UP: पुरानी पेंशन बहाली और निजीकरण पर रोक के लिए होगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन, सोनभद्र में बोले सुभाष लांबा
अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कर्मचारियों की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि पुरानी पेंशन बहाली और निजीकरण पर रोक के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन होगा।
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सोनभद्र जिले में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा शनिवार को सोनभद्र पहुंचे। पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में प्रेस वार्ता में उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली, संविदा कर्मियों के नियमितीकरण, जनसेवा विभागों व पीएसयू के निजीकरण पर रोक की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर कर्मचारी राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगे। इसकी औपचारिक घोषणा एक मार्च को राष्ट्रीय सचिव मंडल की बैठक में की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू होनी थीं, लेकिन अब तक कोई स्पष्टता नहीं है। स्थाई भर्ती की बजाय ठेका व संविदा के माध्यम से नियुक्तियां की जा रही हैं, जिससे बेरोजगारों में निराशा बढ़ रही है।
प्रदेश अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान सरकार बनने के बाद कर्मचारी संगठनों को बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारी-मजदूरों की समस्याएं सरकार के एजेंडे में शामिल नहीं हैं।
महामंत्री अशोक कुमार सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण जैसे मुद्दों पर सरकार का रवैया निराशाजनक है। पत्रकार वार्ता के बाद विवेकानंद प्रेक्षा गृह में मंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ। अयोध्या प्रसाद की अध्यक्षता में हुए इस सम्मेलन का संचालन अशोक कुमार सिंह ने किया। इसमें मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही जिलों के विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारियों व पदाधिकारियों ने भाग लिया।
इस मौके पर अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसपी सिंह, उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पद्मनाभ त्रिवेदी, उप्र राज्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के संरक्षक त्रिवेणी प्रसाद, उप प्रधान परमेश्वर सिंह, जिला अध्यक्ष अयोध्या प्रसाद, मंत्री कैलाश चंद्र तथा उत्तर प्रदेश राज्य बिजली कर्मचारी यूनियन के महासचिव विश्वंभर सिंह आदि मौजूद रहे।