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युवक की मौत से नाराज भीड़ का बवाल
अमर उजाला ब्यूरो। सोनभद्र
Updated Thu, 04 Jun 2015 10:40 PM IST
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थाना क्षेत्र के बस अड्डा बाजार में गुरुवार की दोपहर एक युवक करेंट से आकर झुलस गया। उपचार के लिए संजीवनी अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार शुरू होने से पहले ही मौत हो गई। परिवारीजनों और साथ आए लोगों ने पर्ची काटने में देरी करने और समय से उपचार शुरू न कराए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कई बार तोड़फोड़ की कोशिश की, जिसे सीआईएसएफ के जवानों ने विफल कर दिया। शाम साढ़े छह बजे के करीब लोगों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक पर मुकदमा और मुआवजे की मांग करते हुए वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग जाम कर दिया।
इसके बाद जाम में फंसे एक रोडवेज समेत अन्य वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। साथ ही जो दूकानें खुली थीं, उनके दूकानदारों से भी नोकझोंक की। सीओ सितांशु यादव लोगों को समझाने में लगे हुए थे, लेकिन हंगामे के साढ़े छह घंटे बाद भी लोग शांत नहीं हुए। एनटीपीसी सिंगरौली के डीजीएम मानव संसाधन चरनजीत ने कमेटी बनाकर प्रकरण की जांच कर दोषी पाए जाने पर चिकित्सक पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर रात साढ़े आठ बजे आवागमन बहाल हो सका।
बस अड्डा बाजार निवासी रवि कुमार (21) दोपहर बारह बजे के करीब कूलर में पानी भर रहा था। उसी दौरान किसी तरह करेंट की चपेट में आ गया। आननफानन में परिवार के लोग एनटीपीसी आवासीय परिसर स्थित संजीवनी अस्पताल पहुंचे, जहां डेढ़ बजे के करीब उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों एवं साथ के लोगों का कहना था कि पर्ची काटने में काफी देर की गई। इसके बाद चिकित्सक ने भी उपचार शुरू करने में देरी बरती, इसके चलते रवि की मौत हो गई। इससे खफा लोगों ने चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई और मृतक के परिवारीजनों को मुआवजे की मांग कर हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने मामला शांत कराने की कोशिश की लेकिन लोग अपनी बात पर अड़े रहे।
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शाम चार बजे तक कोई निष्कर्ष नहीं निकलता देख बस अड्डा बाजार के व्यवसायी भी दूकान बंद कर अस्पताल पहुंच गए और अस्पताल प्रबंधन विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए। कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की कोशिश की लेकिन सीआईएसएफ कर्मियों ने आगे आकर रोक दिया। शाम साढ़े बजे तक कोई कार्रवाई नहीं हुए तो लोग प्रदर्शन के अंदाज में बस स्टैंड के पास अनपरा-शक्तिनगर मार्ग पर उतर आए और वाहनों का आवागमन ठप कर दिया। शक्तिनगर पुलिस ने समझाने की कोशिश की लेकिन कोई नहीं नतीजा नहीं निकला।
खबर पाते ही पिपरी सीओ सितांशु यादव, पिपरी एसओ अबरार अहमद, बीना चौकी इंचार्ज बृजनाथ यादव को लेकर मौके पर पहुंच गए और लोगों को समझाकर जाम छुडा़ने की कोशिश में जुट गए। अभी वार्ता हो ही रही थी, कि कई लोग बस अड्डे के पास खुली कुछ दूकानों को भी बंद कराने में लग गए। इसको लेकर झड़प भी हुई। इसके बाद लोगों ने बैढ़न से आ रही रोडेवेज बस, हाइवा सहित कई वाहनों के शीशे फोड़ डाले। वाहन के अंदर भी तोड़फोड़ की। किसी तरह सीओ ने लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया। इसके बाद एनटीपीसी सिंगरौली के डीजीएम मानव संसाधन चरनजीत को बुलाकर वार्ता कराई। तय हुआ कि जांच कमेटी 15 दिन में रिपोर्ट देगी।
आरोप सही निकला तो चिकित्सक पर कार्रवाई होगी। साथ ही गंभीर रूप से बीमार और घायल मरीजों का इलाज बिना पर्ची का इंतजार किए तत्काल शुरू कर दिया जाएगा। पर्ची बाद में कटवा ली जाएगी।
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इसके बाद जाम में फंसे एक रोडवेज समेत अन्य वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। साथ ही जो दूकानें खुली थीं, उनके दूकानदारों से भी नोकझोंक की। सीओ सितांशु यादव लोगों को समझाने में लगे हुए थे, लेकिन हंगामे के साढ़े छह घंटे बाद भी लोग शांत नहीं हुए। एनटीपीसी सिंगरौली के डीजीएम मानव संसाधन चरनजीत ने कमेटी बनाकर प्रकरण की जांच कर दोषी पाए जाने पर चिकित्सक पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर रात साढ़े आठ बजे आवागमन बहाल हो सका।
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बस अड्डा बाजार निवासी रवि कुमार (21) दोपहर बारह बजे के करीब कूलर में पानी भर रहा था। उसी दौरान किसी तरह करेंट की चपेट में आ गया। आननफानन में परिवार के लोग एनटीपीसी आवासीय परिसर स्थित संजीवनी अस्पताल पहुंचे, जहां डेढ़ बजे के करीब उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों एवं साथ के लोगों का कहना था कि पर्ची काटने में काफी देर की गई। इसके बाद चिकित्सक ने भी उपचार शुरू करने में देरी बरती, इसके चलते रवि की मौत हो गई। इससे खफा लोगों ने चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई और मृतक के परिवारीजनों को मुआवजे की मांग कर हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने मामला शांत कराने की कोशिश की लेकिन लोग अपनी बात पर अड़े रहे।
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शाम चार बजे तक कोई निष्कर्ष नहीं निकलता देख बस अड्डा बाजार के व्यवसायी भी दूकान बंद कर अस्पताल पहुंच गए और अस्पताल प्रबंधन विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए। कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की कोशिश की लेकिन सीआईएसएफ कर्मियों ने आगे आकर रोक दिया। शाम साढ़े बजे तक कोई कार्रवाई नहीं हुए तो लोग प्रदर्शन के अंदाज में बस स्टैंड के पास अनपरा-शक्तिनगर मार्ग पर उतर आए और वाहनों का आवागमन ठप कर दिया। शक्तिनगर पुलिस ने समझाने की कोशिश की लेकिन कोई नहीं नतीजा नहीं निकला।
खबर पाते ही पिपरी सीओ सितांशु यादव, पिपरी एसओ अबरार अहमद, बीना चौकी इंचार्ज बृजनाथ यादव को लेकर मौके पर पहुंच गए और लोगों को समझाकर जाम छुडा़ने की कोशिश में जुट गए। अभी वार्ता हो ही रही थी, कि कई लोग बस अड्डे के पास खुली कुछ दूकानों को भी बंद कराने में लग गए। इसको लेकर झड़प भी हुई। इसके बाद लोगों ने बैढ़न से आ रही रोडेवेज बस, हाइवा सहित कई वाहनों के शीशे फोड़ डाले। वाहन के अंदर भी तोड़फोड़ की। किसी तरह सीओ ने लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया। इसके बाद एनटीपीसी सिंगरौली के डीजीएम मानव संसाधन चरनजीत को बुलाकर वार्ता कराई। तय हुआ कि जांच कमेटी 15 दिन में रिपोर्ट देगी।
आरोप सही निकला तो चिकित्सक पर कार्रवाई होगी। साथ ही गंभीर रूप से बीमार और घायल मरीजों का इलाज बिना पर्ची का इंतजार किए तत्काल शुरू कर दिया जाएगा। पर्ची बाद में कटवा ली जाएगी।