{"_id":"a658dca886a97a2a7a3ad0bae27caf74","slug":"each-unit-is-designed-to-project-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रत्येक इकाई करे प्रोजेक्ट तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रत्येक इकाई करे प्रोजेक्ट तैयार
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Wed, 13 Jan 2016 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जिला पर्यटन प्रोत्साहन समिति की बैठक बुधवार को जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी की अध्यक्षता मेें कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें डीएम ने वन विभाग की चारों इकाइयों को सात-सात करोड़ यानी 28 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजने का निर्देश दिया है।
साथ ही इस कार्य में जिले के औद्योगिक इकाइयों का सहयोग लेने को कहा है। ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाले स्थलों के समुचित विकास का भी निर्देश दिया है।
बैठक में डीएम ने कहा कि विभाग से समन्वय स्थापित कर प्रभागीय वनाधिकारी सोनभद्र, रेनुकूट, ओबरा व प्रभागीय वनाधिकारी वन्य जीव प्रभाग, मिर्जापुर वन क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रभाग वार कम से कम सात-सात करोड़ की कार्ययोजना बनाकर सक्षम स्तर पर भेजें।
विज्ञापन
प्रभागीय वनाधिकारी वन्य जीव प्रभाग मिर्जापुर को निर्देशित किया कि वे सलखन स्थित फासिल्स पार्क के बेहतर प्रचार, पहचान के लिए विश्व स्तरीय आर्किटेक से प्रस्ताव बनवाकर मुख्य सड़क से उत्कृष्ट रोड की व्यवस्था पार्क तक कराएं। साथ ही आउट सोर्सिंग सिस्टम से कम से कम दो कर्मचारियों की व्यवस्था करायें।
कहा कि वन विभाग के अधिकारियों के साथ ही वन्य जीव प्रभाग के अधिकारी इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रभागवार पांच-पांच करोड़ व कम्पा योजना के तहत दो-दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजवायें। साथ ही समेकित रूप से चिह्नांकित किये गये पर्यटन स्थलों के विकास के लिए वन्य जीव प्रभाग को विभागीय योजनाओं की कार्ययोजना तैयार करने का भी दिया।
बोले, अन्य स्थलों का प्रस्ताव 15 दिनों के अंदर लोक निर्माण विभाग बेहतर तरीके से तैयार कराएं। उन्होंने फासिल्स पार्क सलखन, महुअरिया, वन्य जीव रेंज, विजयगढ़ किला, मुख्खाफाल, बेलवादह, धंधरौल बांध क्षेत्र, सिलहट बांध क्षेत्र ज्वालामुखी मंदिर, सोन इको प्वाइंट, भित्त चित्र पंचमुखी के विकास में सहयोग के लिए औद्योगिक इकाइयों को कहा। बोले जिन पर्यटक स्थलों का विकास जिन औद्योगिक इकाइयों द्वारा किया जायेगा, वहां शिलापस्त्रत्त्ट्ट संबंधित औद्योगिक इकाइयों का लगेगा।
साथ ही इस कार्य में जिले के औद्योगिक इकाइयों का सहयोग लेने को कहा है। ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाले स्थलों के समुचित विकास का भी निर्देश दिया है।
विज्ञापन
बैठक में डीएम ने कहा कि विभाग से समन्वय स्थापित कर प्रभागीय वनाधिकारी सोनभद्र, रेनुकूट, ओबरा व प्रभागीय वनाधिकारी वन्य जीव प्रभाग, मिर्जापुर वन क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रभाग वार कम से कम सात-सात करोड़ की कार्ययोजना बनाकर सक्षम स्तर पर भेजें।
विज्ञापन
प्रभागीय वनाधिकारी वन्य जीव प्रभाग मिर्जापुर को निर्देशित किया कि वे सलखन स्थित फासिल्स पार्क के बेहतर प्रचार, पहचान के लिए विश्व स्तरीय आर्किटेक से प्रस्ताव बनवाकर मुख्य सड़क से उत्कृष्ट रोड की व्यवस्था पार्क तक कराएं। साथ ही आउट सोर्सिंग सिस्टम से कम से कम दो कर्मचारियों की व्यवस्था करायें।
कहा कि वन विभाग के अधिकारियों के साथ ही वन्य जीव प्रभाग के अधिकारी इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रभागवार पांच-पांच करोड़ व कम्पा योजना के तहत दो-दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजवायें। साथ ही समेकित रूप से चिह्नांकित किये गये पर्यटन स्थलों के विकास के लिए वन्य जीव प्रभाग को विभागीय योजनाओं की कार्ययोजना तैयार करने का भी दिया।
बोले, अन्य स्थलों का प्रस्ताव 15 दिनों के अंदर लोक निर्माण विभाग बेहतर तरीके से तैयार कराएं। उन्होंने फासिल्स पार्क सलखन, महुअरिया, वन्य जीव रेंज, विजयगढ़ किला, मुख्खाफाल, बेलवादह, धंधरौल बांध क्षेत्र, सिलहट बांध क्षेत्र ज्वालामुखी मंदिर, सोन इको प्वाइंट, भित्त चित्र पंचमुखी के विकास में सहयोग के लिए औद्योगिक इकाइयों को कहा। बोले जिन पर्यटक स्थलों का विकास जिन औद्योगिक इकाइयों द्वारा किया जायेगा, वहां शिलापस्त्रत्त्ट्ट संबंधित औद्योगिक इकाइयों का लगेगा।