय यादव, जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
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किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान सुबह 11 बजे पहुंचे, लेकिन जिला अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के नहीं आने से किसानों का आक्रोश भड़क उठा। करीब आधे घंटे तक किसानों ने केवीके गेट पर नारेबाजी और हंगामा किया। इसके बाद किसान कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किएए और समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। किसान नेता हृदय राम वर्मा ने कहा कि जब कार्यक्रम में जिम्मेदार अधिकारी ही उपस्थित नहीं रहते, तो ऐसे आयोजन महज औपचारिकता बनकर रह जाते हैं। इस दौरान
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जिलाधिकारी कुमार हर्ष कलेक्ट्रेट से बाहर आए और किसानों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने किसानों को आश्वस्त करते हुए बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक करने का समय तय किया, इसके बाद किसान माने। इस दौरान किसान नेता जगदीश सिंह ने सुझाव दिया कि किसान दिवस का आयोजन पहले की तरह कलेक्ट्रेट या विकास भवन के सभागार में होना चाहिए। केवीके तक सभी किसान नहीं पहुंच पाते।
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इस मौके पर शरद श्रीवास्तव, सलाहुद्दीन, राम प्रकाश सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे। उधर, केवीके में हुए किसान दिवस में उपकृषि निदेशक रामाश्रय यादव, जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।