{"_id":"621b83a3d815a678be03eb1d","slug":"demonstration-against-the-order-to-remove-vehicles-sonbhadra-news-vns6407254197","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाहनों को हटाने के आदेश के विरुद्ध किया विरोध प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाहनों को हटाने के आदेश के विरुद्ध किया विरोध प्रदर्शन
विज्ञापन
ओबरा के गांधी मैदान में नारेबाजी करते वाहन स्वामी व चालक।
- फोटो : SONBHADRA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओबरा तापीय परियोजना में बीते कई वर्षों से संचालित वाहन के स्वामियों ने रविवार को तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक को पत्र लिखकर टैक्सी वाहनों का संचालन सुचारु रखने की मांग की है। गांधी मैदान में एकत्रित होकर वाहन स्वामियों व ड्राइवरों ने निगम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
वाहन स्वामियों ने बताया कि तापीय परियोजना की ओर से गत 31 दिसंबर को 11 चार पहिया वाहन को निकाल दिया गया है। अब डिविजन स्तर पर एक्सईएन और एई को पूल में ले जाने के लिए लगाए गए वाहनों को भी हटाया जा रहा है। गांधी मैदान में एकत्रित वाहन स्वामियों व ड्राइवरों ने कहा कि वाहन निकाले जाने की स्थिति में समस्त वाहन स्वामी बेरोजगार हो जाएंगे। साथ ही उनसे जुड़े 70 से 80 परिवार भी भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे। उन्होंने मांग किया कि समस्याओं पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह उग्र आंदोलन को विवश होंगे। इस दौरान सूरज सिंघानिया, राजकुमार, शिवनाथ चौरसिया, दीपक कुमार, असलम खान, अंकित गोस्वामी, उमाशंकर यादव, पवन शुक्ला, रवींद्र यादव, कृपा यादव, धीरज कुमार, जितेंद्र सिंह, रामरक्षा, अतुल शुक्ला, शमशेर आलम, धर्मेंद्र यादव, गुड्डू यादव, राजू सिंह आदि मौजूद रहे।
अभियंता संघ के महासचिव प्रभात सिंह ने उत्पादन निगम के चेयरमैन एम देवराज को प्रेषित पत्र में लिखा है कि सुदूर अंचलों में स्थित ताप बिजली घरों में प्रदत्त वाहन कर्मचारियों के सैर सपाटे के लिए नहीं है बल्कि इनका प्रयोग सामान्य और आकस्मिक अनुरक्षण कार्य के लिए कई किमी दूर स्थित कॉलोनी से कर्मचारियों को लाने ले-जाने में किया जाता है। रात में बिजली घरों में किसी आकस्मिक आवश्यकता पर वाहन न होने पर अनुरक्षण कार्य के लिए कर्मचारी नहीं आ पाएंगे तो इससे बिजली उत्पादन ठप होने या प्रभावित होने की आशंका होगी। जवाहरपुर ताप विद्युत परियोजना से वाहन हटाने के बाद निर्माण की प्रगति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना निश्चित है। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया है कि वे तत्काल हस्तक्षेप करें जिससे आदर्श आचार संहिता के दौरान बिजली निगमों में प्रबंधन द्वारा किये जा रहे मनमाने आदेश रुक सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
वाहन स्वामियों ने बताया कि तापीय परियोजना की ओर से गत 31 दिसंबर को 11 चार पहिया वाहन को निकाल दिया गया है। अब डिविजन स्तर पर एक्सईएन और एई को पूल में ले जाने के लिए लगाए गए वाहनों को भी हटाया जा रहा है। गांधी मैदान में एकत्रित वाहन स्वामियों व ड्राइवरों ने कहा कि वाहन निकाले जाने की स्थिति में समस्त वाहन स्वामी बेरोजगार हो जाएंगे। साथ ही उनसे जुड़े 70 से 80 परिवार भी भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे। उन्होंने मांग किया कि समस्याओं पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह उग्र आंदोलन को विवश होंगे। इस दौरान सूरज सिंघानिया, राजकुमार, शिवनाथ चौरसिया, दीपक कुमार, असलम खान, अंकित गोस्वामी, उमाशंकर यादव, पवन शुक्ला, रवींद्र यादव, कृपा यादव, धीरज कुमार, जितेंद्र सिंह, रामरक्षा, अतुल शुक्ला, शमशेर आलम, धर्मेंद्र यादव, गुड्डू यादव, राजू सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अभियंता संघ के महासचिव प्रभात सिंह ने उत्पादन निगम के चेयरमैन एम देवराज को प्रेषित पत्र में लिखा है कि सुदूर अंचलों में स्थित ताप बिजली घरों में प्रदत्त वाहन कर्मचारियों के सैर सपाटे के लिए नहीं है बल्कि इनका प्रयोग सामान्य और आकस्मिक अनुरक्षण कार्य के लिए कई किमी दूर स्थित कॉलोनी से कर्मचारियों को लाने ले-जाने में किया जाता है। रात में बिजली घरों में किसी आकस्मिक आवश्यकता पर वाहन न होने पर अनुरक्षण कार्य के लिए कर्मचारी नहीं आ पाएंगे तो इससे बिजली उत्पादन ठप होने या प्रभावित होने की आशंका होगी। जवाहरपुर ताप विद्युत परियोजना से वाहन हटाने के बाद निर्माण की प्रगति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना निश्चित है। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया है कि वे तत्काल हस्तक्षेप करें जिससे आदर्श आचार संहिता के दौरान बिजली निगमों में प्रबंधन द्वारा किये जा रहे मनमाने आदेश रुक सकें।
विज्ञापन