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Sonebhadra News: छेड़खानी के बाद दी धमकी, सात वर्ष की कैद

Thu, 29 Aug 2024 11:16 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2024 11:16 PM IST
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Threatened after teasing, seven years imprisonment
सोनभद्र। साढ़े छह वर्ष पूर्व बकरी चराने गई अनुसूचित जाति की 10 वर्षीय बालिका से छेड़खानी के मामले में विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने दोषी को सात वर्ष कठोर कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगायस। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड में से 15 हजार रुपये पीड़िता को मिलेंगे।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक, विंढमगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 26 अक्तूबर 2017 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसकी पांचवीं में पढ़ने वाली बेटी 11 अक्तूबर को दोपहर 12 बजे जंगल में बकरी चरा रही थी। वहां दुद्धी के निमियाडीह निवासी मुबारक अली उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। बेटी के चिल्लाने पर दो सौ रुपये देकर शांत रहने और शोर मचाने पर गला दबाकर मार डालने की धमकी की। चिल्लाने की आवाज सुनकर कई लोग पहुंच गए, तब आरोपी फरार हो गया। इस तहरीर पर छेड़खानी, पाक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी मुबारक अली को 7 वर्ष की कठोर कैद एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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सास-ससुर की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

सोनभद्र। दहेज हत्या के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ व न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए सास-ससुर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता के जरिए एफआईआर के विरुद्ध दाखिल की गई याचिका पर कोर्ट ने दिया है। शिकायतकर्ता को भी कोर्ट ने नोटिस जारी किया है।
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12 जून 2024 को घोरावल थाने में दी तहरीर में मिर्जापुर के राजगढ़ निवासी रामकिशुन ने बताया था कि अपनी पौत्री प्रियंका की शादी चार साल पहले घोरावल के वीरकला निवासी रमेश पुत्र कल्लू के साथ की थी। कुछ दिन बाद से ही पति रमेश, सास इंद्रावती व ससुर कल्लू उनकी पौत्री प्रियंका को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। इसी बीच 11 जून की सुबह एक व्यक्ति ने फोन कर बताया कि प्रियंका की मौत हो गई है। घटना की सूचना ससुराल वालों ने नहीं दी। अलबत्ता आनन-फानन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे थे। पुलिस ने अंतिम संस्कार रोकवा दिया। इस तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की। पुलिस आरोपी सास इंद्रावती और ससुर कल्लू की गिरफ्तारी करने की कोशिश में थी। दोनों की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सास इंद्रावती और ससुर कल्लू की गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया है। शिकायतकर्ता को भी नोटिस जारी किया है।
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