{"_id":"6130fa838ebc3e5acc329147","slug":"sonbhadra-do-farming-in-a-scientific-way-do-not-burn-crop-residues-tips-given-by-agricultural-experts-sonbhadra-news-vns6093539191","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोनभद्रः वैज्ञानिक तरीके से करें खेती, न जलाएं फसल अवशेष, कृषि विशेषज्ञयों ने दिए टिप्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोनभद्रः वैज्ञानिक तरीके से करें खेती, न जलाएं फसल अवशेष, कृषि विशेषज्ञयों ने दिए टिप्स
विज्ञापन
कृषि मंत्रालय की तरफ से प्रसारित वैज्ञानिकों की बात किसानों के साथ कार्यक्रम का प्रसारण सोनभद्र के एनआईसी सहित सभी ब्लॉकों में किया गया। कार्यक्रम से जुड़कर किसानों ने खरीफ के साथ रबी खेती और फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में जानकारी ली।
वैज्ञानिकों ने जोर देकर कहा कि किसान वैज्ञानिक तरीके से फसल उगाएं और फसल अवशेष को न जलाएं। इससे होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। कृषि उपनिदेशक डीके गुप्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक वैज्ञानिकों की बात किसानों के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कृषि मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग से किसानों से जुड़ें। किसानों से पराली प्रबंधन, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, दलहन, तिलहन एवं सब्जी उत्पादन, पशुपालन जैविक खेती, एफपीओ एवं कृषि अनुषांगी विभागों की सुविधाओं पर चर्चा की। कृषि विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग किसानों को दिखाया गया।
एनआईसी में उपस्थित 22 किसान ने रबी खेती करने के तरीके और पराली प्रबंधन के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही सभी ब्लॉकों में राजकीय कृषि बीज भंडार, कृषि रक्षा इकाई, समस्त निजी बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक विक्रय केंद्रों पर कार्यक्रम का लाइव स्ट्रीमिंग करीब 20 हजार से अधिक किसानों ने देखा। बताया गया कि किसान फसल के अवशेष न जलाएं, इससे भूमि की उर्वरा शक्ति नष्ट होती है। फसलों के अवशेष का वैज्ञानिक विधि से निस्तारण करके खेती करनी चाहिए। इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी हरिशंकर मिश्रा सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
वैज्ञानिकों ने जोर देकर कहा कि किसान वैज्ञानिक तरीके से फसल उगाएं और फसल अवशेष को न जलाएं। इससे होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। कृषि उपनिदेशक डीके गुप्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक वैज्ञानिकों की बात किसानों के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कृषि मंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग से किसानों से जुड़ें। किसानों से पराली प्रबंधन, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, दलहन, तिलहन एवं सब्जी उत्पादन, पशुपालन जैविक खेती, एफपीओ एवं कृषि अनुषांगी विभागों की सुविधाओं पर चर्चा की। कृषि विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग किसानों को दिखाया गया।
विज्ञापन
एनआईसी में उपस्थित 22 किसान ने रबी खेती करने के तरीके और पराली प्रबंधन के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही सभी ब्लॉकों में राजकीय कृषि बीज भंडार, कृषि रक्षा इकाई, समस्त निजी बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक विक्रय केंद्रों पर कार्यक्रम का लाइव स्ट्रीमिंग करीब 20 हजार से अधिक किसानों ने देखा। बताया गया कि किसान फसल के अवशेष न जलाएं, इससे भूमि की उर्वरा शक्ति नष्ट होती है। फसलों के अवशेष का वैज्ञानिक विधि से निस्तारण करके खेती करनी चाहिए। इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी हरिशंकर मिश्रा सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन