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Sonebhadra News: उत्तर प्रदेश के कुछ लोग बाहर रह रहे, उनके नाम भी मतदाता सूची में जुड़वाएं
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चंदौली के सांसद ने मंडलायुक्त से मुलाकात कर उन्हें पत्र सौंपा
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह ने शनिवार को मंडलायुक्त एस राजलिंगम से मुलाकात कर उन्हें पत्र सौंपा। सांसद ने कहा कि निर्वाचक नामावली के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतिम चरण में फॉर्म-6 से संभावित अनियमित और दोहरी प्रविष्टियों, विशेषकर स्थायी रूप से अन्य राज्यों में प्रवास कर चुके व्यक्तियों की ओर से दोबारा उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने को कहा। उन्होंने सीमावर्ती जनपदों में इस पर कड़ी निगरानी, क्रॉस वेरिफिकेशन और स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने को कहा। चंदौली की चंद्रप्रभा और गरई (पहाड़ी) नदियों में बढ़ते सिल्ट जमाव के कारण हो रहे जलभराव और कृषि भूमि क्षति और किसानों को हो रहे भारी आर्थिक नुकसान के बारे में बताया। इन नदियों की डी-सिल्टिंग/खुदाई की मांग की। धान क्रय केंद्रों की अवधि बढ़ाए जाने और साधन सहकारी समितियों पर इफको की ओर से निर्मित उर्वरकों की निर्बाध और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। ताकि किसानों को बिचौलियों के शोषण से बचाया जा सके और आगामी फसलों की तैयारी समय से हो सके।
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माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह ने शनिवार को मंडलायुक्त एस राजलिंगम से मुलाकात कर उन्हें पत्र सौंपा। सांसद ने कहा कि निर्वाचक नामावली के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतिम चरण में फॉर्म-6 से संभावित अनियमित और दोहरी प्रविष्टियों, विशेषकर स्थायी रूप से अन्य राज्यों में प्रवास कर चुके व्यक्तियों की ओर से दोबारा उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने को कहा। उन्होंने सीमावर्ती जनपदों में इस पर कड़ी निगरानी, क्रॉस वेरिफिकेशन और स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने को कहा। चंदौली की चंद्रप्रभा और गरई (पहाड़ी) नदियों में बढ़ते सिल्ट जमाव के कारण हो रहे जलभराव और कृषि भूमि क्षति और किसानों को हो रहे भारी आर्थिक नुकसान के बारे में बताया। इन नदियों की डी-सिल्टिंग/खुदाई की मांग की। धान क्रय केंद्रों की अवधि बढ़ाए जाने और साधन सहकारी समितियों पर इफको की ओर से निर्मित उर्वरकों की निर्बाध और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। ताकि किसानों को बिचौलियों के शोषण से बचाया जा सके और आगामी फसलों की तैयारी समय से हो सके।