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रेलवे ट्रैक की उम्मीद पूरी नहीं
Updated Thu, 25 Feb 2016 11:45 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनभद्र/ म्योरपुर। केंद्र सरकार के रेल बजट ने सोनांचल के लोगों को निराश कर दिया है। यहां राबर्ट्सगंज और म्योरपुर सहित अन्य क्षेत्रों में नया रेलवे ट्रैक लोगों के लिए महज ख्वाब बनकर रह गया है। अन्य यात्री सुविधाएं भी केंद्र सरकार के रेल बजट में नहीं मिलीं। कोई नई ट्रेन भी नहीं मिली। इससे लोगों में खासा नाराजगी हैं।
सोनांचल में रेल सुविधाएं नदारत हैं। दो-चार ट्रेनों को छोड़ दें तो मुंबई समेत अन्य विभिन्न राज्यों में जाने के लिए यहां से कोई ट्रेन नहीं संचालित होती है। लोगों की लंबे अर्से से राबर्ट्सगंज, म्योरपुर क्षेत्र में नए रेलवे ट्रैक बनने की आस थी। उम्मीद जताई जा रही थी कि केंद्र सरकार कुछ नया करेगी।
लेकिन न तो राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म उच्चीकरण, यात्री शेड, प्रतीक्षालय, ओवरब्रिज के निर्माण की सरकार ने घोषणा की और न ही अहरौरा घाटी से वाराणसी और मुगलसराय तक सीधे रेलवे लाइन के निर्माण को लेकर रेल मंत्री ने कोई रुचि दिखाई। उधर म्योरपुर क्षेत्र में मांग के बावजूद यहां यात्री सुविधाओं की अनदेखी की जा रही।
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कटनी से रमना तक रेल मार्ग दोहरीकरण का पैसा केंद्र सरकार की ओर से भले ही अवमुक्त कर दिया गया हो, लेकिन अभी भी म्योरपुर रोड के अलावा तमाम स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का टोटा है।
यात्रियों को सफर करने के लिए स्टेशन पर पहुंचने के बावजूद ट्रेन की सूचना होने पर ही जनरेटर चलाकर टिकट दिया जा रहा है। नौ माह से टिकट के लिए लगे सिस्टम की बिजली देने वाला उपकरण खराब होने के बावजूद अब तक नहीं बन सका है। प्लेटफार्म न होने से लोगों को काफी कठिनाई उठानी पड़ रही है।
आलम यह है कि रेल कर्मचारियों के कमरों में बिजली-पानी की आपूर्ति नहीं है। बावजूद इसके उनके वेतन एकाउंट से बिजली की धनराशि काट ली जा रही है। स्टेशन मास्टर महाबीर महतो ने कहा कि यात्री सुविधाओं के लिए कुछ नहीं हो पाएगा। वे केवल अधिकारियों से समस्या के बारे में बता सकते हैं।
सोनभद्र/ म्योरपुर। केंद्र सरकार के रेल बजट ने सोनांचल के लोगों को निराश कर दिया है। यहां राबर्ट्सगंज और म्योरपुर सहित अन्य क्षेत्रों में नया रेलवे ट्रैक लोगों के लिए महज ख्वाब बनकर रह गया है। अन्य यात्री सुविधाएं भी केंद्र सरकार के रेल बजट में नहीं मिलीं। कोई नई ट्रेन भी नहीं मिली। इससे लोगों में खासा नाराजगी हैं।
सोनांचल में रेल सुविधाएं नदारत हैं। दो-चार ट्रेनों को छोड़ दें तो मुंबई समेत अन्य विभिन्न राज्यों में जाने के लिए यहां से कोई ट्रेन नहीं संचालित होती है। लोगों की लंबे अर्से से राबर्ट्सगंज, म्योरपुर क्षेत्र में नए रेलवे ट्रैक बनने की आस थी। उम्मीद जताई जा रही थी कि केंद्र सरकार कुछ नया करेगी।
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लेकिन न तो राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म उच्चीकरण, यात्री शेड, प्रतीक्षालय, ओवरब्रिज के निर्माण की सरकार ने घोषणा की और न ही अहरौरा घाटी से वाराणसी और मुगलसराय तक सीधे रेलवे लाइन के निर्माण को लेकर रेल मंत्री ने कोई रुचि दिखाई। उधर म्योरपुर क्षेत्र में मांग के बावजूद यहां यात्री सुविधाओं की अनदेखी की जा रही।
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कटनी से रमना तक रेल मार्ग दोहरीकरण का पैसा केंद्र सरकार की ओर से भले ही अवमुक्त कर दिया गया हो, लेकिन अभी भी म्योरपुर रोड के अलावा तमाम स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का टोटा है।
यात्रियों को सफर करने के लिए स्टेशन पर पहुंचने के बावजूद ट्रेन की सूचना होने पर ही जनरेटर चलाकर टिकट दिया जा रहा है। नौ माह से टिकट के लिए लगे सिस्टम की बिजली देने वाला उपकरण खराब होने के बावजूद अब तक नहीं बन सका है। प्लेटफार्म न होने से लोगों को काफी कठिनाई उठानी पड़ रही है।
आलम यह है कि रेल कर्मचारियों के कमरों में बिजली-पानी की आपूर्ति नहीं है। बावजूद इसके उनके वेतन एकाउंट से बिजली की धनराशि काट ली जा रही है। स्टेशन मास्टर महाबीर महतो ने कहा कि यात्री सुविधाओं के लिए कुछ नहीं हो पाएगा। वे केवल अधिकारियों से समस्या के बारे में बता सकते हैं।