{"_id":"5fe33a418ebc3e3d56435b53","slug":"villagers-protest-against-cold-weather-in-gaushala-sonbhadra-news-vns5649923166","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोशाला में ठंड से बचाव की व्यवस्था न होने पर ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोशाला में ठंड से बचाव की व्यवस्था न होने पर ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
विज्ञापन
ओबरा। स्थानीय बिल्ली मारकुंडी ग्राम पंचायत के खैरटिया गांव स्थित नगर पंचायत द्वारा संचालित गोशाला के सामने बुधवार को ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गोशाला में ठंड से बचाव की व्यवस्था नहीं है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ग्राम सेवा समिति के अध्यक्ष शिवदत्त दुबे ने कहा कि पिछले एक हफ्ते से प्रतिदिन एक या दो पशु गोशाला में मर रहे हैं, जो चिंता का विषय है। आरोप है कि गोवंश को पर्याप्त चारा, खरी, चूनी नहीं दिया जा रहा है। ठंड से बचाव के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अलाव नहीं जलवाया जा रहा है। यदि शीघ्र उचित कार्रवाई कर पशुओं का उचित प्रबंध नहीं किया गया तो ग्रामीण बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
वहीं इस संबंध में ओबरा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि सारे आरोप निराधार हैं। गोशाला में टाट, तिरपाल, अलाव, चारे आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। गोशाला रेणुका नदी के किनारे है। जल्द चहारदीवारी का निर्माण भी कराया जाएगा। पशुओं की नियमित जांच के लिए चिकित्सक भी नियुक्त हैं, जो जांच करते रहते हैं। गोशाला में दो-तीन पशु मरणासन्न अवस्था में मिले हुए लाए गए थे, जिसमें से एक की मौत हुई है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से ग्राम सेवा समिति के संस्थापक हरकेश्वर प्रजापति, संतोष प्रजापति, रविंद्र सिंह, विकास पासवान, मोहित केसरी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ग्राम सेवा समिति के अध्यक्ष शिवदत्त दुबे ने कहा कि पिछले एक हफ्ते से प्रतिदिन एक या दो पशु गोशाला में मर रहे हैं, जो चिंता का विषय है। आरोप है कि गोवंश को पर्याप्त चारा, खरी, चूनी नहीं दिया जा रहा है। ठंड से बचाव के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अलाव नहीं जलवाया जा रहा है। यदि शीघ्र उचित कार्रवाई कर पशुओं का उचित प्रबंध नहीं किया गया तो ग्रामीण बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन
वहीं इस संबंध में ओबरा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि सारे आरोप निराधार हैं। गोशाला में टाट, तिरपाल, अलाव, चारे आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। गोशाला रेणुका नदी के किनारे है। जल्द चहारदीवारी का निर्माण भी कराया जाएगा। पशुओं की नियमित जांच के लिए चिकित्सक भी नियुक्त हैं, जो जांच करते रहते हैं। गोशाला में दो-तीन पशु मरणासन्न अवस्था में मिले हुए लाए गए थे, जिसमें से एक की मौत हुई है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से ग्राम सेवा समिति के संस्थापक हरकेश्वर प्रजापति, संतोष प्रजापति, रविंद्र सिंह, विकास पासवान, मोहित केसरी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन