{"_id":"66abc695e4b901d3bd0d62a6","slug":"girl-student-jumped-into-obra-dam-by-sending-message-to-her-family-sonbhadra-news-c-194-1-son1002-116201-2024-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: घर वालों को मेसेज भेज ओबरा डैम में कूदी छात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: घर वालों को मेसेज भेज ओबरा डैम में कूदी छात्रा
विज्ञापन
ओबरा। स्थानीय थानातंर्गत ओबरा डैम पर बने रेलवे पुल से बृहस्पतिवार की दोपहर बीएससी की छात्रा ने रेणु नदी में छलांग लगा दी। घटना से पहले उसने घरवालों को मेसेज भेजा और मां को वीडियो कॉल भी किया। मनचाहे कोर्स में दाखिला न होने से छात्रा दुखी थी। घटना के बाद पुलिस गोताखोरों की मदद से छात्रा की तलाश में जुटी रही। देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिल पाई थी। पुलिस ने वाराणसी से एसडीआरएफ टीम से मदद मांगी है।
डाला निवासी चंद्रेश चौबे की पुत्री श्रेया (20) ओबरा पीजी कॉलेज में बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा है। बृहस्पतिवार की दोपहर करीब एक बजे वह अपनी स्कूटी से ओबरा डैम पहुंची। पंप हाउस के पास स्कूटी खड़ा कर मोबाइल से वीडियो कॉल करते हुए डैम पर बने रेलवे पुल पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, श्रेया ने रेलवे पुल पर पहुंचते ही पहले अपने जूते खोले, फिर स्कूटी की चाभी अपनी बैग में रखकर वहीं छोड़ दिया। पहले उसने मोबाइल डैम में फेंका फिर खुद छलांग लगा दी। पास ही रेलवे लाइन दोहरीकरण के काम में लगे कुछ मजदूर उसे बचाने के लिए कूदे लेकिन तब तक वह डूब चुकी थी। मौजूद लोगों ने तत्काल सूचना डायल 112 पर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजने का काफी प्रयास किया, लेकिन डैम में पानी की गहराई अधिक होने से सफलता नहीं मिल सकी। बताया जा रहा है कि कूदने से पहले उसने अपनी मां को मेसेज कर जानकारी दी थी। घटना के पीछे मनचाहे कोर्स में दाखिला न कराने को वजह बताया जा रहा है। श्रेया किसी अन्य कॉलेज में पढ़ना चाहती थी, जबकि घरवाले इसके लिए तैयार नहीं थे। हालांकि परिजन इस बारे में अभी कुछ भी बोलने से इन्कार कर रहे हैं। पुलिस नाव से तलाश करवा रही है। प्रभारी निरीक्षक ओबरा राजेश कुमार सिंह ने बताया कि डैम की गहराई 140 फीट के करीब होने के कारण स्थानीय गोताखोर ज्यादा गहराई तक जाने में सक्षम नहीं हो पा रहे हैं। एसडीआरएफ वाराणसी को खोजबीन के लिए बुलाया गया है।
विज्ञापन
डाला निवासी चंद्रेश चौबे की पुत्री श्रेया (20) ओबरा पीजी कॉलेज में बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा है। बृहस्पतिवार की दोपहर करीब एक बजे वह अपनी स्कूटी से ओबरा डैम पहुंची। पंप हाउस के पास स्कूटी खड़ा कर मोबाइल से वीडियो कॉल करते हुए डैम पर बने रेलवे पुल पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, श्रेया ने रेलवे पुल पर पहुंचते ही पहले अपने जूते खोले, फिर स्कूटी की चाभी अपनी बैग में रखकर वहीं छोड़ दिया। पहले उसने मोबाइल डैम में फेंका फिर खुद छलांग लगा दी। पास ही रेलवे लाइन दोहरीकरण के काम में लगे कुछ मजदूर उसे बचाने के लिए कूदे लेकिन तब तक वह डूब चुकी थी। मौजूद लोगों ने तत्काल सूचना डायल 112 पर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजने का काफी प्रयास किया, लेकिन डैम में पानी की गहराई अधिक होने से सफलता नहीं मिल सकी। बताया जा रहा है कि कूदने से पहले उसने अपनी मां को मेसेज कर जानकारी दी थी। घटना के पीछे मनचाहे कोर्स में दाखिला न कराने को वजह बताया जा रहा है। श्रेया किसी अन्य कॉलेज में पढ़ना चाहती थी, जबकि घरवाले इसके लिए तैयार नहीं थे। हालांकि परिजन इस बारे में अभी कुछ भी बोलने से इन्कार कर रहे हैं। पुलिस नाव से तलाश करवा रही है। प्रभारी निरीक्षक ओबरा राजेश कुमार सिंह ने बताया कि डैम की गहराई 140 फीट के करीब होने के कारण स्थानीय गोताखोर ज्यादा गहराई तक जाने में सक्षम नहीं हो पा रहे हैं। एसडीआरएफ वाराणसी को खोजबीन के लिए बुलाया गया है।
विज्ञापन