नगर के दीपनगर स्थित जैन साधना भवन में रविवार की देर शाम को महाराजा अग्रसेन की जयंती मनाई गई। अग्रवाल समाज के लोगों ने अग्रसेन जी के चित्र पर माल्यार्पण किया और आरती उतारी।
समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी रतनलाल गर्ग ने कहा कि अग्रवाल समाज के लोग सेवा और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। ज़िले के अधिकांश कस्बों में अग्रवाल समाज के लोगों द्वारा धर्मशालाएं और मंदिर बनवाए गए हैं। कहा कि कुशल शासकों की कीर्ति किसी एक युग तक सीमित नहीं रहती। उनका लोक हितकारी चिंतन कालजयी होता है और युगों युगों तक समाज का मार्गदर्शन करता है। ऐसे शासकों से न केवल जनता, बल्कि सभ्यता और संस्कृति भी समृद्ध और शक्तिशाली बनती है। ऐसे शासकों की दृष्टि में सर्वोपरि हित सत्ता का न होकर समाज एवं मानवता होता है। महाराजा अग्रसेन ऐसे ही महान शासक थे। विजय कानोडिया ने कहा कि अग्रवाल बंधु महाराजा की जयंती पूरी श्रद्धा से मनाते हैं। उन्होंने यह भी आह्वान किया कि समाज के लोग और एकजुट होकर समाज की भलाई एवं सेवा के कार्यों में लगें। विमल जालान ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ममता और समता मूलक समाज के निर्माता थे। उन्होंने सबसे पहले समाजवाद के सिद्धांतों की समाज में स्थापना की l उन्होंने समाज के लोगों से महाराजा के सिद्धांतों पर चलने का आह्वान किया। इस मौके पर पवन कुमार जैन, हर्ष अग्रवाल, धर्मराज जैन, आशीष अग्रवाल, चन्द्रभान अग्रवाल, विमल अग्रवाल, बालकिशन अग्रवाल, महेश जालान, अशोक जैन, मनोज ज़ालान, राकेश जालान, अमित जैन, राजेश बंसल, प्रिंस जैन आदि उपस्थित रहे।