सोनभद्र। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में विकास कार्यक्रमों व मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले बिंदुओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अधिशासी अभियंता के खिलाफ शासन को पत्र भेजने का निर्देश दिया। लापरवाही के आरोप में बभनी, म्योरपुर, चोपन व घोरावल के खंड शिक्षा अधिकारियों से जवाब-तलब करने का निर्देश दिया। कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास को पूरी पारदर्शिता व गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाय। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य को हर हाल में पूरा करने के लिए पुरजोर कोशिश करें साथ ही कार्य में पारदर्शिता व गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान दिया जाय। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी विभाग का कार्य करने में सम्बन्धित विभाग की वजह से कार्य बाधित हो रहा हों, तो आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य को पूरा किया जाय। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस, मुख्य मंत्री शिकायती पोर्टल, जन शिकायती आदि का निस्तारण ससमय गुणवत्ता पूर्वक किया जाय। कहा कि जिले की जो सड़कें वन क्षेत्रों में बननी है, उन विभागों के अधिकारी वन विभाग से समन्वय स्थापित करके नियमानुसार सभी औपचारिकताओ को पूरा करते हुए एनओसी प्राप्त कर सड़कों का निर्माण करायें। उन्होंने जिले में स्थापित गौ-शालाओं की व्यवस्था की समीक्षा की और कहा कि निराश्रित गौ-वंशों का बेहतर देख-भाल की जाय और देख-भाल करने वाले संरक्षको के पारिश्रमिक का भुगतान भी समय से किया जाय। गोशालाओं में गौ-वंशों के गोबर से वर्मिंग कम्पोस्ट खाद तैयार करके जरूरत मंदों को न्यूनतम दर पर बागवानी व खेती-बारी के लिए मुहैया कराया जाय। बैठक में सीडीओ एके द्विवेदी, डीएफओ संजीव कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. एसके उपाध्याय, डीडीओ रामबाबू त्रिपाठी, परियोजना निदेशक आरएस मौर्या, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ओपी यादव, डीपीआरओ धनंजय जायसवाल, बीएसए गोरखनाथ पटेल, डीएसओ राकेश तिवारी मौजूद रहे।