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Sonebhadra News: ओझा-सोखा के चक्कर में अंधविश्वास बन रहा जानलेवा, बढ़ रहा अपराध

Wed, 18 Sep 2024 10:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2024 10:39 PM IST
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Superstition due to exorcism is becoming deadly, crime is increasing
आदिवासी बहुल जिले में लोगों के जीवन पर अंधविश्वास हावी है। जिला अस्पताल के मन कक्ष में पहुंचने वाले पचास फीसदी मरीजों को भूत-प्रेत का शक है तो दूसरी ओर ओझा-सोखा के फेर में पड़कर अक्सर मारपीट के मामले भी सामने आ रहे हैं।
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पिछले माह सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में युवक की मौत पर भूत- प्रेत का शक जताते हुए महिला की पिटाई का मामला सामने आया था। इसके अलावा हाल ही में चोपन थाना क्षेत्र के कानोपान में रवि खरवार ने ओझा के कहने पर अपने पिता सोनेश्वर की ही हत्या कर दी थी।
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अंधविश्वास का यह पहला मामला नहीं है। जिले में चोपन, बभनी, म्योरपुर, पन्नूगंज, रायपुर, दुद्धी, कोन, मांची सहित अन्य इलाकों में ओझाओं की भरमार है। वह बीमारी के मामलों में लोगों को भूत-प्रेत का डर दिखाकर पैसा वसूलते हैं।
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इनके फेर में अक्सर मारपीट होती है। जिला अस्पताल की ओपीडी में उपचार कराने आने वाले कई मामलों में चिकित्सक संबंधित मरीज को मन कक्ष भेज देते हैं। यहां काउंसिलिंग में पता चलता है कि मरीज को भूत-प्रेत का वहम हैं, जो लंबे समय से ओझाई करा रहे हैं।
ऐसे मरीजों को दवा के जरिए ठीक किया जा रहा है। मन कक्ष की ओपीडी में रोजाना 40 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें पचास फीसदी को भूत-प्रेत का वहम हैं।

ओझाओं पर नकेल नहीं
जिले के हर तीसरे गांव में एक ओझा बैठे हैं। हर साल सर्प दंश के 65 फीसदी मौत के मामलों में झाड़ फूंक ही वजह बनती है। इन ओझाओं पर प्रशासन की ओर से कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाती है। न ही स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई जागरूकता कार्यक्रम संचालित किया जाता है। चंद रुपयों की लालच में अक्सर ओझा अनपढ़ लोगों को भूत-प्रेत के बहाने विवाद कराते हैं। फिर भी पुलिस प्रशासन अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाले ओझाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है।

कुछ प्रमुख घटनाओं पर एक नजर

1. ओझा की हत्या : पूर्व में शाहगंज थाना क्षेत्र के राजपुर गांव निवासी बसंतू चौरसिया की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या हुई। वह झाड़-फूंक व ओझाई करता था। भूत-प्रेत एवं जादू टोना के संदेह पर पड़ोसी पिता-पुत्र ने कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दिया।

2. ओझा के उकसाने पर हत्या : विंढमगंज थाना क्षेत्र के करहिया गांव में महिलाओं ने पत्थर से सिर कूचकर फूलवंती की हत्या कर दी। वे गांव के कुछ ओझाओं के कहने पर खेत में पूजन-अर्चन करके घर आ रही थी। उधर, महिलाओं को दूसरे ओझा ने कहा था कि जब तक फूलवंती जिंदा रहेगी तुम सुखमय जीवन नहीं बिता सकोगी।


3. डायन होने के शक में ली जान : 2021 में म्योरपुर थाना क्षेत्र के नवटोला गांव में महिला की भूत-प्रेत के शक में उसके पति ने हत्या कर दिया। महिला को किसी ओझा ने बताया था कि शादी के 12 साल बाद यानि 2022 तक उसका पति मर जाएगा। ऐसे में वह अवधि पूरे होने से पहले डायन समझ अपनी पत्नी को ही रास्ते से हटा दिया।
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