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दुश्वारियों का सफर: बस के लिए महिलाओं ने घंटों किया इंतजार, धक्कामुक्की कर हुईं सवार; प्राइवेट वाहन ही सहारा

Fri, 28 Aug 2026 05:52 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 28 Aug 2026 05:52 AM IST
सार

रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों में महिलाओं को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। घंटों इंतजार के बाद बस आते ही धक्का-मुक्की के बीच यात्रियों को सवार होना पड़ा। अतिरिक्त बसें नहीं चलने से ग्रामीण रूटों पर सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कोन-विंढमगंज जाने वाली महिलाओं को तीन से चार घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ा। मजबूरी में कई यात्रियों ने प्राइवेट वाहनों का सहारा लिया।

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Journey of Hardships Women Waited Hours Bus Boarded Amidst Shoving and Jostling Private Vehicles Resort
रोडवेज पर बस के लिए लगी भीड़। - फोटो : संवाद

विस्तार

महिलाओं की सुविधा और सुरक्षित सफर के दावों के बीच रोडवेज व्यवस्था की हकीकत कुछ और ही नजर आई। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर महिलाओं को सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के लिए की गई तैयारियां कागजों तक सिमटी रहीं। पर्याप्त संख्या में बसों का संचालन नहीं होने से महिलाओं को रोडवेज बसों में भीड़ और अव्यवस्था के बीच सफर करने को मजबूर होना पड़ा। 

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सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण रुटों पर हुईं, जहां घंटों इंतजार के बाद प्राइवेट वाहन ही सहारा बने। रक्षाबंधन पर सोनभद्र डिपो की सभी 80 बसों का संचालन करने का दावा किया जाता रहा, मगर त्योहार की पूर्व संध्या पर व्यवस्थाएं तार-तार नजर आईं। सभी बसों के संचालन के दावों के बीच बृहस्पतिवार को रोडवेज बस स्टेशन परसिर में 15 से अधिक बसें खड़ी नजर आईं। 

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इसमें अधिकांश बसें निर्धारित किलोमीटर से अधिक चल चुकी है। हालांकि उम्र पूरा नहीं होने से इन रोडवेज बसों का संचालन नियमित रूप से किया जाता है, मगर रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर ग्रामीण रूटों का बसों का संचालन नहीं किया गया। परिवहन निगम की तरफ से पूर्व की भांति रॉबर्ट्सगंज से खलियारी और घोरावल मार्ग पर एक-एक बस का ही संचालन किया गया, जिसके इंतजार में बड़ी संख्या में महिलाएं धर्मशाला चौक पर बैठी रहीं। 

रोडवेज बस पहुंचते ही यात्रियों से भर गई। रोडवेज बस स्टेशन में कोन और विंढमगंज जाने वाले बड़ी संख्या में यात्री बस का इंतजार करते रहे। अतिरिक्त बसों का संचालन नहीं होने से महिला एवं पुरुष यात्रियों को तीन से चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

जिम्मेदारों को कोसते रहे यात्री
रोडवेज प्रशासन की दुर्व्यवस्था से यात्री बेहाल नजर आए। करीब सवा दो बजे तेलगुड़वा होते हुए कोन-विंढमगंज जाने वाली रोडवेज बस पहुंची। वहीं ढ़ाई बजे हाथीनाला, दुद्धी होते हुए विंढमगंज जाने वाली रोडवेज बस आई। दोनों बसों के आते हुए यात्रियों से भर गई। स्थिति यह रही कि धक्का-मुक्की के बीच लोगों को सफर तय करना पड़ा। लंबी दूरी और महत्वपूर्ण ग्रामीण रूटों पर अतिरिक्त बसों का संचालन नहीं होने से यात्री व्यवस्था को कोसते नजर आए। 

यात्रियों का कहना था कि यदि बसें उपलब्ध थीं तो उनका ग्रामीण मार्गों पर संचालन क्यों नहीं किया गया। स्टेशन परिसर में बसों के खड़े रहने और दूसरी ओर यात्रियों के परेशान होने से रोडवेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े हुए। यात्रियों ने रोडवेज प्रशासन से रक्षाबंधन के मद्देनजर आगामी दो दिन चलने वाली निशुल्क बसों का संचालन सभी रुटों पर किए जाने की मांग की है। ताकि रक्षाबंधन के पर्व पर यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

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