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मिड-डे-मील को पटरी पर लाने की कवायद
Updated Mon, 12 Jun 2017 02:21 AM IST
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मिड-डे मील को पटरी
पर लाने की कवायद
क्रासर
कोटेदारों को आवंटित हुआ त्रैमासिक राशन
विद्यालयों को प्रति माह करनी होगी उठान
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। बीते वर्ष राशन की कमी बताकर मध्याह्न भोजन नहीं बनवाने वाले प्रधानाध्यापकों को नए शैक्षिक सत्र में बहाना बनाने का मौका नहीं मिलेगा। भोजन बनवाने में हो रही बहानेबाजी से निपटने के लिए शासन ने नए शैक्षिक सत्र के शुरुआती तीन माह का राशन आवंटित कर दिया है। यह राशन कोटेदारों को जहां एकमुश्त मिलेगा, वहीं प्रधानाध्यापकों को प्रत्येक माह इसका उठान करना होगा।
प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व माध्यमिक सहित जिले के कुल 2181 स्कूलों में मिड-डे मील संचालित होता है। सरकारी अभिलेखों के मुताबिक प्राथमिक स्कूलों में 1,85,000 व उच्च प्राथमिक (जूनियर से इंटर तक) में कुल 68,551 छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। हालांकि उपस्थिति संख्या को देखते हुए शासन का मानना है कि प्राथमिक में 91,520 व उच्च प्राथमिक में 36169 छात्र-छात्राएं ही प्रति दिन भोजन करते हैं। इन विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से मध्याह्न भोजन मिले और प्रधानाध्यापक कोई बहाना न बना सकें इसके प्रति शासन गंभीर है। प्रत्येक वर्ष राशन की अनुपलब्धता के बहाने भोजन न बनवाने वाले इस वर्ष बहानेबाजी न कर सकें इसके लिए शासन ने नया शैक्षिक सत्र शुरू होने से पूर्व जिले को तीन महीने का एकमुश्त राशन आवंटित कर दिया है। विशेष सचिव की ओर से महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भारतीय खाद्य निगम लखनऊ को भेजे गए पत्र की कॉपी जिलाधिकारी व बीएसए को भी की गई है।
इनसेट
आवंटित हुआ 1172.12 एमटी राशन
शासन ने जिले को कुल 1172.12 एमटी राशन आवंटित किया है। इसमें 777.89 एमटी चावल और 394.23 एमटी गेहूं है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक के लिए अलग-अलग आवंटन की बात करें तो प्राथमिक को 500.22 एमटी चावल व 253.18 एमटी गेहूं तथा उच्च प्राथमिक को 277.67 एमटी चावल व 141.05 एमटी गेहूं उपलब्ध कराया गया है। बीएसए राजकुमार पंडित ने इसकी पुष्टि की। कहा कि छात्र संख्या के आधार पर ब्लॉक व स्कूल वार आवंटन तैयार किया गया है। प्रधानाध्यापकों को पत्र भेजकर कोटेदार से राशन प्राप्त कर नियमित एमडीएम बनवाने का आदेश दिया गया है।
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पर लाने की कवायद
क्रासर
कोटेदारों को आवंटित हुआ त्रैमासिक राशन
विद्यालयों को प्रति माह करनी होगी उठान
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। बीते वर्ष राशन की कमी बताकर मध्याह्न भोजन नहीं बनवाने वाले प्रधानाध्यापकों को नए शैक्षिक सत्र में बहाना बनाने का मौका नहीं मिलेगा। भोजन बनवाने में हो रही बहानेबाजी से निपटने के लिए शासन ने नए शैक्षिक सत्र के शुरुआती तीन माह का राशन आवंटित कर दिया है। यह राशन कोटेदारों को जहां एकमुश्त मिलेगा, वहीं प्रधानाध्यापकों को प्रत्येक माह इसका उठान करना होगा।
प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व माध्यमिक सहित जिले के कुल 2181 स्कूलों में मिड-डे मील संचालित होता है। सरकारी अभिलेखों के मुताबिक प्राथमिक स्कूलों में 1,85,000 व उच्च प्राथमिक (जूनियर से इंटर तक) में कुल 68,551 छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। हालांकि उपस्थिति संख्या को देखते हुए शासन का मानना है कि प्राथमिक में 91,520 व उच्च प्राथमिक में 36169 छात्र-छात्राएं ही प्रति दिन भोजन करते हैं। इन विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से मध्याह्न भोजन मिले और प्रधानाध्यापक कोई बहाना न बना सकें इसके प्रति शासन गंभीर है। प्रत्येक वर्ष राशन की अनुपलब्धता के बहाने भोजन न बनवाने वाले इस वर्ष बहानेबाजी न कर सकें इसके लिए शासन ने नया शैक्षिक सत्र शुरू होने से पूर्व जिले को तीन महीने का एकमुश्त राशन आवंटित कर दिया है। विशेष सचिव की ओर से महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भारतीय खाद्य निगम लखनऊ को भेजे गए पत्र की कॉपी जिलाधिकारी व बीएसए को भी की गई है।
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आवंटित हुआ 1172.12 एमटी राशन
शासन ने जिले को कुल 1172.12 एमटी राशन आवंटित किया है। इसमें 777.89 एमटी चावल और 394.23 एमटी गेहूं है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक के लिए अलग-अलग आवंटन की बात करें तो प्राथमिक को 500.22 एमटी चावल व 253.18 एमटी गेहूं तथा उच्च प्राथमिक को 277.67 एमटी चावल व 141.05 एमटी गेहूं उपलब्ध कराया गया है। बीएसए राजकुमार पंडित ने इसकी पुष्टि की। कहा कि छात्र संख्या के आधार पर ब्लॉक व स्कूल वार आवंटन तैयार किया गया है। प्रधानाध्यापकों को पत्र भेजकर कोटेदार से राशन प्राप्त कर नियमित एमडीएम बनवाने का आदेश दिया गया है।
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