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Sonebhadra News: ठंड में आक्रामक हो रहे कुत्ते, 24 घंटे में 42 लोगों को काटा

Mon, 29 Jan 2024 01:22 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jan 2024 01:22 AM IST
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Dogs becoming aggressive in cold, bitten 42 people in 24 hours
कड़ाके की ठंड ने इंसान ही नहीं पशुओं को भी बेहाल किया है। ठंड से कुत्ते आक्रामक हो गए हैं। नतीजा कुत्ता काटने की घटनाओं में इजाफा हुआ है। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में एंटी रेबीज इंजेक्शन के लिए 110 मरीज पहुंचे। इसमें 42 मरीज पहली डोज लगवाने आए थे। उन्हें 24 घंटे के अंदर कुत्ते ने शिकार बनाया था। जिले के अन्य अस्पतालों में भी एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या बढ़ी हुई है। हर रोज यह औसत आठ-दस है।
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पिछले कुछ दिनों में तापमान में तेजी से गिरावट आई है। न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच चुका है। इंसान तो स्वेटर-जैकेट आदि से शरीर ढंककर बचाव कर रहे हैं, मगर जानवरों का बुरा हाल है। कुत्ते भी इसके शिकार हैं। डॉक्टरों का मानना है कि ठंड में खाना-पानी और धूप न मिलने के कारण कुत्ते आक्रामक हो रहे हैं। ऐसे में कई बार लोग सड़क पर बैठे कुत्तों को परेशान करते हैं तो कुत्ते उन पर हमला बोल रहे हैं। कई बार छोटे बच्चे कुत्तों के बच्चों के साथ में खेलने लगते हैं। इससे भी कुत्ते के काटने के केस बढ़ रहे। जिले भर के आंकड़ों पर गौर करें तो रोजाना 70 से 90 लाेगों को कुत्ते काट रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों हर रोज बड़ी मात्रा में केस आ रहे हैं। ओपीडी के आंकड़े बता रहे हैं कि एक हफ्ते का औसत 85 से 110 मरीज प्रतिदिन का है। जिला अस्पताल में शनिवार को कुल 110 लोग कुत्ते का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। इसमें करीब 42 लोगों को उसी दिन कुत्ते ने काटा था तो वहीं अन्य लोग दूसरा, तीसरा या चौथा डोज लगवाने पहुंचे थे। कुत्ता काटने की शिकायत के साथ ही एंटी रेबीज इंजेक्शन की मांग बढ़ गई है।
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अस्पतालों के आंकड़ों पर एक नजर

ब्लॉक पीएचसी चतरा पर रोजाना तीन से पांच नए मरीज एंटी रेबीज लगवाने पहुंच रहे हैं। सीएचसी नगवां के अधीक्षक डॉ. रोहित सिंह ने बताया कि अस्पताल में औसतन रोजाना दस नए सहित 20 लोग कुत्ते काटने की समस्या लेकर आ रहे हैं। आम दिनों में यह संख्या तीन से चार थी। सीएचसी दुद्धी के अधीक्षक डॉ. शाह आलम ने बताया कि पहले के दिनों में रोजाना तीन से चार लोग आते थे। इस समय रोजाना आठ से दस नए मरीज आ रहे हैं। चोपन सीएचसी में भी औसतन दस मरीज आ रहे हैं। घोरावल सीएचसी के चीफ फार्मासिस्ट राजीव कुमार ने बताया कि रोजाना पांच से छह नए सहित कुल दस मरीज आ रहे हैं। वहीं म्योरपुर सीएचसी पर भी औसतन आठ से नौ लोग पहुंच रहे हैं। इसके अतिरिक्त लोग सीएचसी बभनी, सीएचसी करमा, सीएचसी कोन, सीएचसी शाहगंज, पीएचसी केकराही, पीएचसी चतरा पर भी लोग समस्या लेकर पहुंच रहे हैं।
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रविवार को होती है परेशानी

जिले में कुत्ता काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, मगर इससे निपटने की तैयारी आधी-अधूरी है। जिला अस्पताल हो फिर चाहे सीएचसी-पीएचसी कहीं भी रविवार को इंजेक्शन नहीं लगता है। अन्य छुट्टी वाले दिन भी यही स्थिति है, जबकि कुत्ता काटने की 24 घंटे के भीतर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए जाने का नियम हैं। ऐसे में अस्पतालों से मरीजों को वापस लौटना पड़ता है। सक्षम लोग बाजार से 300 से 400 रुपये खर्च कर खरीद लेते हैं।
कोई ठोस बंदोबस्त नहीं
जिले में आवारा कुत्तों की संख्या में बढ़ाेतरी हो रही है। इनसे निपटने के लिए कोई ठोस बंदोबस्त नहीं है। स्थिति यह है कि कहीं बाइक सवारों को कुत्तों का झुंड निशाना बना रहा है। तो कहीं घर के सामने खेल रहे बच्चे इनका शिकार बन रहे हैं। कुत्तों की पैदाइश पर रोकथाम करने के लिए नसबंदी जैसे कदम की दरकार है। प्रशासनिक लापरवाही का आलम है कि स्वास्थ्य विभाग पर इसका अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
केस:1
सदर ब्लॉक के कतवरिया गांव निवासी रितिक (8) शनिवार को घर के बाहर खेल रहा था। उसे पड़ोसी के पालतू कुत्ते ने काट लिया। इसके बाद वे इंजेक्शन लगवाने जिला अस्पताल पहुंचे थे।
केस:2
सदर कोतवाली क्षेत्र के घुवास कला निवासी रितुराज मौर्य (6) बृहस्पतिवार को घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। वे अस्पताल पहुंचे तो कक्ष बंद था। अगले दिन छुट्टी होने के कारण वे शनिवार को इंजेक्शन लगवा सके हैं।

मौसम में बदलाव और तापमान में गिरावट होने के कारण कुत्तों के काटने के मामले बढ़ते हैं। अस्पतालाें में पर्याप्त मात्रा में एंटी रेबीज उपलब्ध है। बच्चे कुत्तों से समुचित दूरी बनाकर चलें। ऐसी मादा श्वान, जिसके पास उनके बच्चे हों, उनसे भी दूरी बनाएं अन्यथा असुरक्षित महसूस करने व अपने बच्चों को बचाने के लिए वह काट भी सकती है। कुत्तों से अनावश्यक छेड़छाड़ न करें। उनके ऊपर पत्थर न मारें या उन्हें परेशान न करें। - डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमओ।
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