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चिकित्सकीय निगरानी में कोरोना वायरस के संदिग्धों का चल रहा इलाज
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अनपरा। रेणुसागर पावर डिवीजन में आपरेटर के पद पर कार्यरत एक व्यक्ति के एक ही परिवार के चार लोगों के कोरोना वायरस से पीड़ित होने की आशंका पर रेणुसागर परियोजना प्रबंधन सभी पीड़ितों के इलाज के साथ ही जागरूकता फैलाने में जुटा हुआ है।
रेणुसागर चिकित्सालय के डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि सभी संदिग्ध चार लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। सर्दी व खांसी की दवाएं दी जा रही हैं तथा एहतियातन बचाव सुरक्षा के सभी उपाय किए जा रहे हैं। लोगों को इस वायरस से बचने के लिए अधिक से अधिक जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके इलाज से बेहतर इससे सुरक्षा के उपाय हैं। जिसे हम आप अपनाकर अपना व परिवार को बचाव कर सकते हैं। उन्होंने सर्दी, जुकाम के पीड़ित लोगों से दूर रहने व हाथ व कपड़ों की साफ-सफाई निरंतर करते रहने की सलाह देते हुए कहा कि लक्षण गंभीर होने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें। बाहर की वस्तुएं खाने व बिना वजह भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर आने जाने से बचें। उन्होंने बताया कि कोरोना के संदिग्ध लोगों की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। सभी लोगों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। बता दें, रेणुसागर पावर डिविजन में आपरेटर के पद पर कार्यरत 50 वर्षीय कर्मचारी पत्नी, बेटे व बहू के साथ नेपाल घूमने गया था। वहां से दो मार्च सभी लौटे। इस बीच खांसी जुकाम व सांस लेने में तकलीफ होने पर कर्मचारी ने हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका जताई थी। उसके बाद सीएमओ के नेतृत्व में टीम जांच को पहुंची थी। टीम ने सभी संदिग्धों ब्लड के नमूने जांच के लिए वाराणसी भेजा है। जिसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
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रेणुसागर चिकित्सालय के डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि सभी संदिग्ध चार लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। सर्दी व खांसी की दवाएं दी जा रही हैं तथा एहतियातन बचाव सुरक्षा के सभी उपाय किए जा रहे हैं। लोगों को इस वायरस से बचने के लिए अधिक से अधिक जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके इलाज से बेहतर इससे सुरक्षा के उपाय हैं। जिसे हम आप अपनाकर अपना व परिवार को बचाव कर सकते हैं। उन्होंने सर्दी, जुकाम के पीड़ित लोगों से दूर रहने व हाथ व कपड़ों की साफ-सफाई निरंतर करते रहने की सलाह देते हुए कहा कि लक्षण गंभीर होने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें। बाहर की वस्तुएं खाने व बिना वजह भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर आने जाने से बचें। उन्होंने बताया कि कोरोना के संदिग्ध लोगों की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। सभी लोगों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। बता दें, रेणुसागर पावर डिविजन में आपरेटर के पद पर कार्यरत 50 वर्षीय कर्मचारी पत्नी, बेटे व बहू के साथ नेपाल घूमने गया था। वहां से दो मार्च सभी लौटे। इस बीच खांसी जुकाम व सांस लेने में तकलीफ होने पर कर्मचारी ने हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका जताई थी। उसके बाद सीएमओ के नेतृत्व में टीम जांच को पहुंची थी। टीम ने सभी संदिग्धों ब्लड के नमूने जांच के लिए वाराणसी भेजा है। जिसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
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