सोनभद्र के सोमा गांव में सौतेले भाई-बहनों को साथ लेकर पहाड़ी से कूदने वाली युवती के खौफनाक कदम की हर तरफ चर्चा है। ग्रामीणों की मानें तो कृष्णा के मन में सौतेली मां के प्रति नफरत भर गई थी। बात-बात पर टोकना उसे नागवार लगता था। उसके मन में यह बैठ चुका था कि नई मां के आने के बाद से पिता का व्यवहार भी उसके प्रति बदल गया है। ग्रामीणों के मुताबिक सौतेली मां किसी बात पर कृष्णा को टोकती तो उसे काफी बुरा लगता था। इसे लेकर अक्सर मां-बेटी के बीच कहासुनी होती रहती थी।
कई बार पिता अमरेश ने भी इसमें हस्तक्षेप करते हुए बेटी को डांट लगाई थी। इसके लिए भी वह अपनी सौतेली मां को ही जिम्मेदार मानती थी। यही कारण रहा कि सोमवार को सबके खाने के बाद जब उसके लिए पर्याप्त मछली नहीं बची तो वह उग्र हो गई और सौतेली मां को सबक सिखाने के लिए उसके दोनों बच्चों को साथ लेकर घर से निकल गई। गांव से करीब दो किमी दूर स्थित पहाड़ी पर चढ़ गई और छलांग लगा दी। शुक्रवार शाम तीनों के शव खाई में मिले।
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इसी जगह से युवती ने बच्चों संग लगाई थी छलांग
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों संग पहाड़ी से कूदने वाली कृष्णा का सौतेली मां से छोटी-छोटी बातों पर विवाद होता। यही कारण था कि कुछ माह पहले भी उसने घर से भागकर जान देने की कोशिश की थी, लेकिन तब ग्रामीणों ने उसे रोक लिया था। परिजनों के मुताबिक, जल्द ही उसकी शादी करने की तैयारी थी।
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इसी घर में रहते थे तीनों बच्चे
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अमरेश धांगर की तीन शादियां हुई हैं। पहली पत्नी फूलवंती के निधन के बाद दूसरी शादी से पत्नी कुछ दिन बाद ही छोड़कर चली गई। बच्चों की देखभाल के लिए उसने 2017 में शहजादी से शादी की। अमरेश चार दिन पहले ही काम की तलाश में अंबाला गया था। उसका कहना था कि बेटी को मां डांटती रहती थी लेकिन उसकी भलाई के लिए। लेकिन यह अंदाजा नहीं था कि इसका कृष्णा के मन पर ऐसा प्रभाव पड़ेगा।
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इसी खाई में मिले थे शव
- फोटो : अमर उजाला
अमरेश ने कहा कि आखिर उन बच्चों का क्या कसूर था, जो उसे बेहद प्यार करते थे। वह दोनों तो दिन भर कृष्णा के ही साथ रहते थे। दीदी-दीदी कहते। बेटी ने यह क्या कर दिया...। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद फूफा रामसुमेर ने बताया कि दोनों भाइयों की तरह कृष्णा को भी अपने साथ रहने को कहा था लेकिन वह तैयार नहीं हुई। जल्द ही उसकी शादी करने की तैयारी थी।
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पहाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
सोमा गांव से घटनास्थल करीब दो किमी दूर है। वहां की स्थिति पूरी कहानी को बयां कर रही थी। ऊंची पहाड़ी पर चढ़ने में सामान्य लोग भी हांफने लगते हैं, मगर कृष्णा दोनों भाई-बहन को लेकर पहाड़ी पर चढ़ गई और फिर दूसरी तरफ कुछ नीचे उतरी। बच्चों के साथ ऐसी जगह पहुंची, जहां से उन्हें कोई देख न सके। इसके बाद सैकड़ों फीट नीचे गहरी खाई में कूद गई।