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Sonebhadra News: नो पार्किंग जोन में खड़े वाहन रोक देेते हैं एंबुलेंस का रास्ता

Fri, 02 Feb 2024 12:22 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 02 Feb 2024 12:22 AM IST
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Vehicles parked in no parking zone block the path of ambulance.
सोनभद्र। जिला अस्पताल गेट के सामने वाहनों को खड़ा करने की मनाही है, बावजूद यहां इतने वाहन खड़े हो रहे हैं कि कई बार एंबुलेंस को निकलने में भी मुश्किल आती है। गेट के ठीक सामने ई-रिक्शा, कार, बाइक की हर वक्त लगने वाली भीड़ मरीजों की परेशानी बढ़ा रही है। आकस्मिक उपचार वाले मरीजों की जान पर बन आती है। अगर कोई विरोध करता है तो टेंपो चालक विवाद करने लगते हैं।
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लोढ़ी स्थित जिला चिकित्सालय में मुख्य गेट से लेकर अस्पताल के प्रवेश द्वार तक वाहनों की कतार लगी रहती हैं। परिसर में ही अवैध टेंपो और ई-रिक्शा स्टैंड संचालित हो रहे हैं। गेट पर सवारी भरने के लिए ये वाहन कहीं रोड जाम कर तो कहीं लाइन से खड़े रहते हैं। अगर किसी टेंपो या अन्य वाहन से कोई मरीज अस्पताल आता है तो उसके चालक तब तक गेट पर ही वाहन रोके रखते हैं जब तक कोई दूसरी सवारी उन्हें नहीं मिल जाती। यही नहीं जिनके मरीज अस्पतालों में पहुंच जाते हैं, उनके वाहन भी गेट के पास ही खड़े रहते हैं। ऐसे में एंबुलेंस से आने वाले मरीजों को इमरजेंसी तक ले जाने में चालक को परेशानी होती है। इसके लिए कई बार अस्पताल में हंगामा भी हो चुका है, लेकिन किसी का ध्यान इस तरफ नहीं जाता। इसके अलावा मरीजों से मिलने के लिए आने वाले लोग भी दोपहिया वाहनों को रास्ते में ही खड़ी कर देते हैं। इससे पूरे दिन यातायात जाम की स्थिति बनी रहती है। इमरजेंसी वार्ड के सामने रोड के किनारे बाइक बेतरतीब ढंग से खड़ी किए जाने से परेशानी और बढ़ जाती है।
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गार्ड भी नहीं हटवा पाते वाहन
अस्पताल में पर्याप्त संख्या में गार्ड या सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं होते। एक से दो होमगार्ड ही लगाए जाते हैं। इनमें एक की ड्यूटी सीएमएस कक्ष के पास होती है। बुधवार को अस्पताल के प्रवेश द्वार के पास कोई गार्ड नजर नहीं आया। पर्याप्त गार्ड न होने से वाहन चालक मनमानी करते हैं। अगर किसी ने मना भी कर दिया तो उससे विवाद करते हैं।
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कर्मचारियों ने बताई पीड़ा
अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि पैदल आने जाने वालों मरीजों तक को परेशानी होती है। आए दिन टेंपो और ई रिक्शा अस्पताल गेट पर वाहन रोक कर सवारियां भरते हैं। इससे 108 आपात सेवा समेत अन्य एंबुलेंस को अस्पताल आने-जाने में दिक्कत हो रही है। दूसरी ओर इन्हीं वाहनों का सहारा लेते हुए बिचौलिए भी खड़े रहते हैं। वह मरीजों को गुमराह कर ई-रिक्शा से निजी अस्पताल में भेज देते हैं।

अभियान चलाकर अस्पताल के पास खडे़ वाहनों का चालान किया जाएगा। सुरक्षा कर्मियों को निर्देश है कि रास्ते में किसी को वाहन न खड़ी करने दें। औचक निरीक्षक कर कार्रवाई की जाएगी। - विनोद कुमार, सीओ यातायात।
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