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मशरूम की खेती से महिलाओं को बनाया जाएगा स्वावलंबी

Tue, 31 Aug 2021 09:17 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 31 Aug 2021 09:17 PM IST
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Mushroom cultivation will make women self-supporting
म्योरपुर। सोनांचल की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की पहल तेज कर दी गई है। मंगलवार को भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी मशरूम उत्पादन की ओर से पोषण सुधार एवं आजीविका सुधार आदिवासी उप परियोजना के तहत चोपन, म्योरपुर, बभनी व दुद्धी ब्लॉक के 18 महिलाओं को मशरूम की खेती करने का प्रशिक्षण दिया। बनवासी सेवा आश्रम के प्रांगण में प्रशिक्षण देने के साथ ही सभी प्रशिक्षुओं को किट वितरित किया गया।
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आईबीआर वैज्ञानिकों का मानना है कि मशरूम और सब्जी की खेती से आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र में पोषण की कमी दूर होगी और लोग आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। आईबीआर के मशरूम उत्पादन के विशेषज्ञ वैज्ञानिक डॉ सुदर्शन मौर्य ने बताया कि सीजन के अनुसार सितंबर अक्टूबर में 18 से 20 दिन और दिसंबर जनवरी में 22 से 26 दिन में मशरूम तैयार हो जाता है। कहा इसकी अनेक प्रजातियां भी है और स्वाद भी अलग-अलग है। उन्होंने बताया कि मशरूम सेवन से पोषण की पूर्ति होगी। सुगर और फ्लोराइड प्रभावित लोगों के लिए यह बहुत उपयोगी है।
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