{"_id":"60f1b9bf8ebc3e4df13df038","slug":"electricity-wires-of-467-houses-have-become-dilapidated-sonbhadra-news-vns600806472","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुलासा: 467 मजरों के जर्जंर हो चुके है बिजली के तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुलासा: 467 मजरों के जर्जंर हो चुके है बिजली के तार
विज्ञापन
सोनभद्र। वर्षों पहले गांवों में लगे बिजली के तार जर्जर हो गए हैं। सर्वे में यह बात सामने आई है कि 467 मजरों के तार बदलने योग्य मिले हैं। जर्जर तारों के टूट कर गिरने से खतरा बना रहता है। हालांकि सरकार के निर्देश पर अधिकृत कंपनी ने तार बदलने का कार्य शुरू कर दिया है। प्रदेश सरकार को गाजियाबाद के बाद दूसरे नंबर राजस्व देने वाले सोनभद्र के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो सकी है। वर्षों पूर्व कम्हारी, जैत, बरकरा, कैथी, बिच्छी, मझिगांव, पुसौली, घुवास, छपका, लोढ़ी, मानपुर, पसही, हिंदुआरी, बट, तेंदू, निपराज, पवर, केवटी, बुड़हर, नाको, नरोत्तमपुर आदि गांवों में लगे बिजली के तार जर्जर हो चुके हैं। अक्सर आंधी आने पर कहीं-कहीं तार टूटकर गिरने से आपूर्ति बाधित होती है। नक्सल-दुरूह क्षेत्रों में तारों को ठीक करने में कई दिन लग जाते हैं। हालांकि इससे उपभोक्ताओं को निजात दिलाने में बिजली विभाग ने पहल तेज कर दी है। विभागीय उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अवर अभियंताओं ने अपने अपने क्षेत्र के गांवों और मजरों के तारों की स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को उपलब्ध करा दी है। अभियंताओं में राबट्र्सगंज घोरावल, ओबरा और दुद्वी तहसील क्षेत्र के 467 मजरों के तार जर्जर होने की रिपोर्ट सौंपी है। इस तारों को बदलने की जरूरत बताई है। अधिशासी अभियंता के माध्यम से यह रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है। अधिकारियों ने एक कंपनी को जर्जर तारों को बदलने के लिए ठेका भी दे दिया है। इसी साल के अंत तक सभी जर्जर तारों को बदलने का निर्देश दिया गया है।
जिले के 467 मजरों के तार बदलने योग्य मिले हैं। जर्जर तारों को बदलने के लिए एक कंपनी नामित कर दी गई है। कंपनी ने कुछ मजरों मेें तार बदलने का कार्य शुरू कर दिया है। तारों के बदलने के बाद उनके टूट कर गिरने का खतरा खत्म हो जाएगी और निर्बाध विद्युत आपूर्ति होगी। -सर्वेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड राबट्र्सगंज, सोनभद्र
विज्ञापन
जिले के 467 मजरों के तार बदलने योग्य मिले हैं। जर्जर तारों को बदलने के लिए एक कंपनी नामित कर दी गई है। कंपनी ने कुछ मजरों मेें तार बदलने का कार्य शुरू कर दिया है। तारों के बदलने के बाद उनके टूट कर गिरने का खतरा खत्म हो जाएगी और निर्बाध विद्युत आपूर्ति होगी। -सर्वेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड राबट्र्सगंज, सोनभद्र
विज्ञापन