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पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा गढ़ा माफी
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पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा गढ़ा माफी
गौरीगंज। जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित गढ़ा माफी धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की पहल पर जिला प्रशासन ने धाम की भौगोलिक स्थिति से लेकर तमाम अन्य जानकारी की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
लोगों के आकर्षण व धार्मिक आस्था के केंद्र में तब्दील हो चुका स्थानीय तहसील के गढ़ा माफी धाम परिसर की सूरत जल्द ही बदली नजर आएगी। अमेठी की नव निर्वाचित सांसद व केंद्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी की पहल पर इसकी कवायद शुरू हो गई है।
सांसद की ओर से भेजी गई केंद्रीय टीम के सुझाव पर जिलाधिकारी डॉ. राम मनोहर मिश्र ने गौरीगंज के नायब तहसीलदार बीके सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित कर गढ़ा धाम से जुड़ी समस्त जानकारी मांगी थी।
इसमें मंदिरों की संख्या, मंदिरों की मौजूदा स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं समेत क्षेत्रफल समेत अन्य जानकारी तलब की थी। डीएम के आदेश व एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार के नेतृत्व की टीम ने विस्तृत अवलोकन के बाद अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेज दी है।
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भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया तो दूर-दूर के लोग यहां आएंगे। क्षेत्र का नाम रोशन होने के साथ ही प्रशासन को राजस्व की प्राप्ति व स्थानीय लोगों को स्वरोजगार मिल सकेगा।
नायब तहसीलदार बीके सिंह ने बताया कि इस परिसर में लाखौरी ईंटों से बने पुराने किले के भग्नावशेष मौजूद हैं। इसके प्रांगण में तीन मेहराब टूटी हुई स्थिति में मौजूद हैं।
बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार सैकड़ों वर्ष पूर्व आए भूकंप या दैवी आपदा में यहां स्थित किला उल्टा होकर जमींदोज हो गया था। जिसके कारण इस स्थान को स्थानीय लोग उल्टा गढ़ा भी कहते हैं। किले के भग्नावशेष व मेहराब मौजूद होने की जानकारी शासन के अलावा पुरातत्व विभाग को भी दी गई है।
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गौरीगंज। जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित गढ़ा माफी धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की पहल पर जिला प्रशासन ने धाम की भौगोलिक स्थिति से लेकर तमाम अन्य जानकारी की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
लोगों के आकर्षण व धार्मिक आस्था के केंद्र में तब्दील हो चुका स्थानीय तहसील के गढ़ा माफी धाम परिसर की सूरत जल्द ही बदली नजर आएगी। अमेठी की नव निर्वाचित सांसद व केंद्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी की पहल पर इसकी कवायद शुरू हो गई है।
सांसद की ओर से भेजी गई केंद्रीय टीम के सुझाव पर जिलाधिकारी डॉ. राम मनोहर मिश्र ने गौरीगंज के नायब तहसीलदार बीके सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित कर गढ़ा धाम से जुड़ी समस्त जानकारी मांगी थी।
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इसमें मंदिरों की संख्या, मंदिरों की मौजूदा स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं समेत क्षेत्रफल समेत अन्य जानकारी तलब की थी। डीएम के आदेश व एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार के नेतृत्व की टीम ने विस्तृत अवलोकन के बाद अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेज दी है।
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भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया तो दूर-दूर के लोग यहां आएंगे। क्षेत्र का नाम रोशन होने के साथ ही प्रशासन को राजस्व की प्राप्ति व स्थानीय लोगों को स्वरोजगार मिल सकेगा।
नायब तहसीलदार बीके सिंह ने बताया कि इस परिसर में लाखौरी ईंटों से बने पुराने किले के भग्नावशेष मौजूद हैं। इसके प्रांगण में तीन मेहराब टूटी हुई स्थिति में मौजूद हैं।
बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार सैकड़ों वर्ष पूर्व आए भूकंप या दैवी आपदा में यहां स्थित किला उल्टा होकर जमींदोज हो गया था। जिसके कारण इस स्थान को स्थानीय लोग उल्टा गढ़ा भी कहते हैं। किले के भग्नावशेष व मेहराब मौजूद होने की जानकारी शासन के अलावा पुरातत्व विभाग को भी दी गई है।