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माइनर न बनने से किसान नाराज
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Thu, 02 Jul 2015 11:37 PM IST
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चतरा ब्लाक में स्थित कर्मनाशा कट से निकली गौरवा माइनर की मरम्मत न होने से नाराज किसानों ने गुरुवार की सुबह केतार गांव में नहर के पास पहुंचकर प्रदर्शन किया।
किसानों ने नाराजगी जाहिर की कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कर्मनाशा कट की मरम्मत नहीं की जा सकी है। चेताया कि यदि मरम्मत नहीं होती है तो जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
कर्मनाशा कट नदी से निकली गौरवां माइनर से केतार, चितबिसरांव, गौरवां, हरदी, ठुभियां, तियरा, सेन्दूर पाथर आदि गांवों में किसानों के खेतों को पानी मिलता था।
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इससे सैकड़ों हेक्टेयर खेत की सिंचाई होती थी और धान से लेकर अन्य फसलों को अच्छा खासा उत्पादन होता था लेकिन अब तो इस नहर में टेल तक पानी पहुंचे कई वर्ष हो गए।
वजह यह है कि केतार गांव के पास स्थित गौरवां माइनर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। नहर में पानी तो आता है लेकिन टेल तक नहीं पहुंचता है।
इससे खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। इससे नाराज किसानों ने सोमवार को गौरवा माइनर पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और सिंचाई विभाग व जिला प्रशासन के कार्यों की भर्त्सना की।
जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर नाराजगी जाहिर करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि यही मायने में चाहे तो गौरवा माइनर की मरम्मत हो सकती है और इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।
अच्छा उत्पादन होगा तो लोग खुशहाल होंगे। ग्रामीणों ने कहा कि जिला प्रशासन क्षतिग्रस्त माइनर की पक्की पीचिंग करा दें तो अक्सर उसके क्षतिग्रस्त होने की समस्या से निजात मिल जाएगी।
कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कई बार इसकी मरम्मत के नाम पर धन खर्च किया लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ।
हर वर्ष हल्की बारिश में भी माइनर क्षतिग्रस्त हो जाती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। चेताया कि यदि जल्द गौरवां की क्षतिग्रस्त माइनर की मरम्मत नहीं करायी गई तो वे
कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर अशोक चौबे, शिवकुमार सिंह, कमला विश्वकर्मा, अनिल मौर्य, मुन्ना विश्वकर्मा, रामू चौबे, बहादुर, रमेश, राजेंद्र, छोटू, धर्मेंद्र, रमाकांत मौजूद रहे।
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किसानों ने नाराजगी जाहिर की कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कर्मनाशा कट की मरम्मत नहीं की जा सकी है। चेताया कि यदि मरम्मत नहीं होती है तो जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
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कर्मनाशा कट नदी से निकली गौरवां माइनर से केतार, चितबिसरांव, गौरवां, हरदी, ठुभियां, तियरा, सेन्दूर पाथर आदि गांवों में किसानों के खेतों को पानी मिलता था।
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इससे सैकड़ों हेक्टेयर खेत की सिंचाई होती थी और धान से लेकर अन्य फसलों को अच्छा खासा उत्पादन होता था लेकिन अब तो इस नहर में टेल तक पानी पहुंचे कई वर्ष हो गए।
वजह यह है कि केतार गांव के पास स्थित गौरवां माइनर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। नहर में पानी तो आता है लेकिन टेल तक नहीं पहुंचता है।
इससे खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। इससे नाराज किसानों ने सोमवार को गौरवा माइनर पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और सिंचाई विभाग व जिला प्रशासन के कार्यों की भर्त्सना की।
जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर नाराजगी जाहिर करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि यही मायने में चाहे तो गौरवा माइनर की मरम्मत हो सकती है और इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।
अच्छा उत्पादन होगा तो लोग खुशहाल होंगे। ग्रामीणों ने कहा कि जिला प्रशासन क्षतिग्रस्त माइनर की पक्की पीचिंग करा दें तो अक्सर उसके क्षतिग्रस्त होने की समस्या से निजात मिल जाएगी।
कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कई बार इसकी मरम्मत के नाम पर धन खर्च किया लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ।
हर वर्ष हल्की बारिश में भी माइनर क्षतिग्रस्त हो जाती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। चेताया कि यदि जल्द गौरवां की क्षतिग्रस्त माइनर की मरम्मत नहीं करायी गई तो वे
कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर अशोक चौबे, शिवकुमार सिंह, कमला विश्वकर्मा, अनिल मौर्य, मुन्ना विश्वकर्मा, रामू चौबे, बहादुर, रमेश, राजेंद्र, छोटू, धर्मेंद्र, रमाकांत मौजूद रहे।