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भारी फोर्स के साथ खंगाले गए होटल, जांचे दस्तावेज
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सीओ राजकुमार तिवारी की अगुवाई में बृहस्पतिवार को पुलिस ने शहर के कई होटलों को खंगाला। भारी फोर्स के साथ पहुंचकर होटल के रिकार्ड जांचे। वहां ठहरे लोगों के बारे में पूछताछ की। अचानक से फोर्स के पहुंचने से होटल संचालकों में खलबली मची रही। पुलिस की इस सक्रियता को जिला पंचायत चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि विभागीय अफसर इसे रुटीन जांच बताते रहे।
बृहस्पतिवार की दोपहर पुलिस टीम सबसे पहले उत्तर मोहाल स्थित एक होटल में पहुंची। पुलिस के जवान वाहनों से उतरकर धड़ाधड़ होटल में घुुस गए। रिसेप्शन पर वहां ठहरे हुए लोगों के बारे में जानकारी ली। उनके दस्तावेज देखे। होटल की रसोई व अन्य हिस्सों में जाकर भी पूछताछ की। काफी देर तक सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसी तरह पुलिस ने नगर के अन्य इलाकों में स्थित अन्य प्रमुख होटलों में भी जांच-पड़ताल की। पुलिस होटलों में 26 जून के बाद से आने-जाने वालों के बारे में खासतौर से जानकारी ले रही थी। अचानक से भारी फोर्स को देखकर होटल के कर्मचारी सकते में रहे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गैर जिलों के कुछ जिला पंचायत सदस्यों को यहां के होटल में छिपाकर रखे जाने की गोपनीय सूचना पर जांच की गई। जांच में कुछ भी खास हासिल नहीं हुआ। तीन दिन पहले भी पुलिस ने होटलों में जांच की थी। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी राजकुमार तिवारी ने कहा कि होटलों में नाबालिग बच्चों से काम तो नहीं कराया जा रहा है, इसका पता लगाने के लिए फोर्स गई थी। सुरक्षा के अन्य बिंदुओं पर भी रुटीन जांच की गई है। इस जांच का जिला पंचायत चुनाव से कोई ताल्लुक नहीं है।
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बृहस्पतिवार की दोपहर पुलिस टीम सबसे पहले उत्तर मोहाल स्थित एक होटल में पहुंची। पुलिस के जवान वाहनों से उतरकर धड़ाधड़ होटल में घुुस गए। रिसेप्शन पर वहां ठहरे हुए लोगों के बारे में जानकारी ली। उनके दस्तावेज देखे। होटल की रसोई व अन्य हिस्सों में जाकर भी पूछताछ की। काफी देर तक सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसी तरह पुलिस ने नगर के अन्य इलाकों में स्थित अन्य प्रमुख होटलों में भी जांच-पड़ताल की। पुलिस होटलों में 26 जून के बाद से आने-जाने वालों के बारे में खासतौर से जानकारी ले रही थी। अचानक से भारी फोर्स को देखकर होटल के कर्मचारी सकते में रहे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गैर जिलों के कुछ जिला पंचायत सदस्यों को यहां के होटल में छिपाकर रखे जाने की गोपनीय सूचना पर जांच की गई। जांच में कुछ भी खास हासिल नहीं हुआ। तीन दिन पहले भी पुलिस ने होटलों में जांच की थी। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी राजकुमार तिवारी ने कहा कि होटलों में नाबालिग बच्चों से काम तो नहीं कराया जा रहा है, इसका पता लगाने के लिए फोर्स गई थी। सुरक्षा के अन्य बिंदुओं पर भी रुटीन जांच की गई है। इस जांच का जिला पंचायत चुनाव से कोई ताल्लुक नहीं है।
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