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माइनर बंद
Updated Fri, 30 Jun 2017 10:35 PM IST
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माइनर के पानी से 30
बीघे फसल जलमग्न
क्रासर
अंडरपास के निर्माण को लेकर संस्था ने बंद की माइनर
अरहर, तिल, हरा चारा व धान की नर्सरी हुई नष्ट
अमर उजाला ब्यूरो
भदैंया (सुल्तानपुर)। भदैंया विकास खंड क्षेत्र के अभियाखुर्द गांव के पास फोरलेन के अंडरपास का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इस वजह से अभियाखुर्द गांव से गुजरी बभनगवां माइनर पर बीते दिनों जेसीबी से मिट्टी डाल दी गई थी। मिट्टी से पटने के कारण माइनर बंद हो गई है। हाल ही में सिंचाई विभाग खंड-2 की ओर से खरीफ की फसल की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया। बभनगवां माइनर में पानी आने के बाद अभियाखुर्द गांव के पास माइनर बंद होने की वजह से पानी आगे नहीं बढ़ सका। ऐसे में माइनर का पानी उफान के बाद आस-पास के खेतों में जाने लगा। खेतों में पानी जाने से किसानों की फसल जलमग्न हो गई है। अभी तक सिंचाई विभाग की ओर से माइनर का पानी बंद भी नहीं किया गया है। इससे पानी का दायरा बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रीय किसानों की मानें तो अब तक करीब 30 बीघे से अधिक बोई गई फसल जलमग्न हो चुकी है। धान की नर्सरी, अरहर, तिल, चरी व अन्य फसलें सड़ने लगी हैं। वहीं, पानी से अभियाखुर्द जाने वाले रास्ते पर आवागमन भी ठप हो गया है। अब तक करीब चार लाख रुपये की फसल का नुकसान हो चुका है। किसानों का कहना है कि जलभराव की वजह से फिर से खेतों में बोआई करानी पड़ेेगी।
इनसेट
इन किसानों की फसल का हुआ नुकसान
भदैंया। अभियाखुर्द गांव के किसान राम अछैवर पांडेय, त्रियुगी नारायण, चंद्रिका देवी, जनार्दन पांडेय, हरिशंकर समेत कई किसानों ने बताया कि उन्होंने करीब एक सप्ताह पहले अरहर व तिल की बोआई की थी। फोरलेन के ठेकेदार की वजह से फसल चौपट हो गई है। हमें फिर से एक बार बोआई करानी पड़ेेेगी।
इनसेट
रोस्टर जारी होने के पूर्व मांगी थी परमिशन
भदैंया। सिंचाई विभाग खंड-2 के अवर अभियंता मार्कंडेय पाल ने बताया कि फोरलेन के निर्माण को लेकर कार्यदायी संस्था की ओर से माइनर ब्लॉक किए जाने की परमिशन मांगी गई थी। उस समय सिंचाई का समय नहीं था। इस वजह से कार्य की अनुमति दी गई थी। कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य में विलंब कर दिया है। ग्रामीणों की शिकायत पर कार्यदायी संस्था के ठेकेदार से माइनर में फेंकी गई मिट्टी हटवाने की वार्ता चल रही है। यदि स्थानीय समस्या के निदान के लिए कार्यदायी संस्था ने सहयोग नहीं किया तो उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत की जाएगी।
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बीघे फसल जलमग्न
क्रासर
अंडरपास के निर्माण को लेकर संस्था ने बंद की माइनर
अरहर, तिल, हरा चारा व धान की नर्सरी हुई नष्ट
अमर उजाला ब्यूरो
भदैंया (सुल्तानपुर)। भदैंया विकास खंड क्षेत्र के अभियाखुर्द गांव के पास फोरलेन के अंडरपास का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इस वजह से अभियाखुर्द गांव से गुजरी बभनगवां माइनर पर बीते दिनों जेसीबी से मिट्टी डाल दी गई थी। मिट्टी से पटने के कारण माइनर बंद हो गई है। हाल ही में सिंचाई विभाग खंड-2 की ओर से खरीफ की फसल की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया। बभनगवां माइनर में पानी आने के बाद अभियाखुर्द गांव के पास माइनर बंद होने की वजह से पानी आगे नहीं बढ़ सका। ऐसे में माइनर का पानी उफान के बाद आस-पास के खेतों में जाने लगा। खेतों में पानी जाने से किसानों की फसल जलमग्न हो गई है। अभी तक सिंचाई विभाग की ओर से माइनर का पानी बंद भी नहीं किया गया है। इससे पानी का दायरा बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रीय किसानों की मानें तो अब तक करीब 30 बीघे से अधिक बोई गई फसल जलमग्न हो चुकी है। धान की नर्सरी, अरहर, तिल, चरी व अन्य फसलें सड़ने लगी हैं। वहीं, पानी से अभियाखुर्द जाने वाले रास्ते पर आवागमन भी ठप हो गया है। अब तक करीब चार लाख रुपये की फसल का नुकसान हो चुका है। किसानों का कहना है कि जलभराव की वजह से फिर से खेतों में बोआई करानी पड़ेेगी।
इनसेट
इन किसानों की फसल का हुआ नुकसान
भदैंया। अभियाखुर्द गांव के किसान राम अछैवर पांडेय, त्रियुगी नारायण, चंद्रिका देवी, जनार्दन पांडेय, हरिशंकर समेत कई किसानों ने बताया कि उन्होंने करीब एक सप्ताह पहले अरहर व तिल की बोआई की थी। फोरलेन के ठेकेदार की वजह से फसल चौपट हो गई है। हमें फिर से एक बार बोआई करानी पड़ेेेगी।
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रोस्टर जारी होने के पूर्व मांगी थी परमिशन
भदैंया। सिंचाई विभाग खंड-2 के अवर अभियंता मार्कंडेय पाल ने बताया कि फोरलेन के निर्माण को लेकर कार्यदायी संस्था की ओर से माइनर ब्लॉक किए जाने की परमिशन मांगी गई थी। उस समय सिंचाई का समय नहीं था। इस वजह से कार्य की अनुमति दी गई थी। कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य में विलंब कर दिया है। ग्रामीणों की शिकायत पर कार्यदायी संस्था के ठेकेदार से माइनर में फेंकी गई मिट्टी हटवाने की वार्ता चल रही है। यदि स्थानीय समस्या के निदान के लिए कार्यदायी संस्था ने सहयोग नहीं किया तो उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत की जाएगी।
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