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Sonebhadra News: डीएम ने नगवां, चोपन, घोरावल और म्योरपुर के अधीक्षक को हटाया

Tue, 09 Jan 2024 10:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jan 2024 10:42 PM IST
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DM removed the superintendent of Nagwan, Chopan
सोनभद्र। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की सेहत खराब है। डॉक्टर-कर्मचारी अपने कार्यों में रुचि नहीं ले रहे। आशा-एएनएम भी लापरवाह हैं। मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में हर स्तर पर लापरवाही पर नाराज डीएम चंद्र विजय सिंह ने नगवां, चोपन, घोरावल और म्योरपुर के सीएचसी अधीक्षक को तत्काल हटाने का निर्देश दिया।
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वहीं केकराही और चतरा के अधीक्षक के एक दिन का वेतन रोकने की संस्तुति की। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, सीएमएस सहित अन्य जिम्मेदारों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा। सीएमओ को हिदायत दी कि लापरवाह आशा बहुओं को नोटिस देकर उनकी सेवा समाप्त करें।
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जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए प्रशिक्षण की समीक्षा में प्रगति काफी धीमी रही। डीएम ने प्रशिक्षण के लिए नामित सभी नोडल अधिकारियों को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। सभी सीएचसी में गर्भवती महिलाओं के प्रसव पूर्व की जाने वाली जांच की प्रगति भी ठीक न होने पर चिकित्सा अधीक्षकों को नोटिस जारी करने को कहा।
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सीएचसी पर शासन से निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति भी खराब मिली। इस पर नगवां, चोपन, घोरावल, म्योरपुर के चिकित्सा अधीक्षकों को हटाकर किसी अन्य की तैनाती करने के लिए सीएमओ को निर्देश दिया। जिला अस्पताल में नसबंदी के भुगतान की प्रगति सुस्त मिलने पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व सीएमएस को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में अनुपस्थित रहने पर केकराही व चतरा के चिकित्सा अधीक्षक के एक दिन का वेतन काटने काे कहा। बैठक में सीडीओ सौरभ गंगवार, सीएमओ डाॅ. अश्वनी कुमार, एसीएमओ डाॅ. आरजी यादव, एडीआईओ विनय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
काम में लापरवाही पर 42 आशाओं की खत्म होगी सेवा
सीएचसी-पीएचसी पर प्रसव के प्रगति की समीक्षा में सभी केंद्रों व उपकेंद्रों पर प्रसव कम मिला। सीएमओ को निर्देशित किया कि सरकारी केंद्र की जगह घर या निजी अस्पताल में प्रसव को बढ़ावा देने पर रोक लगाएं। सभी आशा और एएनएम की जिम्मेदारी तय की जाय। प्रसव, प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, नसबंदी प्रक्रिया में की भागीदारी में कई आशाओं की लापरवाही मिली।

कार्य में शिथिलता व खराब प्रगति वाली घोरावल ब्लाॅक के ममता, राधा, रीता देवी, साकेत, कृष्णावती देवी, सावित्री देवी, म्योरपुर ब्लाॅक के लीलावती देवी, शाहनाज बेगम, शांति देवी, शबनम खातून, चंद्रावती देवी, नगवां ब्लाक की रेखा देवी, अनीता, दुईजी, सुमन, शैला, राबर्ट्सगंज ब्लाक के गुजराती देवी, लालसा देवी, रीता देवी, देव कुमारी, सुशीला देवी, बभनी ब्लाक के कुसुम देवी, नीलम देवी, चंचला देवी, तारा देवी, सुनैना देवी, चतरा ब्लाक के शिव कुमारी, उषा देवी, ऊसा देवी, कमलावती, धर्मशीला, चोपन ब्लॉक के शिखा देवी, सोना देवी, हिरावती, सविता, मीना देवी, दुद्धी ब्लाक के आशा देवी, कुमारी सुनीता यादव, पूजा देवी, पवित्री देवी, पूनम देवी शामिल हैं।
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