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बीना में मालगाड़ी के दो वैगन बेपटरी, कई घंटे प्रभावित रहा कोल परिवहन
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एनसीएल बीना कोयला प्रोजेक्ट के खदान क्षेत्र स्थित कृष्णशिला शाइलो लोडिंग प्वॉइंट के पास बृहस्पतिवार को मालगाड़ी के दो डिब्बे बेपटरी हो गए। वैगन के डीरेल होने से कोयला परिवहन कई घंटे बाधित रहा।
रैपिड रेल रैक लोडिंग के लिए कोल प्रोजेक्ट में शाइलो बनाया गया है। इस व्यवस्था से कुछ देर में रेल के 50 से 60 डिब्बों में कोयला भर जाता है। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे के आसपास कोयला लोडिंग के दौरान मालगाड़ी के दो डिब्बे बेपटरी हो गए। डिब्बों के बेपटरी होने से इलेक्ट्रिक पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना पर कुछ ही देर में कोल व पावर प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
इसके बाद मौजूद संसाधनों से डीरेल वैगन को ट्रैक पर लाने का प्रयास शुरू किया गया। शाइलो ट्रैक पर मालगाड़ी के खड़ा होने से रेल मार्ग से होने वाली कोयले की ढुलाई दोपहर बाद तक बाधित रही। दोपहर बाद बेपटरी हुए डिब्बों को पटरी पर लाया गया। इसके बाद कोयला परिवहन शुरू हो सका।
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बताया जा रहा है कि अनपरा पावर प्रोजेक्ट भेजने के लिए मालगाड़ी में शाइलो से कोयला भरा जा रहा था। इसी दौरान मालगाड़ी की दो बोगी बेपटरी हो गई और इसके चलते इलेक्ट्रिक पोल क्षतिग्रस्त हो गए। कर्मचारियों का कहना था कि लोडिंग प्वाइंट्स के पास मौजूद रेल ट्रैक पर अक्सर कोयला गिरता रहता है। इसकी सफाई समय से नहीं की जाती इसी कारण इस तरह की घटना होती है।
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रैपिड रेल रैक लोडिंग के लिए कोल प्रोजेक्ट में शाइलो बनाया गया है। इस व्यवस्था से कुछ देर में रेल के 50 से 60 डिब्बों में कोयला भर जाता है। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे के आसपास कोयला लोडिंग के दौरान मालगाड़ी के दो डिब्बे बेपटरी हो गए। डिब्बों के बेपटरी होने से इलेक्ट्रिक पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना पर कुछ ही देर में कोल व पावर प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
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इसके बाद मौजूद संसाधनों से डीरेल वैगन को ट्रैक पर लाने का प्रयास शुरू किया गया। शाइलो ट्रैक पर मालगाड़ी के खड़ा होने से रेल मार्ग से होने वाली कोयले की ढुलाई दोपहर बाद तक बाधित रही। दोपहर बाद बेपटरी हुए डिब्बों को पटरी पर लाया गया। इसके बाद कोयला परिवहन शुरू हो सका।
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बताया जा रहा है कि अनपरा पावर प्रोजेक्ट भेजने के लिए मालगाड़ी में शाइलो से कोयला भरा जा रहा था। इसी दौरान मालगाड़ी की दो बोगी बेपटरी हो गई और इसके चलते इलेक्ट्रिक पोल क्षतिग्रस्त हो गए। कर्मचारियों का कहना था कि लोडिंग प्वाइंट्स के पास मौजूद रेल ट्रैक पर अक्सर कोयला गिरता रहता है। इसकी सफाई समय से नहीं की जाती इसी कारण इस तरह की घटना होती है।