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Sonebhadra News: अवैध खनन पर गहरी चोट, चार पट्टाधारकों पर जुर्माना, दो पट्टे निरस्त
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सोनभद्र। अवैध खनन पर शासन ने गहरी चोट की है। पिछले दिनों जिले में भ्रमण पर आईं खनन निदेशक डॉ. रोशन जैकब के निर्देश पर हुई जांच के बाद खनन निदेशालय ने चार पट्टाधारकों पर मोटा जुर्माना लगाया है। जुर्माना राशि जमा करने तक इन पट्टों पर खनन कार्य को प्रतिबंधित रखने का निर्देश दिया है। इसके अलावा दो पट्टों को निरस्त करते हुए नए सिरे से पट्टा करने को भी कहा है। इस कार्रवाई से खनन कारोबारियों में खलबली मच गई है।
खनन निदेशक के निर्देश पर पिछले दिनों निदेशालय के जांच दल ने जिले में इमारती पत्थर खनन पट्टा क्षेत्रों की जांच की थी। जांच दल की आख्या के आधार पर खनन निदेशक ने डीएम को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। इसके तहत स्वीकृत क्षेत्र के बाहर अवैध खनन पाए जाने के कारण बाबा इंडस्ट्रीज, गणेशाय इंटरप्राइजेज, सांई राम इंटरप्राइजेज व सुरेश चंद्र गिरी के पट्टाधारक पर जुर्माना लगाया गया है। निदेशालय स्तर पर परीक्षण में यह तथ्य स्पष्ट हुआ कि साईराम इंटर प्राइजेज के पक्ष में स्वीकृत खनन पट्टे की वार्षिक मात्रा 10000 घन मीटर प्रति हेक्टेयर है, जो जिले सोनभद्र में सामान्य रूप से उपलब्ध खनन योग्य मात्रा से अत्यधिक कम है। इससे जहां एक ओर शासन को राजस्व की क्षति हो रही है तो दूसरी ओर उस क्षेत्र में वृहद स्तर पर अवैध खनन की संभावना है। लिहाजा डीएम को निर्देशित किया है कि ऐसे समस्त पट्टा क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए उनके निरस्तीकरण की कार्रवाई तत्काल कराई जाए। क्षेत्र में उपलब्ध मात्रा का पुनः निर्धारण करते हुए विज्ञापन की कार्रवाई की जाय। पट्टाधारक सुरेश चंद्र गिरी के पक्ष में स्वीकृत खनन पट्टा क्षेत्र में खान सुरक्षा महानिदेशालय की ओर से सुधारात्मक कार्य के लिए खनन कार्य प्रतिबंधित होने के बाद भी अवैध खनन पाया गया। इस पट्टे को तत्काल निरस्त कर क्षेत्र में उपलब्ध मात्रा का पुनः निर्धारण कराकर टेंडर कराने का निर्देश खनन निदेशक ने दिए हैं। इसके अलावा चैंपियन ग्रुप आफ कांप्लेक्स और महाकाल इंटर प्राइजेज का पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र कई वर्षों से लंबित होने पर दोनों पट्टा क्षेत्रों के लिए निर्गत सहमति पत्र को तत्काल निरस्त करते हुए फिर विज्ञापन की कार्रवाई करने को कहा है।
नियमित अंतराल पर ड्रोन से होगा सर्वे
खनन निदेशक ने निर्देशित किया है कि जिले के समस्त खनन पट्टा क्षेत्रों की एक नियमित अंतराल पर जांच कराई जाय। जांच के लिए जिला खनिज न्यास निधि के माध्यम से ड्रोन का उपयोग किया जाय। जांच के बाद अगर किसी भी पट्टाधारक की ओर से अपने स्वीकृत क्षेत्र के बाहर अवैध खनन की पुनरावृत्ति की जाती है, तब जुर्माना लगाते हुए पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई तत्काल की जाय।
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खनन निदेशक के निर्देश पर पिछले दिनों निदेशालय के जांच दल ने जिले में इमारती पत्थर खनन पट्टा क्षेत्रों की जांच की थी। जांच दल की आख्या के आधार पर खनन निदेशक ने डीएम को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। इसके तहत स्वीकृत क्षेत्र के बाहर अवैध खनन पाए जाने के कारण बाबा इंडस्ट्रीज, गणेशाय इंटरप्राइजेज, सांई राम इंटरप्राइजेज व सुरेश चंद्र गिरी के पट्टाधारक पर जुर्माना लगाया गया है। निदेशालय स्तर पर परीक्षण में यह तथ्य स्पष्ट हुआ कि साईराम इंटर प्राइजेज के पक्ष में स्वीकृत खनन पट्टे की वार्षिक मात्रा 10000 घन मीटर प्रति हेक्टेयर है, जो जिले सोनभद्र में सामान्य रूप से उपलब्ध खनन योग्य मात्रा से अत्यधिक कम है। इससे जहां एक ओर शासन को राजस्व की क्षति हो रही है तो दूसरी ओर उस क्षेत्र में वृहद स्तर पर अवैध खनन की संभावना है। लिहाजा डीएम को निर्देशित किया है कि ऐसे समस्त पट्टा क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए उनके निरस्तीकरण की कार्रवाई तत्काल कराई जाए। क्षेत्र में उपलब्ध मात्रा का पुनः निर्धारण करते हुए विज्ञापन की कार्रवाई की जाय। पट्टाधारक सुरेश चंद्र गिरी के पक्ष में स्वीकृत खनन पट्टा क्षेत्र में खान सुरक्षा महानिदेशालय की ओर से सुधारात्मक कार्य के लिए खनन कार्य प्रतिबंधित होने के बाद भी अवैध खनन पाया गया। इस पट्टे को तत्काल निरस्त कर क्षेत्र में उपलब्ध मात्रा का पुनः निर्धारण कराकर टेंडर कराने का निर्देश खनन निदेशक ने दिए हैं। इसके अलावा चैंपियन ग्रुप आफ कांप्लेक्स और महाकाल इंटर प्राइजेज का पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र कई वर्षों से लंबित होने पर दोनों पट्टा क्षेत्रों के लिए निर्गत सहमति पत्र को तत्काल निरस्त करते हुए फिर विज्ञापन की कार्रवाई करने को कहा है।
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नियमित अंतराल पर ड्रोन से होगा सर्वे
खनन निदेशक ने निर्देशित किया है कि जिले के समस्त खनन पट्टा क्षेत्रों की एक नियमित अंतराल पर जांच कराई जाय। जांच के लिए जिला खनिज न्यास निधि के माध्यम से ड्रोन का उपयोग किया जाय। जांच के बाद अगर किसी भी पट्टाधारक की ओर से अपने स्वीकृत क्षेत्र के बाहर अवैध खनन की पुनरावृत्ति की जाती है, तब जुर्माना लगाते हुए पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई तत्काल की जाय।
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