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हत्या में दोषी भतीजे और भांजे को दस-दस वर्ष की कैद
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जादू-टोना को लेकर विवाद में साढ़े चार वर्ष पूर्व हुई हत्या के मामले में सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार यादव ने ी अदालत ने भतीजे और भांजे को 10-10 कैद की सजा सुनाई। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। वहीं अर्थदंड में से 40 हजार रुपये वादिनी को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक चोपन थाने में 14 दिसंबर 2017 को दी तहरीर में बहेरा खाड़ी गांव की इंद्रमनी ने आरोप लगाया था कि उसके पति रामचंद्र जंगल में लकड़ी लेने गए थे। उसी वक्त देवर सहदेव का बेटा ओमप्रकाश व भांजा राजकुमार भी जंगल की ओर गए। जादू टोने के शक में घर से थोड़ी दूर दोनों उसके पति को पीटने लगे। चीख सुनकर जब मौके पर गई तो पति गिरे हुए थे। दोनों आरोपी उसे देखकर भाग गए। कुछ देर बाद पति की मौत हो गई। इस तहरीर के आधार पर आरोपी ओमप्रकाश और राजकुमार के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत किया। अपराध सिद्ध पाते हुए कोर्ट ने दोनों दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 50-50 हजार रुपये प्रत्येक पर अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड जमा किए जाने के उपरांत उसमें से 40 हजार रुपये वादिनी को बतौर प्रतिकर मिलेगा। जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शरण राय राज्य सरकार की ओर से अपने तर्क रखे।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक चोपन थाने में 14 दिसंबर 2017 को दी तहरीर में बहेरा खाड़ी गांव की इंद्रमनी ने आरोप लगाया था कि उसके पति रामचंद्र जंगल में लकड़ी लेने गए थे। उसी वक्त देवर सहदेव का बेटा ओमप्रकाश व भांजा राजकुमार भी जंगल की ओर गए। जादू टोने के शक में घर से थोड़ी दूर दोनों उसके पति को पीटने लगे। चीख सुनकर जब मौके पर गई तो पति गिरे हुए थे। दोनों आरोपी उसे देखकर भाग गए। कुछ देर बाद पति की मौत हो गई। इस तहरीर के आधार पर आरोपी ओमप्रकाश और राजकुमार के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत किया। अपराध सिद्ध पाते हुए कोर्ट ने दोनों दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 50-50 हजार रुपये प्रत्येक पर अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड जमा किए जाने के उपरांत उसमें से 40 हजार रुपये वादिनी को बतौर प्रतिकर मिलेगा। जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शरण राय राज्य सरकार की ओर से अपने तर्क रखे।
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