{"_id":"5ebd720b8ebc3e905f4820aa","slug":"people-of-the-city-hope-to-get-pure-drinking-water-sonbhadra-news-vns5247924180","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने की आस जगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने की आस जगी
विज्ञापन
सोनभद्र। नगर पालिका परिषद राबर्ट्सगंज के लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने उम्मीद जग गई है। धनाभाव में लंबे अरसे से रुकी पड़ी योजना के तहत प्रस्तावित कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए 51.66 करोड़ रुपये मंजूर कर लिए गए हैं। वर्ष 2014 में स्वीकृत 96.01 करोड़ की इस योजना के शुरूआती दौर में 44.35 करोड़ रुपये मिलने के बाद करीब 40 फीसदी ही कार्य हो पाए थे। इस बीच धनराशि न मिलने के कारण काम रुक गया। तब से काम रुके पड़े थे।
पिछले वर्ष कार्यदायी संस्था जल निगम के मुख्य अभियंता ने यहां आकर अब तक हो चुके कार्यों का जायजा भी लिया था। उस दौरान न तो मुख्य अभियंता और न ही नगर पालिका के चेयरमैन यह बता पाने की स्थिति में थे कि रुके पड़े कार्य कब शुरू होंगे और न ही अधिशासी अधिकारी। इसके तहत जर्जर हो चुकी पाइप को बदलकर नई पाइप लाइन बिछाने, चार जगहों पर ओवरहेड टैंक बनाने, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने सहित अन्य कार्य प्रस्तावित हैं। अब जबकि 51.66 करोड़ रुपये इस रुकी पड़ी योजना के तहत प्रस्तावित कार्यों को शुरू करने के लिए मंजूर हो गए हैं तो यह उम्मीद भी जगी है कि शहर के लोगों को जल्द शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा। योजना को मंजूरीसपा सरकार में मिली थी। उसी सरकार में राबर्ट्सगंज पुनर्गठन पेयजल योजना का निर्माण कार्य शुरू भी हुआ था। इसके लिए 96.01 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार हुआ था। तत्कालीन सरकार ने इस योजना के निर्माण के लिए 44.35 करोड़ रुपये आवंटित किया था। इस धनराशि से जल निगम ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया था। लेकिन अखिलेश की सरकार जाने के बाद निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा था अथवा यह कह सकते हैं कि धनाभाव के कारण बंद चल रहा था। अब जबकि शासन स्तर से धनराशि मंजूर होने के बाद जारी होने वाली है, ऐसे में अब कहा जा रहा है कि रुके कार्य जल्द शुरू हो सकते हैं। कार्यदायी संस्था जल निगम के अधिशासी अभियंता फणींद्र राय का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए संबंधित ठेकेदार को चिट्ठी लिखी गई है। उसे एक सप्ताह का समय दिया गया है।
विज्ञापन
पिछले वर्ष कार्यदायी संस्था जल निगम के मुख्य अभियंता ने यहां आकर अब तक हो चुके कार्यों का जायजा भी लिया था। उस दौरान न तो मुख्य अभियंता और न ही नगर पालिका के चेयरमैन यह बता पाने की स्थिति में थे कि रुके पड़े कार्य कब शुरू होंगे और न ही अधिशासी अधिकारी। इसके तहत जर्जर हो चुकी पाइप को बदलकर नई पाइप लाइन बिछाने, चार जगहों पर ओवरहेड टैंक बनाने, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने सहित अन्य कार्य प्रस्तावित हैं। अब जबकि 51.66 करोड़ रुपये इस रुकी पड़ी योजना के तहत प्रस्तावित कार्यों को शुरू करने के लिए मंजूर हो गए हैं तो यह उम्मीद भी जगी है कि शहर के लोगों को जल्द शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा। योजना को मंजूरीसपा सरकार में मिली थी। उसी सरकार में राबर्ट्सगंज पुनर्गठन पेयजल योजना का निर्माण कार्य शुरू भी हुआ था। इसके लिए 96.01 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार हुआ था। तत्कालीन सरकार ने इस योजना के निर्माण के लिए 44.35 करोड़ रुपये आवंटित किया था। इस धनराशि से जल निगम ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया था। लेकिन अखिलेश की सरकार जाने के बाद निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा था अथवा यह कह सकते हैं कि धनाभाव के कारण बंद चल रहा था। अब जबकि शासन स्तर से धनराशि मंजूर होने के बाद जारी होने वाली है, ऐसे में अब कहा जा रहा है कि रुके कार्य जल्द शुरू हो सकते हैं। कार्यदायी संस्था जल निगम के अधिशासी अभियंता फणींद्र राय का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए संबंधित ठेकेदार को चिट्ठी लिखी गई है। उसे एक सप्ताह का समय दिया गया है।
विज्ञापन