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Sonebhadra News: भीषण गर्मी का असर, पुराने बरगद के नीचे मृत मिले सैकड़ों चमगादड़
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झारखंड बॉर्डर पर स्थित क्षेत्र के मूड़िसेमर ग्राम पंचायत में बुधवार की रात सैकड़ों चमगादड़ों की मौत हो गई। वन रेंज कार्यालय परिसर में चमगादड़ मृत देख खलबली मच गई। तेज दुर्गंध के कारण वनकर्मी परिसर से चले गए। आशंका जताई जा रही है कि गर्मी के कारण उनकी मौत हुई है।
ग्रामीण विनय कुमार, छोटू कुमार, महेंद्र प्रसाद, रामचंद्र प्रसाद का कहना है कि सततवाहिनी व कुकुरडुबा नदी के तटीय इलाके में रेंज ऑफिस में पुराने बरगद, आम, जामुन के वृक्षों पर सैकड़ों चमगादड़ कई वर्षों से रहते हैं। बृहस्पतिवार की सुबह जब लोग उस ओर टहलने गए तो कुछ चमगादड़ मृत दिखे। वह पेड़ से नीचे गिरे हुए थे। आगे जाने पर बड़ी संख्या में उनका शव पड़ा था। उनसे तेज दुर्गंध उठ रही थी।
इस बाबत पशु चिकित्सक डॉ. रवि कुमार तरुण ने बताया कि वर्तमान समय में इलाके का तापमान 46-47 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। पानी भी इलाके में नहीं है। संभावना है कि इसी कारण चमगादड़ों की मौत हुई है। वही रेंजर इमरान खान ने बताया कि अधिक तापमान व पानी की समस्या ही इन चमगादड़ों के मरने का मुख्य कारण है। मृत चमगादड़ों को वन कर्मी एकत्रित कर मिट्टी में दफना रहे हैं।
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ग्रामीण विनय कुमार, छोटू कुमार, महेंद्र प्रसाद, रामचंद्र प्रसाद का कहना है कि सततवाहिनी व कुकुरडुबा नदी के तटीय इलाके में रेंज ऑफिस में पुराने बरगद, आम, जामुन के वृक्षों पर सैकड़ों चमगादड़ कई वर्षों से रहते हैं। बृहस्पतिवार की सुबह जब लोग उस ओर टहलने गए तो कुछ चमगादड़ मृत दिखे। वह पेड़ से नीचे गिरे हुए थे। आगे जाने पर बड़ी संख्या में उनका शव पड़ा था। उनसे तेज दुर्गंध उठ रही थी।
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इस बाबत पशु चिकित्सक डॉ. रवि कुमार तरुण ने बताया कि वर्तमान समय में इलाके का तापमान 46-47 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। पानी भी इलाके में नहीं है। संभावना है कि इसी कारण चमगादड़ों की मौत हुई है। वही रेंजर इमरान खान ने बताया कि अधिक तापमान व पानी की समस्या ही इन चमगादड़ों के मरने का मुख्य कारण है। मृत चमगादड़ों को वन कर्मी एकत्रित कर मिट्टी में दफना रहे हैं।
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