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मील के पत्थरों का बदलने लगा रंग, फिर गहराने लगी आशंकाएं
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घोरावल से राबर्ट्सगंज होते हुए खलियारी को जाने वाले मार्ग को स्टेट हाईवे में बदलने की प्रक्रिया तेज हो गई है। पीडब्लूडी की ओर से मार्ग पर सड़क किनारे लगे दूरी दर्शाने वाले पत्थरों का रंग बदला जाने लगा है। पहले इन पत्थरों पर सफेद और काला रंग चढ़ा था। अब स्टेट हाईवे होने के कारण सफेद और हरे रंग में रंगा जा रहा है। घोरावल की ओर से शुरू हुआ कार्य जैसे-जैसे नगर की ओर बढ़ रहा है, लोगों की बेचैनी भी बढ़ती जा रही है। तमाम तरह की आशंकाओं में जकड़े लोग इस सड़क के विस्तार के साथ अपने सपनों को भी दम तोड़ते देख रहे हैं।
मिर्जापुर सीमा पर कलवारी से शुरू होकर घोरावल से राबर्ट्सगंज, खलियारी होते हुए बिहार बार्डर को जाने वाले करीब 102 किमी लंबे मार्ग को करीब दो साल पहले स्टेट हाईवे (एसएच-154) घोषित किया गया था। अगस्त 2020 में इसकी अधिसूचना भी प्रकाशित की जा चुकी है। इससे पहले यह सड़क प्रमुख जिला मार्ग के रूप में अधिसूचित थी। लिहाजा सड़क 3.75 से 5.5 मीटर तक बनी हुई है। अब इसके स्टेट हाईवे घोषित होने के बाद से सड़क किनारे बसे लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। नियमों के तहत स्टेट हाईवे की चौड़ाई सात मीटर तक होती है। ऐसे में लोग इस आशंका से घिरे हुए हैं कि कहीं इस मानक का पालन हुआ तो उनके दुकान-मकान जद में न आ जाएं। इसी आशंका का ही असर है कि नगर के लोग बाईपास की मांग करते हुए लगातार आंदोलन कर रहे हैं। हालांकि पीडब्लूडी और प्रशासन की ओर से कई बार चौड़ीकरण न किए जाने के बाबत सफाई दी जा चुकी है। बावजूद लोगों की चिंताएं खत्म नहीं हो रहीं। पिछले दिनों रामगढ़ बाजार में नापी हुई तो भी खलबली मच गई थी। बाद में सड़क किनारे नाली से अतिक्रमण हटाने की बात कह उन्हें शांत कर दिया गया। अब घोरावल की तरफ से मील के पत्थरों का रंग बदले जाने से तरह-तरह की आशंकाएं बढ़ने लगी है।
सड़क के चौड़ीकरण का कोई प्रस्ताव फिलहाल नहीं है और न ही शासन की ओर से इसकी मांग की गई है। अन्य प्रक्रियाएं नियमों के तहत मील के पत्थरों का रंग बदला जा रहा है। आगे जो भी निर्देश होंगे, उसके अनुसार कदम उठाए जाएंगे। - चंद्रप्रकाश, एक्सईएन, प्रांतीय खंड।
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मिर्जापुर सीमा पर कलवारी से शुरू होकर घोरावल से राबर्ट्सगंज, खलियारी होते हुए बिहार बार्डर को जाने वाले करीब 102 किमी लंबे मार्ग को करीब दो साल पहले स्टेट हाईवे (एसएच-154) घोषित किया गया था। अगस्त 2020 में इसकी अधिसूचना भी प्रकाशित की जा चुकी है। इससे पहले यह सड़क प्रमुख जिला मार्ग के रूप में अधिसूचित थी। लिहाजा सड़क 3.75 से 5.5 मीटर तक बनी हुई है। अब इसके स्टेट हाईवे घोषित होने के बाद से सड़क किनारे बसे लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। नियमों के तहत स्टेट हाईवे की चौड़ाई सात मीटर तक होती है। ऐसे में लोग इस आशंका से घिरे हुए हैं कि कहीं इस मानक का पालन हुआ तो उनके दुकान-मकान जद में न आ जाएं। इसी आशंका का ही असर है कि नगर के लोग बाईपास की मांग करते हुए लगातार आंदोलन कर रहे हैं। हालांकि पीडब्लूडी और प्रशासन की ओर से कई बार चौड़ीकरण न किए जाने के बाबत सफाई दी जा चुकी है। बावजूद लोगों की चिंताएं खत्म नहीं हो रहीं। पिछले दिनों रामगढ़ बाजार में नापी हुई तो भी खलबली मच गई थी। बाद में सड़क किनारे नाली से अतिक्रमण हटाने की बात कह उन्हें शांत कर दिया गया। अब घोरावल की तरफ से मील के पत्थरों का रंग बदले जाने से तरह-तरह की आशंकाएं बढ़ने लगी है।
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सड़क के चौड़ीकरण का कोई प्रस्ताव फिलहाल नहीं है और न ही शासन की ओर से इसकी मांग की गई है। अन्य प्रक्रियाएं नियमों के तहत मील के पत्थरों का रंग बदला जा रहा है। आगे जो भी निर्देश होंगे, उसके अनुसार कदम उठाए जाएंगे। - चंद्रप्रकाश, एक्सईएन, प्रांतीय खंड।
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