{"_id":"64d51f1420424ff6c80c20f4","slug":"tribal-society-will-move-ahead-with-education-and-culture-sonbhadra-news-c-194-1-son1002-2098-2023-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: शिक्षा और संस्कृति से आगे बढ़ेगा आदिवासी समाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: शिक्षा और संस्कृति से आगे बढ़ेगा आदिवासी समाज
विज्ञापन
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान और जनजातीय शोध एवं विकास संस्थान के संयुक्त बैनर तले विश्व आदिवासी दिवस पर संगोष्ठी हुई। नगवा ब्लाॅक के कजियारी गांव में आयोजित कार्यक्रम में आदिवासी समाज के उत्थान पर चर्चा के साथ ही कलाकारों ने आदिवासी लोक कलाओं की मोहक प्रस्तुति दी। पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर प्रस्तुत करमा नृत्य ने लोगों को आकर्षित किया।
वर्तमान परिदृश्य में सशक्त जनजाति समाज एवं सशक्त भारत विषयक परिचर्चा में मुख्य अतिथि जिला समाज कल्याण विकास अधिकारी मीना श्रीवास्तव ने कहा कि आदिवासी समाज के विकास के लिए शिक्षा, संस्कृति सबसे जरूरी है। शिक्षा से ही समाज का संपूर्ण विकास हो सकता है और संस्कृति से समाज की रक्षा। आदिवासियों के अधिकारों के संरक्षण के लिए बनी योजनाओं की जानकारी दी गई।
अध्यक्षता कर रहे दीपक केसरवानी ने कहा कि सोनभद्र के कण-कण में आदिवासी संस्कृति विद्यमान है, जो हजारों साल से आज भी जीवंत है। आदिम संस्कृति ही पूरे उत्तर प्रदेश की शान को प्रदर्शित करती है, जिसमें सोनभद्र अपना अहम स्थान रखता है। विशिष्ट अतिथि अनिल कुमार चौरसिया रहे। कार्यक्रम संयोजक बृजभान मरावी ने अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापन किया। इस मौके पर पवन खरवार, गीता देवी, विजवंती देवी, सुमन खरवार, बलबीर सिंह, हीरा सिंह, भगवान गोंड,, शशिकांत उआदि मौजूद रहे। उधर, विश्व आदिवासी दिवस पर उरमौरा स्थित एक होटल में हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. वीरेंद्र सिंह चेरो ने कहा कि चेरो आदिवासी देश के सभी राज्य में एक बड़ी संख्या में निवास करती है। उन्होंने शिक्षा पर विशेष जोर दिया। शिक्षक पंकज सिंह चेरो ने अंधविश्वास, नशाखोरी, बालश्रम जैसी कुरीतियों से बचने की सलाह दी। इस दौरान प्रेमचंद्र सिंह, रामलाल चेरो, अनीता सिंह, हेमंत चेरो, नेहा, वनवारीलाल, प्रवेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, कमलेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्तमान परिदृश्य में सशक्त जनजाति समाज एवं सशक्त भारत विषयक परिचर्चा में मुख्य अतिथि जिला समाज कल्याण विकास अधिकारी मीना श्रीवास्तव ने कहा कि आदिवासी समाज के विकास के लिए शिक्षा, संस्कृति सबसे जरूरी है। शिक्षा से ही समाज का संपूर्ण विकास हो सकता है और संस्कृति से समाज की रक्षा। आदिवासियों के अधिकारों के संरक्षण के लिए बनी योजनाओं की जानकारी दी गई।
विज्ञापन
अध्यक्षता कर रहे दीपक केसरवानी ने कहा कि सोनभद्र के कण-कण में आदिवासी संस्कृति विद्यमान है, जो हजारों साल से आज भी जीवंत है। आदिम संस्कृति ही पूरे उत्तर प्रदेश की शान को प्रदर्शित करती है, जिसमें सोनभद्र अपना अहम स्थान रखता है। विशिष्ट अतिथि अनिल कुमार चौरसिया रहे। कार्यक्रम संयोजक बृजभान मरावी ने अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापन किया। इस मौके पर पवन खरवार, गीता देवी, विजवंती देवी, सुमन खरवार, बलबीर सिंह, हीरा सिंह, भगवान गोंड,, शशिकांत उआदि मौजूद रहे। उधर, विश्व आदिवासी दिवस पर उरमौरा स्थित एक होटल में हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. वीरेंद्र सिंह चेरो ने कहा कि चेरो आदिवासी देश के सभी राज्य में एक बड़ी संख्या में निवास करती है। उन्होंने शिक्षा पर विशेष जोर दिया। शिक्षक पंकज सिंह चेरो ने अंधविश्वास, नशाखोरी, बालश्रम जैसी कुरीतियों से बचने की सलाह दी। इस दौरान प्रेमचंद्र सिंह, रामलाल चेरो, अनीता सिंह, हेमंत चेरो, नेहा, वनवारीलाल, प्रवेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, कमलेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन