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Sonebhadra News: सरयू की लहरों से मकानों को पहुंचा नुकसान
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बैरिया। सरयू नदी की लहरों ने बृहस्पतिवार की देर रात एक बार फिर गोपालनगर टाड़ी में नुकसान पहुंचाया। दर्जनों लोगों के सहन नदी में विलीन हो गया। गणेश यादव, मुखराम यादव, शिवजी यादव व महेश यादव के मकानों को आंशिक नुकसान हुआ है। बरमेश्वर यादव व माधव यादव ने रात में ही पक्का मकान तोड़ना शुरू कर दिया।
बरमेश्वर यादव ने ईंट दिखाते हुए कहा कि यह ईंट नहीं हमारी जीवनभर की खून-पसीने की कमाई है। अब जो भी हाथ लगे तोड़कर कहीं सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में लगा हूं। अचानक रात में कटान शुरू हो जाने से गोपालनगर टाड़ी व शिवाल दोनों गांव में अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। गनीमत है की सुबह होते-होते सरयू नदी का तेवर नरम पड़ गए। कटान लगभग रुक गया। धूपनाथ के डेरा, अधिसीझुवा, चाईछपरा व फतेय राय, बकुलहा के दियारे में कटान धीमी गति से जारी है। बचाव के नाम पर सिंचाई विभाग बड़ी परियोजना के लिए प्रस्ताव रखने का लालीपॉप दिखा रहा है। उपजिलाधिकारी सुनील कुमार कटान स्थल की रिपोर्ट जिलाधिकारी के मार्फ़त शासन के पास भेजने की बात कह रहे हैं। अभी भविष्य के गर्भ में है कि आनेवाले दिनों में दियारा क्षेत्र के मांझा, वशिष्ठ नगर, गोपालनगर, मानगढ़, शिवाल मठिया, अधिसीझुवा, चाईछपरा, फ़तेय राय के टोला, बकुलहा, चांददियर आदि गांव की डेढ़ लाख की आबादी को बचाने के लिए बड़ा प्रोजेक्ट पर कार्य होगा या नहीं। मौजूदा समय में बाढ़ क्षेत्र में बाढ़ राहत किट का वितरण किया जा रहा है, लेकिन यह काफी कम है। गोपालनगर में जब बाढ़ पीड़ितों को राहत किट नहीं मिली तो ग्रामीणों ने क्षेत्रीय लेखपाल राजू यादव पर नाराजगी जताई। लेखलाल राजू यादव ने बताया कि 3500 बाढ़ राहत पैकेट की मांग की गई थी, 500 पैकेट मिले हैं।-- -- -- -- -- -- -
सभी बाढ़ पीड़ितों को राहत किट दी जाएगी।जरूरत पड़ी तो और मंगवाया जाएगा। बाढ़ व कटान पीड़ितों की हर बुनियादी सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। - सुनील कुमार, उपजिलाधिकारी, बैरिया
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46 किसानों को मिलेगी आर्थिक मदद
बलिया। सरयू के कटान में अपनी उपजाऊ भूमि गंवाने वाले 46 किसानों को जल्द ही आर्थिक सहायता मिलेगी। प्रशासन ने इनकी सूची बनाकर शासन को भेज दी है। इसमें भूमि गंवाने वाले किसानों को कम से कम पांच हजार रुपये देने का प्रावधान हैं। आपदा राहत कोष से कटान पीड़ितों को मदद पहुंचाई जाती है। प्रशासन ने सरयू नदी के कटान में भूमि गंवाने वालों की सूची तैयार कर ली हैं। इसमें बांसडीह, बैरिया व सिकंदरपुर तहसील के किसान शामिल हैं। इन सभी किसानों के खाते में 94 हजार रुपये की धनराशि भेजी जाएगी। अपर जिलाधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सूची शासन को भेज दी गई है। कटान जारी रहने के कारण लेखपालों को आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
बाढ़ पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़क रही सरकार : रामगोविंद
बांसडीह। सरकार झूठे आश्वासनों से बाढ़ पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है। बांसडीह विधानसभा के मनियर टुकड़ा नंबर-2, ककरघट्टा, रिगवन, खादीपुर, सुल्तानपुर, पर्वतपुर, सारंगपुर, खेवसर, रेगहां, रामपुर नम्बरी, चितबिसाव कला, महाराजपुर आदि बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों के बीच पहुंचे सपा राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी ने ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि जो बाढ़रोधी काम अप्रैल में हो जाना चाहिए, उसे रोक दिया गया था। परिणाम यह हुआ कि भोजपुरवा का राजस्व गांव टिटुलिया दीयर सरयू नदी में विलीन हो गया। पांच बार मुख्यमंत्री व जलशक्ति मंत्री समेत प्रदेश के सभी प्रमुख अधिकारियों को पत्र लिखकर प्रभावित गांवों की स्थिति बताई गई लेकिन सरकार ने सार्थक कदम नहीं उठाया। खादीपुर में ग्रामीणों ने कहा कि हम लोगों की जमीन सरयू में समाहित हो गई। कहा कि मुआवजा दिलाने का प्रयास करेंगे। उदय बहादुर सिंह, आशीष सिंह, अशोक यादव, धर्मेंद्र माणिक, कमलाकर यादव, चंद्रशेखर यादव, वेद प्रकाश सिंह, विजय सिंह, देवेंद्र यादव, अनिल यादव थे। संवाद
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बरमेश्वर यादव ने ईंट दिखाते हुए कहा कि यह ईंट नहीं हमारी जीवनभर की खून-पसीने की कमाई है। अब जो भी हाथ लगे तोड़कर कहीं सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में लगा हूं। अचानक रात में कटान शुरू हो जाने से गोपालनगर टाड़ी व शिवाल दोनों गांव में अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। गनीमत है की सुबह होते-होते सरयू नदी का तेवर नरम पड़ गए। कटान लगभग रुक गया। धूपनाथ के डेरा, अधिसीझुवा, चाईछपरा व फतेय राय, बकुलहा के दियारे में कटान धीमी गति से जारी है। बचाव के नाम पर सिंचाई विभाग बड़ी परियोजना के लिए प्रस्ताव रखने का लालीपॉप दिखा रहा है। उपजिलाधिकारी सुनील कुमार कटान स्थल की रिपोर्ट जिलाधिकारी के मार्फ़त शासन के पास भेजने की बात कह रहे हैं। अभी भविष्य के गर्भ में है कि आनेवाले दिनों में दियारा क्षेत्र के मांझा, वशिष्ठ नगर, गोपालनगर, मानगढ़, शिवाल मठिया, अधिसीझुवा, चाईछपरा, फ़तेय राय के टोला, बकुलहा, चांददियर आदि गांव की डेढ़ लाख की आबादी को बचाने के लिए बड़ा प्रोजेक्ट पर कार्य होगा या नहीं। मौजूदा समय में बाढ़ क्षेत्र में बाढ़ राहत किट का वितरण किया जा रहा है, लेकिन यह काफी कम है। गोपालनगर में जब बाढ़ पीड़ितों को राहत किट नहीं मिली तो ग्रामीणों ने क्षेत्रीय लेखपाल राजू यादव पर नाराजगी जताई। लेखलाल राजू यादव ने बताया कि 3500 बाढ़ राहत पैकेट की मांग की गई थी, 500 पैकेट मिले हैं।
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सभी बाढ़ पीड़ितों को राहत किट दी जाएगी।जरूरत पड़ी तो और मंगवाया जाएगा। बाढ़ व कटान पीड़ितों की हर बुनियादी सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। - सुनील कुमार, उपजिलाधिकारी, बैरिया
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46 किसानों को मिलेगी आर्थिक मदद
बलिया। सरयू के कटान में अपनी उपजाऊ भूमि गंवाने वाले 46 किसानों को जल्द ही आर्थिक सहायता मिलेगी। प्रशासन ने इनकी सूची बनाकर शासन को भेज दी है। इसमें भूमि गंवाने वाले किसानों को कम से कम पांच हजार रुपये देने का प्रावधान हैं। आपदा राहत कोष से कटान पीड़ितों को मदद पहुंचाई जाती है। प्रशासन ने सरयू नदी के कटान में भूमि गंवाने वालों की सूची तैयार कर ली हैं। इसमें बांसडीह, बैरिया व सिकंदरपुर तहसील के किसान शामिल हैं। इन सभी किसानों के खाते में 94 हजार रुपये की धनराशि भेजी जाएगी। अपर जिलाधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सूची शासन को भेज दी गई है। कटान जारी रहने के कारण लेखपालों को आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
बाढ़ पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़क रही सरकार : रामगोविंद
बांसडीह। सरकार झूठे आश्वासनों से बाढ़ पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है। बांसडीह विधानसभा के मनियर टुकड़ा नंबर-2, ककरघट्टा, रिगवन, खादीपुर, सुल्तानपुर, पर्वतपुर, सारंगपुर, खेवसर, रेगहां, रामपुर नम्बरी, चितबिसाव कला, महाराजपुर आदि बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों के बीच पहुंचे सपा राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी ने ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि जो बाढ़रोधी काम अप्रैल में हो जाना चाहिए, उसे रोक दिया गया था। परिणाम यह हुआ कि भोजपुरवा का राजस्व गांव टिटुलिया दीयर सरयू नदी में विलीन हो गया। पांच बार मुख्यमंत्री व जलशक्ति मंत्री समेत प्रदेश के सभी प्रमुख अधिकारियों को पत्र लिखकर प्रभावित गांवों की स्थिति बताई गई लेकिन सरकार ने सार्थक कदम नहीं उठाया। खादीपुर में ग्रामीणों ने कहा कि हम लोगों की जमीन सरयू में समाहित हो गई। कहा कि मुआवजा दिलाने का प्रयास करेंगे। उदय बहादुर सिंह, आशीष सिंह, अशोक यादव, धर्मेंद्र माणिक, कमलाकर यादव, चंद्रशेखर यादव, वेद प्रकाश सिंह, विजय सिंह, देवेंद्र यादव, अनिल यादव थे। संवाद