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बिजली चरमराई

Sun, 30 Jul 2017 11:31 PM IST
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:31 PM IST
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बिजली चरमराई
बिजली को तरस गई
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24 लाख आबादी
क्रासर

फॉल्ट के साथ हो रही अंधाधुंध कटौती
गांव में छह व शहर में 18 घंटे ही सप्लाई
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। फॉल्ट एवं अघोषित कटौती से शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों की 24 लाख आबादी परेशान है। आपूर्ति के संबंध में शासन की ओर से जारी किया गया रोस्टर बेमानी साबित हो रहा है। इसका असर लोगों के रहन-सहन के साथ ही खेती-किसानी पर भी पड़ा है।
गर्मी के मौसम से ही शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। उपकेंद्रों, फीडर व लाइन में आए दिन आ रही फॉल्ट आपूर्ति में बाधा बनी है। बड़ी फॉल्ट से पूरा का पूरा क्षेत्र ही अंधेरे में कई दिनों तक रह रहा है। इसके अलावा स्थानीय एवं सिस्टम कंट्रोल से हो रही अघोषित कटौती से भी लोगों को पूरी आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। पूरी आपूर्ति नहीं मिलने से शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों की 24 लाख आबादी परेशान है। बिजली नहीं मिलने से लोगों के कार्य बाधित हो रहे हैं।
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इनसेट
तीन दिन बाद चालू हुआ केएनआई उपकेंद्र
फॉल्ट की यह स्थिति है कि अर्धशहरी केएनआई उपकेंद्र तीन बंद रहने के बाद रविवार की रात चालू हो सका। तीन दिनों तक इस उपकेंद्र से जुड़ी ग्रामीण क्षेत्र की करीब 15 हजार आबादी बिजली के लिए परेशान रही। एक दिन शहर व ग्रामीण क्षेत्र दोनों जगहों के लोग परेशान रहे।
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इनसेट
ग्रामीण क्षेत्रों को मिल रही छह से आठ घंटे आपूर्ति
शासन ने शहरी क्षेत्र में 24, तहसील मुख्यालय पर 20 व ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर जारी किया है। जारी रोस्टर के मुताबिक शहर से लेकर देहात तक बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। मौजूदा समय में ग्रामीण क्षेत्रों को महज छह से आठ, तहसील मुख्यालय को 12 से 14 व शहरी क्षेत्र को 18 से 20 घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। पूरी आपूर्ति नहीं मिलने से शासन का रोस्टर धराशायी हो गया है।

इनसेट
दो से तीन घंटे हो रही इमरजेंसी कटौती
शासन से घोषित आपूर्ति रोस्टर में इमरजेंसी कटौती भी खाज बनी है। शहरी क्षेत्र में इस बीच रोजाना दो से तीन घंटे की इमरजेंसी कटौती सिस्टम कंट्रोल से की जा रही है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में भी इमरजेंसी कटौती की जा रही है। अधिशाषी अभियंता बालकृष्ण का कहना है कि इमरजेंसी कटौती सिस्टम कंट्रोल से की जा रही है। फॉल्ट की वजह से कहीं-कहीं दिक्कत आ रही है। आपूर्ति में जल्द सुधार होगा।
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