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प्रताड़ित करने पर पति को तीन साल की कैद
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सोनभद्र। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राहुल मिश्रा की अदालत ने बृहस्पतिवार को प्रताड़ना मामले में दोषी पति रामेश्वर को दोष सिद्ध पाकर तीन साल की कैद एवं तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर नौ माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर चौकी में 24 मई 2009 को दी तहरीर में सत्यनारायण ने अवगत कराया था कि उसकी बहन मानमती की शादी दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के किरवानी गांव निवासी रामेश्वर के साथ 8 साल पूर्व हुई थी। मानमती को दो बेटी और एक बेटा हैं। उसका बहनोई रामेश्वर शराब पीकर अक्सर उसकी बहन को मारता-पीटता था। यह बात मायके आने पर बहन बताती थी। 24 मई 2009 को पता चला कि बहन मानमती की मौत हो गई। जब बहन की ससुराल पहुंचा तो उसकी लाश पड़ी थी। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की। पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में विवेचक ने चार्जशीट दाखिल किया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर रामेश्वर को तीन साल की कैद एवं तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड न जमा करने पर नौ माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक धनंजय शुक्ला एडवोकेट ने की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर चौकी में 24 मई 2009 को दी तहरीर में सत्यनारायण ने अवगत कराया था कि उसकी बहन मानमती की शादी दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के किरवानी गांव निवासी रामेश्वर के साथ 8 साल पूर्व हुई थी। मानमती को दो बेटी और एक बेटा हैं। उसका बहनोई रामेश्वर शराब पीकर अक्सर उसकी बहन को मारता-पीटता था। यह बात मायके आने पर बहन बताती थी। 24 मई 2009 को पता चला कि बहन मानमती की मौत हो गई। जब बहन की ससुराल पहुंचा तो उसकी लाश पड़ी थी। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की। पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में विवेचक ने चार्जशीट दाखिल किया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर रामेश्वर को तीन साल की कैद एवं तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड न जमा करने पर नौ माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक धनंजय शुक्ला एडवोकेट ने की।
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